एक्सक्लूसिव ABP: you will get that but you will have to pay extra

ABP: you will get that but you will have to pay extra

अनिल नायर,“हमने चलाना है उसको हमने उसको एक अलग तरीके से निकाल के..तोड़ हर चीज़ का होता है”  


कोबरापोस्ट - May 25, 2018

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ABP

गौतम दत्ता, ईस्ट ज़ोन मार्केटिंग हेडऔर अनिल नायर, मैनेजर (मेजर एकाउंट्स एड सेल्स), कोलकाता; राकेश कुमार, नेशनल हेड (एड सेल्स), एबीपी न्यूज़, नोएडा, उत्तरप्रेदश, वेंकटेश्वरन वी, (रेवेन्यू हेड), डिजिटल बिजनेस, एबीपी न्यूज़, नोएडा

एबीपी न्यूज़ का स्वामित्व एबीपी ग्रुप कर रहा है, प्रकाशन में ये ग्रुप शतक से महज़ तीन साल दूर है, तीन साल बाद ये ग्रुप प्रकाशन में अपने 100 साल पूरे कर लेगा। आनंदबाजार पत्रिका एबीपी ग्रुप का फ्लैगशिप है। बंगाली भाषा में एबीपी ग्रुप का दैनिक कोलकाता, नई दिल्ली, मुंबई और सिल्चर से एक साथ प्रकाशित होता है। Audit bureau of circulation यानी ABC के मुताबिक एबीपी ग्रुप के दैनिक का हर रोज़ 1.1 मिलियन कॉपियों का सर्कुलेशन है। आनंदबाजार पत्रिका के अलावा, ये ग्रुप टेलीग्राफ भी प्रकाशित करता है। जुलाई 1982 में स्थापित येअंग्रेजी अखबार कोलकाता, दक्षिण बंगाल, उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर संस्करण (गुवाहाटी विभाजन), झारखंड, पटना और भुवनेश्वर के लिए अलग-अलग संस्करण प्रकाशित करता है। टेलीग्राफ की हर रोज़ 466,001 प्रतियां बेची जाती हैं, इसमें कोई संदेह नहीं किटेलीग्राफ अखबार अंग्रेजी में पांचवां सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार है।

साल 1998 में स्टार इंडिया के साथ मिलकर एबीपी ग्रुप ने एक द्विभाषी शुरू किया था। जब सरकार ने भारतीय मीडिया में विदेशी निवेश को 26 प्रतिशत कर दिया था स्टार इंडिया ने एबीपी के साथ एक साझा उद्यम की शुरुआत की। हालांकि, 2012 में, स्टार इंडिया भारत में समाचार व्यापार से बाहर निकल गया और विभाजन के बाद हिंदी स्टार न्यूज एबीपी के अधीन आया और इस प्रकार इसे एबीपी न्यूज़ का नाम दिया गया। स्टार के बंगाली और मराठी न्यूज़ चैनल एबीपी के ही हिस्से में आ गए। जिसके बाद इन्हें नाम दिया गया एबीपी आनंदा और एबीपी माझा। इसके बाद एबीपी ग्रुप ने अपना एबीपी सांझा के नाम से पंजाबी और एबीपी अस्मिता नाम से एक गुजराती न्यूज़ चैनल भी शुरू किया।

एबीपी न्यूज़ के कोलकाता ऑफिस में पुष्प शर्मा की मुलाकात ईस्ट ज़ोन मार्केटिंग हेड दत्ता से हुई। जैसे ही पुष्प ने दत्ता को अपना एजेंडा बताना शुरू किया। इस मीटिंग में दत्ता के साथ एबीपी के मध्यप्रदेश और झारखंड के मार्केटिंग हेड अनिल नायर भी थे। इनके साथ एजेंडा पर बातचीत में पुष्प इन्हें बताते हैं कि चुनाव के दौरान उन्हें एबीपी न्यूज़ परहोने वाले पैनल डिस्कशन में उन्हें आक्रामक रहना है। इसपर दत्ता कहते हैं अभी तो नहीं बाद में बात करेंगे वो अभी से कैसे आपको बता सकते हैंलेकिन दत्ता के सहयोगी नायर पूछते हैं कि इलेक्शन के वक्त क्या चाहते हैं आप

पुष्प इन्हें बताते हैं कि आपको हमारे हिंदुत्व के एंजेडा को ध्यान में रखकर अभियान चलाना है इसपर नायर पुष्प को आश्वासन देते हुए कहते हैं कि ये सब उस time हो जाएगा... उस time की बात है वो कर लेंगेएजेंडा चलाने के लिए एबीपी के ये अधिकारी तैयार थे इसके बाद पुष्प इनसे पूछते हैं कि इस अभियान को चलाने के लिए वो क्या कीमत लेंगे, नायर बताते हैं कि उसमें सर आपको सीधे तीन हजार रुपये के आस-पास आएगा per ten seconds” पुष्प जब इनसे पूछते हैं कि क्या चुनाव के दौरान रकम बढ़ जाएगी तो नायर कहते हैं कि“देखो इलेक्शन के time पर अगर आप political चलाना चाहते हो तो उसका अलग rate है”

पुष्प कहते हैं कि हम आपके चैनल के साथ एक पारस्परिक समझ के तहत समझौता करना चाहता हैं ताकि चुनाव के दौरान चैनल पर होने वाले पैनल डिस्कशनमें आप हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को बर्बाद करने में मदद करें। हालांकि नायर रेट कार्ड को लेकर कुछ ज्यादा ही सजग दिखे ऐसे में पुष्प इन्हें सहज करते हुए कहते हैं कि हम जानते हैं कि अगर चुनाव में आपके चैनल पर रेट कार्ड अलग होंगे मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन मेरा एजेंडा चलना चाहिए बस। इसके बाद नायर आश्वसान देते हुए कहते हैं कि वो मैं करवा दूंगा सर.. वो मैं करवा दूंगा बेफिक्र रहिए..हम लोग चलाते रहते हैं छत्तीसगढ़ में क्योंकि बॉस को भी ये idea नहीं होता कि हम लोग वहां से कैसे convert करते हैं... कमी क्या है simply हमें ही करना है जो rate है लेकिन हमने चलाना है उसको हमने उसको एक अलग तरीके से निकाल के..तोड़ हर चीज़ का होता है

पुष्प कहते हैं हां मैं जानता हूं, इस तरह के असाइनमेंट करते समय उनकी टीम के उत्साह की सराहना करते हुए पुष्प नायर को बताते हैं कि यही हम चाहते हैं। नायर मीडिया अभियान को चलाने के लिए तैयार हो जाते हैं अब सुनिए नायर यहां क्या कहते हैं “Sir वो all depends upon the standing power …आप कितना standing कर रहे हैं उसके सामने उसमें वो चीज़ें चलती जाती हैं अब support की आपने मुझे ये बोला कि नौ बजकर 10 मिनट पर मुझे ये चीज़ चाहिए... you will get that but you will have to pay extra(वो आपको मिल जाएगा लेकिन आपको इसके लिए ज्यादा कीमत देनी होगी)इसके बाद वो दोबारा पुष्प को बताते हैं कि यदि आप ब्रेक के बाद अपना विज्ञापन चलाना चाहते हैं, तो आपसे अधिक premium लिया जाएगाअब आपने बोला कि जैसे ही पहला break आएगा जैसे break हुआमेरा पहला चलना चाहिए उसका premium बढ़ जाएगा

समाचार पत्रों को उनके पृष्ठ के अनुसार कैसे चार्ज किया जाता है इसका उदाहरण देते हुए नायर बताते हैं कि जैसे पेपरों में होता है front page premium pages होते हैं वो बिल्कुल वैसा ही होता है...everything is possible”

अब पुष्प नायर को अपने अभियान के अंतिम चरण के बारे में बताना शुरू करते हैं, पुष्प नायर को बताते है कि जैसे ही चुनाव नज़दीक आएंगे हम 2-3 महीने पहले ही हम अपने एजेंडा को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ उग्र तरीके से चलाएंगे जैसे कि हमारे विरोध किसानों जैसे मुद्दे उठाकर हमें नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे, तो ऐसे में हमारा आपके साथ एक साझा तालमेल होना चाहिए कि ऐसे में एबीपी न्यूज़ हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ investigative और document-based stories चलाए। इससे हमें बड़ा फायदा हो सकता है। अपने ग्राहक की जरूरतों को समझते हुए नायर आश्वासन देते हुए कहते हैं कि हां सर, वो सब हो जाता है सर लेकिन क्या है कि specifically आप पहले बोल के चलिएगा कि ये चीज़ चाहिए तो सब मना कर देगा... होने के बाद everything is possible

पुष्प कहते हैं कि चलो AFP (advertiser-funded programming) से शुरू करते हैं इससे हम आगे एक अच्छा समझौता कर सकते हैं। नायर पुष्प से उनका बजट जानने की कोशिश करते हैं और कहते हैं कि Understanding... पहले आप ये बताइए कि उनका बजट कितना है मुझे मालूम पड़े उसके हिसाब से मैं आपको guide कर दूंगा”पुष्प बताते हैं कि एबीपी न्यूज़ के लिए उनका 10 करोड़ का बजट है लेकिन वो इसे बढ़ा भी सकते हैं और चुनाव के दौरान वो अलग से और बजट निर्धारित करेंगे। लेकिन यहां पुष्प नायर को बताते हैं कि हमें आपके साथ एक समझौता करना होगा क्योंकि हमारे आश्रम के पास जो पैसा है वो donation का है लिहाजा हम payment cash में करेंगे। नायर को काला धन को cash के रूप में लेने में की परेशानी नहीं थी वो पुष्प को आश्वासन देते हैं कि वो मैं करवा दूंगा

पुष्प शर्मा की अनिल राय से एक और मुलाकात छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होती है। यहां पुष्प इन्हें बताते हैं कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ investigativestories लानेके लिए कुछ खोजी पत्रकार तैनात करें और इसके लिए वो अलग से पैसे देने को भी तैयार हैं इसपर नायर कहते हैं कि “हो जाएगा सर लेकिन अभी ध्यान रखिएगा धीरे-धीरे start होंगी चीजें...एकदम attack नहीं होगा.. धीरे-धीरे” इन सब बातों के जरिए नायर को एक बार फिर पुष्प के एजेंडा पर सहमत होते देखा गया।

हम अच्छी तरह से जानते थे कि अनिल नायर बहुत बड़ा नाम नहीं है, हालांकि कम महत्वपूर्ण नहीं है इसलिए पुष्प ने एबीपी न्यूज़ में निर्णय लेने वाले और उच्च अधिकारियों से मुलाकात कराने की बात कही। इसके बाद पुष्प की नायर से अगली मुलाकात दिल्ली में थी जहां वो नेशनल मार्केटिंग हैडराकेश कुमार के साथ थे। नायर ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को पुष्प के एजेंडा के बारे में पहले ही बता दिया था, ये भी बताया था कि एजेंडा का प्रमुख अंश हिंदुत्व है। पुष्प ने कहा कि वो चाहते हैं कि संघ के प्रमुख मोहन भागवत जहां भी जाएं एबीपी न्यूज़ पर उनकी कवरेज की जाए। हास्यास्पद बात ये है कि राकेश पूछते हैं कि क्या उन्हें बिना किसी कारण के, घटनाक्रम की कवरेज देने में कमी है। आप भी देखिए राकेश ने क्या कहा हम तो करते ही रहते हैं नहीं करते हैं कम है क्या... ऐसा लग रहा है कि कमी लग रही है आपको...एबीपी को चाहिए तभी तो support भी कर रहा है क्योंकि… you are so … actually तो अगर कम है तो बताएंपुष्प कहते है कि नहीं ये सही है, आप देखते हैं कि ऐसी चीजें हैं जो काले और सफेद रंग में रखी जाएंगी और बाकी के लिए हमें व्यापक समझ पर पहुंचना होगा।

राकेश अपने ग्राहक यानी की पुष्प से खुलकर बात करने के लिए कहते हैं सर आप हमें खुल के बोलें.. मैं आपसे खुल के बात कर रहा हूं..without any hiccup inside… trust me… and जो भी बातें होंगे वो इसी बंद कमरे की बातें हो रही हैं

पुष्प राकेश से कहते हैं कि उनके आश्रम को मोटा donation मिलता है लिहाजा वो चाहते हैं कि वो पैमेंट कैश में करें..और इसके अलावा हमारा हिंदुत्व का एजेंडा का खास ध्यान रखा जाए लेकिन समस्या ये है कि एबीपी न्यूज़ अक्सर हमारी विचारधारा को चोट पहुंचाता है। पुष्प की बात से चौंकन्ने होकर राकेश उनसे पूछते हैं कि ऐसी कोई घटना जो आपके ज़हन में हो। इस मुद्दे को चतुराई से देखते हुए, पुष्प कहते हैं कि पैनल चर्चाएं होती हैं, अगर आप हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों  को नीचा दिखाते हैं तो ये हमारे लिए बेहतर होगा। आप देखते हैं, ऐसी चर्चा मतदाताओं के बीच एक धारणा बनाने में मदद करती है। राकेशदोबारा जानने की कोशिश करते हैं और कहते हैं कि इसकी कोई भी घटना जो कि हमारे चैनल से मीडिया से आपको याद हो कोई जो देखा हो अगरपुष्प राजेश को बताते हैं कि अभिसार शर्मा और नेहा पंत जैसे आपके एंकर अक्सर अपने कार्यक्रम में हमारे खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हैं अगर आप इस संबंध में हमारी सहायता करने के लिए कुछ ध्यान देते हैं तो ये बेहतर होगा। राकेश कहते हैं कि फिलहाल हमारे जो दो व्यक्तियों के नाम बता रहे हैं ये दो आपके ज़हन में आ रहे हैं जो मतलब कहीं न कहीं पे...पुष्प कहते हैं बिल्कुल, आप मेरी बात समझ गए वो हमारे खिलाफ डटकर खड़े होते हैं चलो मुद्दे को ज्यादा detail में नहीं लेते पुष्प ये कहकर अपनी बात को आगे बढ़ाते हैं। आपको याद है नीमच में पुलिस ने जो गोलीबारी की थी, कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारी सरकारें अनजाने में ऐसी गलतियों करती हैं और चीजें नियंत्रण से बाहर होती हैं और फिर हमारे प्रतिद्वंदियों को हमेशा ऐसी घटनाओं से राजनीति करने का मौका मिल जाता है। पुष्प राकेश से पूछते हैं कि हमें बताएं कि आप इस तरह की घटनाओं को अपने चैनल पर कम रखने में हमें कैसे समर्थन कर सकते हैं।  राकेश कहते हैं कि तभी मैं आपसे पूछा राकेश पूरी तरह इस बात को समझ चुके थे कि पुष्प उनसे क्या चाहते हैं। जैसे जैसे बातचीत आगे बढ़ी राकेश ने सहयोगी नायर ने उन्हें बताया कि मैंने आपको प्रपोजल(proposal)भेजा था सर चार चीज़ें थीं बस ये चीज़ें और कुछ नहीं

राकेश पुष्प से जानना चाहते हैं कि उनके मीडिया अभियान का focus area कहां होगा, राकेश पूछते हैं किइसके अंदर में कहीं न कहीं हमारा focus area छ्त्तीसगढ़ और ओडिशा है या पूरे हिंदुस्तान के जो भी चीजें होती हैं

पुष्प इन्हें बताते हैं कि वो जानते हैं कि एबीपी न्यूज़ की पहुंच दूर तक है आपके सहयोगी नायर से पैसे और रेट कार्ड को लेकर हमारी पहले ही चर्चा हो चुकी है और अगर बजट बढ़ता भी है तो इसमें हमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि आपकी जांच दल हमारे प्रतिद्वंदियों के खिलाफ आक्रामक कहानियां भी करेगा। अगर आपकी टीमinvestigative stories लाती है तो यह निश्चित रूप से हमारी सहायता करेगी। तो, आइए पहले तीन महीनों के लिए AFP से शुरू करें और जैसे-जैसे हमारा रिश्ता आगे चलता है हम कुछ और भी कर सकते हैंलेकिन आपने हैदराबाद पर शासन करने वाले लोगों पर कोई तहकीकात नहीं की है! राकेश हमें बताता है कि वे यही करते हैंअगर ध्यान से देखिए तो उनके जो सबसे बड़े मसीहा जो सरदार बने फिरते हैं फिलहाल जो MP भी हैं उनके हम बहुत कपड़े फाड़ते हैं अगर कभी आपको observe करने का मौका मिला होगा तो हम लोग जब भी बुलाते हैं उनके बहुत कपड़े फाड़ते हैंपुष्प कहते हैं कि हां, आप जो कहते हैं वह सच है। लेकिन हमें अपनी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक समर्पित टीम की जरूरत है, जहां वे निवेश कर रहे हैं। उन नेताओं ने सरकारी योजनाओं से धन की चोरी करके सफलता हासिल की है। आप RTI के माध्यम से बहुत सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मेरा मतलब है कि आप पश्चिम बंगाल के लिए भी एक टीम तैनात कर सकते हैं।

पुष्प की बात पर सहमति जताते हुए राकेश इन शब्दों में लालू यादव को समझते हैं अब देखिए करने को तो कुछ चीजों को लालू प्रसाद यादव ने काफी ज्यादा highlight किया एक interesting सी चीज बताऊं आपको तो लालू प्रसाद यादव when he became Chief Minister …”पुष्प कहते हैं कि हांहम जानते हैं कि मीडिया ने उनके आस-पास धारणा कैसे बनाई और IB से कुछ मदद के साथ वह किया गया था। राजेश कहते हैं कि तभी मैंने आपसे बोला कि देखिए जहां तक मैं इस कंपनी को समझ पाया हूं कि this company actually carry huge journalistic values and I exactly precisely I told you(इस कंपनी में वास्तव में विशाल पत्रकारिता के मूल्य हैं और मैं बिल्कुल ठीक कहता हूं) कहीं न कहीं we are in proper divisions उस division का क्या काम है उनको अच्छी तरह से पता है

एबीपी न्यूज़ के इन अधिकारियों से बातचीत के बाद कोई संदेश नहीं है कि ये कैसे इस मौके को कैश करने में अपनी दिलचस्पी दिखा रहे थे।

इन लोगों से बातचीत खत्म होने के बाद, एबीपी न्यूज़ के मार्केटिंग केतीन वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल्ली के होटल में पुष्प शर्मा से मुलाकात की, जहां रेवेन्यू हेड (डिजिटल बिजनेस) वेंकटेश्वरन वी के साथ उनके वरिष्ठ और एबीपी न्यूज नोएडा कार्यालय के एक सहयोगी भीथे।चूंकि दोनों पार्टियां बिजनेस पर चर्चा करने के लिए बैठ जाती हैं, उनके बॉस पूछते हैंWhat is the message that you are thinking about(संदेश क्या है जिसके बारे में आप सोच रहे हैं)आप messageमतलब when do you … you are talking about(आप इस बारे में बात कर रहे हैं) … so just explain to me the thinking.(तो बस मुझे समझाओ)ये इनके बॉस ही है जो वेंकी के रूप में वेंकटेश्वर को पुष्प से मिलवाते है। पुष्प इन्हें बताते हैं कि मेरा एजेंडा हिंदुत्व का प्रचार है, पुष्प उन्हें भगवद् गीता और भगवान कृष्ण के उपदेशों के माध्यम से बताते हैं कि हम राजनीतिक लाभ के लिए अपने दर्शकों के बीच हिंदुत्व के बारे में सकारात्मक माहौल बनाना चाहते हैं और फिर हम अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को लक्षित(target) करना चाहते हैं।ये आगामी चुनाव आने के लिए संगठन की राजनीतिक रणनीति है। इसके बॉस पुष्प की बात को समझते हुए वेंकटेश्वर से अपने ग्राहक यानी पुष्प की मदद करने के लिए कहते हैं:ये हमारा एड सेल्सकाबॉसहैतोआप बताइये आचार्य जी को आप कैसे मदद कर सकते हैं पुष्प इन्हें बताते हैं कि वह एबीपी समूह के सभी प्लेटफार्मों पर अभियान लॉन्च करना चाहता है, चाहे वह एबीपी न्यूज, टेलीग्राफ या डिजिटल हो। जैसा ही चर्चा आगे बढ़ती है, वेंकी के बॉस कहते हैं“Alsosomethingelse,there is a different way in which this can be done(इसके अलावा कुछ और, एक अलग तरीका है जिसमें यह किया जा सकता है).”इसके बाद वेंकी के बॉस अपने सहयोगी अपने ग्राहक के लिए एक प्रपोजल तैयार करने के लिए कहते हैं। वेंकी पुष्प को आश्वासन देते हैं कि वो प्रप्रोजल बना देगा। आगे वेंकी कहते हैं कि एक तो articleरहेगा और दूसरा नॉर्मल advertisingरहेगा social message रहेगा यहाँ पर video generation का we can make video.”ये पुष्प को बताते है कि वीडियो संचार का सबसे बेहतर तरीका का जिसे देखकर अनपढ़ आदमी भी आपका संदेश समझ सकता है। इनके बॉस अपने सहयोगी से कहते है कि वो अपने ग्राहक (पुष्प) को प्रस्ताव भेजकर ये काम शुरू करें“… then let us just talk to Acharyaji and tell him what we can do with the videos, what you [Venky] can do with creatives. So the point is that the bunches thing you can do with the digital in the range, in terms of print, in terms of the … in terms of video, in terms of the … broadcast, for example, very powerful media. You can do all of that lets just begin the relationship.(तो आइए हम आचार्यजी से बात करें और उन्हे बताएं कि हम वीडियो के साथ क्या कर सकते हैं। आप [वेंकी] क्रिएटिव के साथ क्या कर सकते हैं। तो मुद्दा यह है कि प्रिंट के संदर्भ में, एकसीमा के अंदर में, डिजिटल के साथ आप क्या कर सकते हैं ... वीडियो के संदर्भ में ... प्रसारण, उदाहरण के लिए, बहुत शक्तिशाली मीडिया।आप यह सब कर सकते हैं बस रिश्ते को शुरू करते हैं।)इस छोटी सी मुलाकात के बाद वेंकी पुष्प से दोबारा इस डील को पक्की करने के लिए मिलते हैं, और इस काम के लिए वेंकी पूरी तैयारी के साथ आए थे। थोड़ी ही देर बाद वेंकी कहते हैं कि “So I just made a … hard hitting satire on PAPPU by creating a mock character against Pappu(तो मैंने अभी पप्पू के खिलाफ एक नकली चरित्र बनाकर पप्पू पर हास्य व्यंग्य के साथप्रहार करना है).”अभियान के पहले चरण में नरम हिंदुत्व पर काम करने के लिए सहमत होने के बाद वेंकी पुष्प को बताते हैं कि वे भगवद् गीता की उपदेशों के आधार पर वीडियो, लेख और अन्य सामग्री जैसे कंटेंट बनाएंगे। पुष्प वेंकी को बताते हैं कि वे पश्चिम बंगाल और seven sister states(जो पूर्वोत्तर है) के लिए एक विशिष्ट योजना बना रहे हैं, जिसके तहत वे ममता बनर्जी पर अटैक करना चाहते हैं। वेंकी इस विचार पर उछलकर कहते हैं कि “Right. So in these we can do that also(सही। तो इन में हम भी ऐसा कर सकते हैं). आप मेरे को बोलिए we want to use these particular articles or this particular video targeting Mamataji, we will create(हम इन विशेष लेखों या इस विशेष वीडियो का उपयोग ममताजी को लक्षित करने के लिए करना चाहते हैं, हम बनाएंगे).”जब पत्रकार उन्हें टेलीग्राफ के डिजिटल संस्करण के माध्यम से बंगाली दर्शकों में अपने अभियान को लक्षित करने के लिए कहता है, वेंकी हमें सूचित करता है कि यह एक अच्छा मंच नहीं होगा। लेकिन यह मदद कर सकता है, पुष्प इन्हें बताते हैं, अगर आप पप्पू की तरह ममता पर एकcaricature (कैरीकेचर) बनाते हैं। वेंकी सहमति जताते हुए कहते हैं कि “We will, we will that was my idea.”इसी तरहआप हमारे गठबंधन सहयोगियों जैसे अनुपिया पटेल और उपेंद्र कुशवाह को भी लपेट सकते हैं, ताकि वे हमारी सरकार के लिए उत्साहित न हों। फिर, मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी हैं। उन्हें भी इस तरह से समेटने की जरूरत है, क्योंकि मेनका अपने बेटे के लिए मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षा रखती हैं। जैसे-जैसे पुष्प अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों की इस सूची पर एक-एक करके चर्चा करते हैं, उसी तरह जवाब में वेंकी भी"हां", "निश्चित"और"ठीक" कहकर जवाब देते हैं। पुष्प की बात सुनते ही वेंकी पूछते हैं कि क्या आपका मतलब अरुण जेटली से है?  पुष्प इन्हें बताते है कि हाँ, क्यों नोटबंदी एक खराब कदम था जिसकी वजह से पार्टी की छवि खराब हुई और इनकी जेबें भर गईं। फुसफुसाते हुए वेंकी "ठीक है" कहकर जवाब देते हैं। वेंकी कहते हैं, "और यहां तक ​​कि हम अपने लोगों को भी लक्षित कर रहे हैं जिनके पास बड़ी आकांक्षा है।"पुष्प कहते हैं कि हां बिल्कुल, ठीक समझा आपने।

जब पुष्प इनसे कहते है कि उन्हें विज्ञापन चलाने के लिए इनके प्लेटफॉर्म पर एकाधिकार चाहते हैं। ताकि एबीपी न्यूज़ के किसी भी प्लेटफार्म पर इनके प्रतिद्वंदी अपने विज्ञापन ना चला सकें। इसके लिए पुष्प 200 दिनों के लिए 100 करोड़ के बजट का भी प्रस्ताव रखते हैं। जिसमें एंजेडे का डिजिटल प्रमोशन भी शामिल है। वेंकी आश्वासन देते हुए कहते हैं कि  “You would be present during this time for complete fix 24 hours(आप के 24 घंटे फिक्स इस समय के दौरान उपस्थित होंगे)कोई और एड नहीं देगा

इसके बाद पुष्प कहते है कि हमारा जितना भी कंटेट जाएगा वो सब तिंरगे के रंगों में बैकग्राउंड के साथ जाएगा। इस पर वेंकी कहते हैं कि तो पप्पू वाली और बाकी जो satire है ये तो I can communicate ideally I would suggest editor mind से नहीं करते ये creative editorial or video के through करते हैं आगे वेंकी सुझाव देते  हैं कि और अगर hard hitting advertisement करेंगे तो बोल नहीं सकते की ये मज़ाक कर रहे है पुष्प इन्हें बताते है कि यही उन्हें नहीं करना है।

आगे पत्रकार उन्हें बताते हैं कि वो 1947 में भारत की स्वतंत्रता समेत भारत के सात महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को दर्शाने वाले सात वीडियो बनाना चाहते हैं, जैसे- भारत ने विभिन्न युद्धों को लड़ा, विरोधी मंडल आयोग आंदोलन, बाबरी मस्जिद विध्वंस और 2002 के गोधरा दंगे। इसपर अपनी सहमति जताते हुए वेंकी कहते हैं कि  “So I am indicating seven videos on the history of India from 1947.”अपने इरादे को अपने ग्राहक को स्पष्ट करते हुए पत्रकार उन्हें बताता है कि इससे चुनाव परिदृश्य को ध्रुवीकरण में मदद मिलेगी। वेंकी इसका “Perfect”कहकर जवाब देते हैं। पुष्प की वेंकीके साथकई अजीब बातों पर चर्चा हुई और इन्हें बताया गया कि ये अभियान एबीपी के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर कैसे काम करेगा, लेकिन हैरत की बात ये है कि बजाए पुष्प के एजेंडे पर एतराज जताने के वेंकी उन्हें इस एजेंडे को चलाने का आश्वासन दे देते हैं। और इसी आश्वासन के साथ पुष्प इस मीटिंग को यहां खत्म कर देते हैं।

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