Wednesday 19th of December 2018
उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्यप्रदेश में भी किसानों के साथ मजाक
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उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्यप्रदेश में भी किसानों के साथ मजाक

ndtv |
September 21, 2017

उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्यप्रदेश में किसानों के साथ भद्दा मजाक किया गया। यहां किसानों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर 4-5 रुपये मुआवजा दिए जाने का मामला सामने आ रहा है।


उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्यप्रदेश में किसानों के साथ भद्दा मजाक किया गया। यहां किसानों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर 4-5 रुपये मुआवजा दिए जाने का मामला सामने आ रहा है। किसी को 4 रुपये तो किसी को 17 रुपये का मुआवज़ा मिला वह भी उस ज़िले में जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फसल बीमा की शुरुआत की थी।

फरवरी 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्यप्रदेश के सीहोर आए थे। फसल बीमा के नाम पर बड़ा घोषणा किया गया था कि अगर एक भी किसान को नुकसान हुआ तो उसे भी मुआवजा मिलेगा। पीएम ने कहा कि यह योजना किसानों की सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि इस योजना में अगर फसल बोने के बाद बारिश होती है और वह बर्बाद होता है, तो भी मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा था कि जो लोग मोदी को किसान विरोधी बताते है, वे भी इस योजना की आलोचना का साहस नहीं कर सके। इस घोषणा के बाद किसान खुश हुए बीमा खरीदा, प्रीमियम भरा, लेकिन नतीजा निराशाजनक रहा। तिलाड़िया के उत्तम सिंह के दो एकड़ के खेत में सोयाबीन की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी। मुआवज़े में उन्हें मिले 17.46 रुपये, प्रीमियम भरा था 1342 रुपये का।

बादामी लाल को 4.70 रुपए बीमा दावे के तौर पर मिले। सीहोर जिला के तिलारिया और रेहटी क्षेत्र के 168 किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाने की वजह से 9863 रुपये की बीमा राहत दी गई है। सबसे अमीर नीला बाई रहीं जिन्हें 194 रुपए 24 पैसे मिले है। कार्यक्रम का आयोजन कर उन्हें जो सर्टिफिकेट बांटे गए, उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फोटो भी है। 22 एकड़ जमीन पर खड़ी सोयाबीन की फसल पूरी तरह चौपट होने पर 194 रुपये का क्लेम मिला। जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने 5,220 रुपये का प्रीमियम भरा था।

पूरे मामले राज्य के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन मुआवजे के मजाक पर योजना और थ्रेशहोल्ड की परिभाषा समझाने लगे। सरकार कह रही है दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। मध्यप्रदेश सरकार के प्रवक्ता डॉ हितेश बाजपेई ने कहा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हमेशा किसानों की फिक्र करते है, जो लोग 4 रुपये, 5 रुपये के चेक पर हस्ताक्षर करते है उन्हें भी सोचना चाहिये। कुछ लोग मिलकर पूरी योजना की बदनामी कर रहे है।

उधर कांग्रेस का आरोप है कि सरकार को सिर्फ अपने फायदे की फिक्र है। कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा किसानों के साथ सरकार भद्दा मजाक कर रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बार बार कहते रहते है, वो खेती को लाभ का धंधा बनाना चाहते है, लेकिन हकीकत में किसानों के नुकसान तक की भरपाई भी नहीं हो पा रही है।


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