एक्सक्लूसिव RADIO ONE: हां ठीक समझा आपने हम ऐसा कर सकते हैं

RADIO ONE: हां ठीक समझा आपने हम ऐसा कर सकते हैं

आनंदा नंदी,"तो हम कर सकते हैं। यह समस्या नहीं होनी चाहिए। केवल एक चीज है कि हमें अप्रूवल लेना है। हम अप्रूवल लेंगे। तो आपके लिए राजनीतिक अभियान हमेशा चलाते हैं।"  


कोबरापोस्ट - May 25, 2018

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नम्रता नागराज, असिस्टेंट सेल्स मैनेजर और आनंदा नंदी, असिस्टेंट जनरल मैनेजर (सेल्स), रेडियो वन बैंगलुरू; संजोग कुमार, सीनियर सेल्स मैनेजर, रेडियो वन, दिल्ली

94.3 रेडियो वन ने नेक्स्ट रेडियो लिमिटेड द्वारा अगली मीडियावर्क लिमिटेड और बीबीसी वर्ल्डवाइड होल्डिंग्स बी.वी द्वारा प्रचारित एक दशक पहले लॉन्च किया था, रेडियो वन भारत का एकमात्र रेडियो नेटवर्क है जो तीन सबसे बड़े शहरों में अंग्रेजी भाषा कार्यक्रमों का प्रसारण करता है मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर, जबकि बाकी हिंदी भाषा कार्यक्रम प्रसारित करते हैं। नेक्स्ट रेडियो एफएम प्रसारण में शामिल होने वाले पहले निजी रेडियो स्टेशन में से एक था और दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलोर, पुणे और अहमदाबाद जैसे शीर्ष सात शहरों में प्रीमियम एफएम ब्रांड के रूप में रेडियो वन की स्थापना हुई। रेडियो वन की असिस्टेंट जनरल मैनेजर कहती हैं कि “See the last campaign which was election where Modi did the campaign I think it was the highest largest ever political campaign we have ever done.” (आखिरी अभियान देखें जो चुनाव था जहां मोदी ने अभियान किया था, मुझे लगता है कि यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक अभियान था।)

यह देखना दिलचस्प है कि वरिष्ठ पत्रकार पुष्प शर्मा ने नंदी और उनके सहयोगी नम्रता नागराज के इंटरव्यू में रेडियो वन बैंगलोर कार्यालय की कलई खोलकर रख दी। यहां, शर्मा पहले नागराज से मिले, जो रेडियो वन के साथ असिस्टेंट सेल्स मैनेजर यानी सहायक बिक्री प्रबंधक के रूप में काम कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि बीबीसी पार्टनर विज्ञापन अभियानों को स्वीकार करते समय नैतिक तरीके से व्यवहार करता है या नहीं। हालांकि, इस बैठक में कुछ मिनटों के दौरान दुनिया भर में मशहूर बीबीसी जैसे संगठन की मंशा को सवालों में खड़ा कर दिया।

जैसे ही शर्मा अपने एजेंडे के बारे में बताते हैं, वो उन्हें बताते हैं कि उनके अभियान को आगामी चुनावों में लक्षित किया गया है। वो इस रेडियो स्टेशन के जरिए हिंदुत्व को बढ़ावा देना चाहते हैं। तो, क्या आपने कभी अपने रेडियो स्टेशनों पर ऐसे अभियान चलाए हैं?

नागराज कहते हैं कि “Campaign we have, so we regular campaign we do we can just …” (हमारे पास अभियान है, इसलिए हम नियमित अभियान करते हैं जो हम कर सकते हैं) पुष्प इनसे कहते हैं कि ऐसे अभियान विज्ञापनों के रूप में किए जाने चाहिए? जवाब में नागराज कहते हैं : “Yeah, you can do a commercial on our station and if we have any property maybe you can give your tagline thing ʻBrought to you byʼ or ʻPowered byʼ and then your company’s name.” (हाँ, आप हमारे स्टेशन पर एक विज्ञापन कर सकते हैं और आप अपनी टैगलाइन या फिर आपकी कंपनी का नाम दे सकें।) उसका संदेश स्पष्ट है।

पुष्प पूछते हैं कि आपका मतलब है कि हम अपने एजेंडा को विज्ञापन के तौर पर चलाएं। नागराज कहते हैं कि Yeah, commercial” (हां विज्ञापन) पुष्प इन्हें बताते हैं कि फिलहाल इनके पास एक भी विज्ञापन तैयार नहीं है। तो क्या आप हमें कोई थर्ड पार्टी के बारे में बता सकते हैं जो हमारे लिए ये काम कर सके। नागराज कहते हैं कि “No, no, we only do everything. You just have to give me brief what exactly you want to promote on air.” (नहीं, नहीं, हम सबकुछ करते हैं। आपको बस मुझे संक्षेप में देना होगा कि आप वास्तव में on air प्रचार करना चाहते हैं।) इसी बीच नागराज के वरिष्ठ सहयोगी आनंदा नंदी मीटिंग में आ जाते हैं। आनंदा नंदी पुष्प को कहती हैं कि “See you can create some humorous spots,”(देखें कि आप कुछ हास्य स्पोट्स बना सकते हैं) बस वो direct नहीं होना चाहिए। आगे नंदी बताते है कि वो कितने फायदे के हो सकते हैं। वो कहते हैं कि “आप नाम का उपयोग नहीं कर सकते हैं लेकिन आप हमेशा समान नाम का उपयोग कर सकते हैं... हाँ, लेकिन निश्चित रूप से श्रोताओं को यह समझ आए कि आप इस व्यक्ति को लक्षित कर रहे हैं पुष्प पूछते हैं कि क्या आप आज तक पर चलने वाले “so sorry” जैसे हास्य और व्यंगात्मक तरह के पैकेज की बात कर रहे हैं जवाब में नंदी कहते हैं “हां ठीक समझा आपने हम ऐसा कर सकते हैं। हम हमेशा अपने प्रतिद्वंदियों पर अभिनव तरीके से इसे कर सकते हैं और हास्य का उपयोग करना एक ऐसा निश्चित तरीका है।

पुष्प इनसे पूछते हैं कि क्या यह आपकी संपादक टीम इसे स्वीकार करेगी? नंदी को इसके साथ कोई समस्या नहीं है क्योंकि वह कहता है: "तो हम कर सकते हैं। यह समस्या नहीं होनी चाहिए। केवल एक चीज है कि हमें अप्रूवल लेना है। हम अप्रूवल लेंगे। तो आपके लिए राजनीतिक अभियान हमेशा चलाते हैं।" पुष्प इनसे कहते हैं कि जब हमने अपने अभियान के लिए पूरी स्लॉट खरीदी है, तो हमें बताया गया है कि ऐसे में हमारे प्रतिद्वंदियों में से कोई भी उस स्लॉट में जगह नहीं लेता है। इसपर नंदी "ठीक है, ठीक है। उस तरह!" कहकर अपनी सहमति जताते हैं।

पुष्प इनसे पूछते हैं कि क्या आपने कभी पहले ऐसे अभियान किए हैं? जवाब में नंदी कहते हैं कि "आखिरी अभियान देखें, जहां चुनाव हुआ जहां मोदी ने अभियान किया था, मुझे लगता है कि यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक अभियान था।"

जब नागराज और नंदी ने पत्रकार को आश्वासन दिया कि उनका एजेंडा रेडियो वन पर प्रचारित किया जाएगा, रेडियो वन दिल्ली में उनके सहयोगी संजोग कुमार बीजेपी एकोलिट बन गए और जब उन्हें अपने ग्राहक यानी पुष्प के मकसद के बारे में पता चला तो वह तुरंत वह करने के लिए सहमत जिसके लिए पूछा जा रहा था। अब पुष्प इन्हें बताते हैं कि वह कैसे चाहते हैं कि उसका हिंदुत्व एजेंडा मतदाताओं पर दो प्रकार के जिंगल्स के माध्यम से पहुंचाया जाए। जिंगल्स का एक सेट भगवद् गीता और भगवान कृष्ण के श्लोक का होगा जबकि जिंगल्स के दूसरे सेट में, उन्हें बिना नाम दिए प्रतिद्वंदियों पर हिट करने के लिए राजनीतिक व्यंग्य बनाना होगा। पहला सेट हिंदुत्व की तरफ मतदाताओं को आकर्षित करने का काम करेगा और दूसरा सेट विपक्षी दल को झुकाने में मदद करेगा।

बीजेपी के साथ अपने सहयोग का खुलासा करते हुए संजोग सुझाव देते हैं कि correct- correct- correct मतलब I have been associated with BJP guys past two years (ठीक ठीक ठीक है मैं पिछले जो साल से बीजेपी से जुड़ा हुआ हूं) चार साल जबसे Delhi election तब से तो हम लोग जब जाते थे मीटिंग 11 अशोक रोड़ तो वहां भी हमको ये ही मिलता था कि message boss मुझे बस हिट करना है दिमाग पे..बीजेपी, बीजेपी, बीजेपी मुझे कोई भी ऐसा … type political statement नहीं बोलना जिसे बंदा सुनके… offensive ना हो ना मैं किसको condemn करूं बस मैं अपने बारे में बताऊंगा

पुष्प इनके विचारों की सरहना करते हुए कहते है कि ये बिल्कुल सही तरीका होगा और इस तरीके से हम अपने हिंदूवादी अभियान को ज्यादा बेहतर तरीके से चला सकते हैं। पुष्प कहते हैं कि बेशक उनका अभियान संघ द्वारा चलाया जा रहा हो लेकिन इसमें कहीं भी संघ का नाम नहीं आना चाहिए इसलिए हम श्रीमद् भगवत गीता प्रचार समिति को आगे करके ये अभियान चला रहे हैं। इसपर सहमति जताते हुए संजोग ठीक है ठीक है में जवाब देते हैं।

पुष्प आगे इनसे कहते हैं कि हमारे एजेंडा का मकसद हमारे विचारों को आगे लाना तो है ही साथ ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को झुकाना भी है। वो भी उनका नाम लिए बगैर। व्यंगात्मक तरीके से उनके उपनाम का सहारा लेकर। संजोग पूछते है कि “मैं कैसे पता लगा सकता हूं, क्या मेरे पास कुछ नाम हो या पॉइंटर्स या संक्षिप्त प्रकार की चीजें होंगे। ताकि मुझे पता लग सके कि किस political rival को क्या उपनाम देना है

कांग्रेस, जनता दल, समाजवादी पार्टी और बीएसपी हमारे प्रतिद्वंदी हैं, और आप जानते होंगे कि ये प्रतिद्वंदियों बहुत सारे भ्रष्टाचार में शामिल रहे हैं। अगर आपके RJ लोगों के बीच हमारा संदेश प्राप्त करने के लिए उनके चारों ओर एक मजेदार माहौल बनाते हैं। संजोग जवाब देते हैं “ये सब creative..ठीक है ठीक है

पुष्प पूछते हैं कि मैं उम्मीद करता हूं आपको मेरे एजेंडा की सारी बातें समझ आ गई होंगी। संजोग हां में जवाब देते हुए कहते हैं कि “उन्हें आज तक पर प्रसारित होने वाले ‘so sorry’ जैसे किसी पेटर्न पर जाना होगा

पुष्प एक बार फिर दोहराते हैं कि मेरे एजेंडा का पहला बिंदु हिंदुत्व का प्रचार है, अब, आपके द्वारा बनाए जाने वाले creatives में गीता से श्लोक होने चाहिएं और इसे पांच सेकंड के भीतर लक्षित दर्शकों के बारे में समझा जाना चाहिए और फिर इसे हमारे प्रतिद्वंदियों के कुकर्मों से जोड़ना चाहिए, ताकि लोग ऐसे क्रिएटिव वितरित संदेश से कनेक्ट हो सकें। यह स्पष्ट है कि संजोग एजेंडा को बहुत अच्छी तरह समझ चुके हैं, जैसा कि वे कहते हैं: "हम, हमें व्यापक रूप से आपका एजेंडा समझ आ गया है।"

आगे संजोग फिर दोहराते हैं कि हिंदुत्व packaging श्रीमद् भगवत गीता के umbrella में second direct hit नहीं करना है मुझे … packaging कर देना है

पुष्प उन्हें कहते हैं कि ठीक समझे आप लेकिन आपको ये काम अभिनव तरीके (innovative way) से करना होगा। अपने ग्राहक पुष्प से creative पर चर्चा करते हुए संजोग कहते हैं कि So I will have to find(तो मुझे ये निकालना होगा) इसका मुझे ये आप जो creativeदोगे इससे मुझे बड़ी help मिलेगी अभी नहीं मैं जब भी आप दोगे इसके basis पे मैं एक brief निकाल लूंगा क्योंकि मेरा जो बंदा है artist है उसको मेरे को brief देना पड़ेगा। I will make him listen them seriously he will figure out (मैं ये उसको ध्यानपूर्वक सुनाऊंगा तब उसकी समझ में आएगा) कि क्या है and quote लेकर के काम करना है got it (समझ आया)

जब उनके संभावित ग्राहक पत्रकार ने उन्हें अभियान को संभालने के लिए कहा, संजोग इन शब्दों में अपकी निष्ठा प्रकट करता है: As a client (एक ग्राहक होने के नाते) बीजेपी मैं अपने पास ही रखता था  I believe in those Hindutva.(मुझे हिंदूत्न पर भरोसा है)

पुष्प इनसे मांग करते हुए कहते हैं कि आप यह सुनिश्चित करें कि स्लॉट खरीदे जाने के बाद रेडियो वन पर हमारे प्रतिद्वंदियों के अभियानों को कोई भी स्थान नहीं दिया जाएगा, संजोग सहमति जताते हुए कहते है कि आने वाले चुनाव में इस अभियान से कैसे बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचने वाला है। हां obviously जब एक नाम फर्क तो पड़ता हैबिल्कुल पड़ता है BJP के campaign जितने भी किए हैं मैंने उसमें जो last के चार दिन पांच दिन... इतनी भयंकर advertisement हर ब्रेक खत्म था, हर ब्रेक में दो दो spot open and close it was great strategy… strategy बहुत अच्छी थी  no doubt पैसा डाला उसका result मिल गया

बैठक खत्म होने से पहले, पत्रकार संजोग से आश्वासन मांगते हैं कि अपने एजेंडे को आवश्यक संपादकीय समर्थन देने के दौरान, रेडियो वन भी टीडीपी जैसे गठबंधन सहयोगियों को कोई वेटेज नहीं देगा जिन्होंने अब केंद्र में सरकार को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया है।

इस मोटी डील को लपकने के लिए संजोग ना केवल ऐसा करने के लिए तैयार हो जाते हैं बल्कि अपने ग्राहक पुष्प को कहते हैं कि वो रेडियो वन के लिए कुछ दिशानिर्देश भेजें ताकि जैसे वो चाहते हैं कार्यालय द्वारा ऐसा ही हो सके।

सौदा करने के लिए खुद को पीछे छोड़ने के अपने उत्साह में, संजोग न केवल ऐसा करने के लिए परेशान है बल्कि क्लाइंट से पत्रकार से पूछता है कि वह रेडियो वन के लिए दिशानिर्देश भेज सके। बिल्कुल नहीं देंगे सर। आप in fact एक guidelines करना अगर आपकी समझ में आए तो मैं आपको अभी एक mail drop कर दूंगा। test mail आपके पास ID पुरानी वाली वरना पता नहीं कहां ढूंढोगे आप और उसी तरह की guidelines भी डाल दीजिएगा आप तो क्या होगा मैं  internal all India में सबको भेज दूंगा

और इसी आश्वासन के साथ पुष्प और संजोग की मुलाकात खत्म हो जाती है। गौरतरब है कि मुलाकात के दौरान जो बातें सामने आई उन्होंने रेडियो वन की हकीकत को सामने ला दिया।

हमारे प्रश्नों के जवाब में RADIO ONE की तरफ से कहा गया कि वो GOPA अनुबंध के तहत सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, “किसी निजी FM रेडियो स्टेशन को धर्म और सांप्रदायिक मुद्दों से संबंधित किसी सामग्री या विज्ञापन जारी करने की अनुमति नहीं है” के इन नियमों का पालन हर समय करते हैं और यहां तक ​​कि अगर किसी भी पार्टी द्वारा पूछताछ/प्रसारण करने के लिए संपर्क किया गया है  तो हमने बिना किसी हिचकिचाहट के इनकार कर दिया है। रेडियो स्टेशन 94.3 रेडियो वन ने देश के किसी भी शहर में ऐसे किसी सामग्री को रेडियो पर प्रसारित नहीं किया है।

इनकी पूरी प्रतिक्रिया पढ़ने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर click कर सकते हैं।

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