Wednesday 18th of September 2019
प्रेस विज्ञप्ति: कोबरापोस्ट का खुलासा: ऑपरेशन कराओके
एक्सक्लूसिव

प्रेस विज्ञप्ति: कोबरापोस्ट का खुलासा: ऑपरेशन कराओके

असित दीक्षित और उमेश पाटिल |
February 19, 2019

कोबरापोस्ट की खोजी पड़ताल ने “ऑपरेशन कराओके”में बॉलीवुड मनोरंजन जगत की तीन दर्जन नामचीन हस्तियों को बेनकाब किया है। पैसों के लिए राजनीतिक दलों का सोश्ल मीडिया पर प्रचार करने के लिए ये हस्तियाँ रजामंदी थी। देश के नामी गिरामी गायक, कमेडियन और अभिनेता इन हस्तियों में शामिल है।



नई दिल्ली (19 फ़रवरी 2019): जरा सोचिए, आप किसी बॉलीवुड स्टार के ज़बरदस्त फैन हैं। फेसबुक, ट्विटर और इन्स्टाग्राम के जरिये उससे जुड़कर आप यह जानना चाहते हैं वो स्टार क्या कह रहा है, किसी मुद्दे पर उसकी क्या राय है। अब सोचिए, आपका वो चहेता स्टार गुपचुप पैसे लेकर किसी पार्टी के अजेंडे को आगे बढ़ा रहा हो तो क्या हो। ऑपरेशन कराओके आज आपको यही दिखाने जा रहा है किस तरह मनोरंजन जगत के नामी-गिरामी सेलिब्रिटीज पैसे लेकर किसी भी राजनीतिक दल का प्रचार सोशल मीडिया पर कर सकते हैं।

पैसे के लिए सोश्ल मीडिया पर किसी भी पार्टी का प्रचार करने के लिए तैयार जरा इन सेलिब्रिटीज के नामों पर गौर तो कीजिये। ये हैं प्लेबैक सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य, कैलाश खेर, मीका सिंह, बाबा सहगल, अभिनेता जैकी श्रॉफ, शक्ति कपूर, विवेक ओबेरॉय, सोनू सूद, अमीषा पटेल, महिमा चौधरी, श्रेयस तलपड़े, पुनीत इस्सर, सुरेंद्र पाल, पंकज धीर और उनके पुत्र निकितिन धीर, टिस्का चोपड़ा, दीपशिखा नागपाल, अखिलेन्द्र मिश्रा, रोहित रॉय, राहुल भट, सलीम ज़ैदी, राखी सावंत, अमन वर्मा, हितेन तेजवानी और उनकी पत्नी गौरी प्रधान, एवलीन शर्मा, मिनिषा लाम्बा, कोइना मित्रा, पूनम पांडेय, सनी लेओने, कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, सुनील पाल, राजपाल यादव, उपासना सिंह, कृष्णा अभिषेक, विजय ईश्वरलाल पवार यानि वीआईपी, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य और डांसर-एक्टर संभावना सेठ।

कोबरापोस्ट के रिपोर्टर असित दीक्षित और उमेश पाटिल ने एक छद्म पीआर एजेंसी के प्रतिनिधि बनकर इन सेलिब्रिटीज से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में कोबरापोस्ट रिपोर्टर ने  अपना अजेंडा बताया: आपको अपने फेसबुक, ट्विटर और इन्स्टाग्राम अकाउंट के जरिये एक राजनीतिक पार्टी को प्रोमोट करना है ताकि आने वाले 2019 के चुनावों से पहले पार्टी के लिए माकूल माहौल तैयार हो सके। हम आपको हर महीने अलग-अलग मुद्दों पर कंटैंट यानि सामाग्री देंगे, जिसे आप अपने शब्दों और शैली में लिखकर अपने फेसबुक, ट्विटर और इन्स्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट करेंगे। आपके और हमारे बीच आठ-नौ महीने का एक दिखावटी करार होगा। यही नहीं जब पार्टी किसी मुद्दे पर घिर जाए तो आपको ऐसे मौकों पर पार्टी का बचाव भी करना होगा। इस स्टोरी में कई महीने का समय लगा है इस कारण वीडियो प्रॉडक्शन में सेलेब्रिटीज की सोश्ल मीडिया में लोकप्रियता के आंकड़े पुराने है। लेकिन वैबसाइट पर प्रिंट स्टोरी में हमने 11 फ़रवरी 2019 तक के अपडेट आंकड़े दिए है।

आप यही सोच रहे होंगे कि ऐसा सुनकर इन नामी-गिरामी कलाकारों ने हमें बाहर का रास्ता दिखा दिया होगा। आप ही की तरह हमें भी उतनी ही हैरानी हुई जब इन सेलिब्रिटीज ने हमारी सारी शर्तें मान ली। चाहे वो भारतीय जनता पार्टी हो, काँग्रेस हो या आम आदमी पार्टी हो, इन्हें किसी भी पार्टी के लिए सोश्ल मीडिया पर प्रॉक्सि-प्रमोशन यानि छद्म-प्रचार करने से कोई गुरेज नहीं था, बशर्ते उन्हें मनमाफ़िक पैसा मिल जाये। सो किसी ने एक महीने में एक मैसेज के लिए दो लाख तो किसी ने ढाई करोड़ रुपये मांगे, यानि आठ महीने के कांट्रैक्ट के लिए 20 करोड़ रुपये। एक-दो कलाकारों को छोड़ सभी सेलिब्रिटीज को अपनी फीस का एक बड़ा हिस्सा कैश में लेने से कोई गुरेज नहीं था। दूसरे शब्दों में उन्हें काले धन से कोई आपत्ति नहीं थी। हैरत की बात ये है कि इनमें से कुछ कलाकारों ने नोटबन्दी की जमकर तारीफ की थी जिसका उद्देश्य काले धन पर लगाम लगाना था।

कुछ कलाकरों को अपने सोश्ल मीडिया अकाउंट से कॉंग्रेस के नेता राहुल गांधी की खिल्ली उड़ाने से भी कोई ऐतराज नहीं था। कोबरापोस्ट ने इन celebrities को ईमेल के जरिए कुछ प्रश्न भी भेजे थे ताकि हम उनका पक्ष जान सके। हमारी वेबसाइट पर आप इनका जवाब पढ़ सकते है। जैसे जैसे हमें अन्य celebrities से उनके जवाब मिल जाएंगे हम उन्हें भी वेबसाइट पर पोस्ट कर देंगे।       

इस तहक़ीक़ात के दौरान कोबरापोस्ट की टीम ने दर्जनों सेलिब्रिटीज से मुलाक़ात की। हम उन तक कुछ दलालों के जरिये पहुंचे जिन्हें मनोरंजन उद्योग की ज़ुबान में कोऑर्डिनेटर कहा जाता है। कुछ मामलों में हमें इन कलाकारों ने भी मदद की। जैसे महाभारत में गुरु द्रोण का किरदार निभाने वाले सुरेन्द्र पाल ने हमें दुर्योधन पुनीत इस्सर से मिलवाया, पंकज धीर ने अपने पुत्र को हमारे इस सोश्ल मीडिया कैम्पेन से जुडने को कहा, तो वहीं हितेन तेजवानी ने अपनी पत्नी गौरी प्रधान से हमारी मुलाक़ात कारवाई।

ज़्यादातर celebrities ने पैसों को लेकर मोलभाव किया। बातचीत में जब पैसों की बात आती है तो एक्टर महिमा चौधरी कहती है, “BJP? BJP तो कुछ भी दे सकती है? They can give 1 crore a month”. कुछ इसी तरह हर महीने 15 मैसेज के लिए 1.5 करोड़ की फीस पर सोनू सूद राजी नहीं थे और बोले, “देखो मेरा ऐसा मानना है कि हम ना मैं seriously करूंगा 5 भी हो सकते हैं मैं 7 भी हो सकते है my messages will be very very strong and nice मैं उसमें कोशिश करेंगे कि 5 नहीं बोले आज 4 ही करें हैं हाँ एक किसी ने और किया मैंने repeat करके उसका जवाब दे दिया for example ठीक है तो वो सब करेंगे मैं एक आध का but I feel कि जो अपन 1.5 cr सोच रहे हैं it should be at least 2.5”।

कुछ कलाकारों ने ये भी बताया कि वो इस काम को ये कैसे अंजाम देंगे। मसलन अभिजीत भट्टाचार्य कहते है, “हूं natural लगे ने कहीं खड़े traffic में गाड़ी के अंदर बैठ के बोल दिया चाय पे रहे हैं coffee shop पे बोल दिया तो वो...हाँ नैचुरल”। कंटैंट सोश्ल मीडिया पर किस तरह से अपने स्टाइल में डालना है इस पर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य कहते है, “देखो क्या है न, मेरा जो है न कोई बात करनी है न dance के through डालूँगा न तो लाखों तक पहुंचती है, करोड़ों तक पहुंचती है”।

बातचीत में अभिनेता जैकी श्रॉफ कहते है, “वो गेम होता है अपना अपना यार... अपने को क्या है अपना काम है हम अच्छी बातें हम फैला रहे है साथ में धन भी दे रहे है तो ऊपर वाले से फ़क़ीर क्या मांगता है”। वही मॉडल एवं बॉलीवुड एक्टर सनी लियोन “मोदी सर ने डैनियल को overseas citizen बनाया तो हम जरूर support करेंगे” कहती हुई नज़र आती है। अजेंडा में मदद के लिए हाथ बढ़ते हुए बॉलीवुड गायक मीका सिंह कहते है, “हमने कुछ बोला था कंवल जी को भी कि इसके अलावा किसी और को भी चाहिए तो मैं 2-4 लोगों से बात कर लूँगा”।

अभिनेता विवेक ओबेरॉय डील जल्दी करना चाहते थे। विवेक कहते है, “तो मैं ये बोल रहा था कि जाने से पहले आप ये formalities कर दो... ताकि फिर हम 1st September से करें क्योंकि इसके बाद हम जांएगे केरला, केरला से हम जाएंगे Azerbaijan. ट्वीट तो हम कहीं से भी करेंगे but अगर ये formalities close हो जाती हैं तो हमको भी एक understanding भी हो जाती है एक आप बात कर लेना सारी और बाकी हमको एक वो भी दे दें कि ये मुद्दे हैं...  तो ये मुद्दे ये facts and figure तो एक docket बना के दें दे तो फिर मैं आप और social media team हमारी मिल के इसका phase out plan करेंगे कि भाई आज ये topic कर रहे हैं ये topic कर रहे हैं, ये topic कर रहे हैं और हर हफ्ते का topic… महीने का mail कर देंगे chunk…. भाई ये महीने में week 1,2, 3,4 में इन मुद्दों को उठाएंगे.... हम ये बात करेंगे...”।

इस काम के लिए मॉडल एवं बॉलीवुड एक्टर अमीषा पटेल एडवांस पेमेंट चाहती थी। अमीषा कहती है, “समझो आप 28 को आ रहे हो transaction हो जाता है 28 की शाम को मैं कर दूंगी ताकि first week of September में जब आपका पहला जाए तो वो पांच दिन का gap रहेगा तो वो”।

एक्टर, डांसर, टीवी होस्ट एवं जज राखी सावंत बातचीत के दौरान कहती है, “लेकिन आप मुझे देंगे फिर उसी हिसाब से बवाल होगा न आप मुझे negative देंगे बोलने को मैं negative बोलूँगी। डरती मैं किसी के बाप से भी नहीं। जब मोदी है तो डरना क्यों है। positive बोलेंगे देंगे आप तो मैं positive बोलूंगी”।

मगर इस सबके बीच चंद ऐसे लोग भी थे जिन्होने हमारे अजेंडे पर काम करने से इन्कार कर दिया। ये कलाकार हैं विद्या बालन, अरशद वारसी, रज़ा मुराद और सौम्या टंडन।  

कोबरापोस्ट का यह खुलासा एक और सच्चाई आपके सामने लाता है। ज्यादातर सेलिब्रिटीज पैसा लेकर सोश्ल मीडिया पर तमाम तरह की कंपनियों के प्रॉडक्ट को प्रॉक्सि-प्रोमोट करती हैं। हमारे इस खुलासे से एक और सच्चाई सामने आती है। राजनीतिक दल मतदाताओं का रुख अपने पक्ष में करने के लिए ऐसे बिकाऊ सेलिब्रिटीज का उपयोग भी करते हैं।

हमारी तहक़ीक़ात के मद्देनज़र जन-साधारण के लिए यह जानना ज़रूरी है कि जिन सितारों-कलाकारों को आप सर-आँखों पर बिठाये रखते हैं और जिनकी बातों को आप आँख मूंदकर सच मानते हैं क्या वो किसी राजनीतिक दल के पक्ष में आपके मत को प्रभावित तो नहीं कर रहे हैं? कहा जा सकता है कि ऐसा वो निजी तौर पर कर रहे हैं, सो इसमें क्या हानि है। असल मुद्दा हानि या लाभ का नहीं, बल्कि इससे लोकतन्त्र के लिए पैदा होने वाला खतरा है। पैसे लेकर ऐसे लोकप्रिय सितारे-कलाकार आपकी सोच और इस तरह चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

यहाँ हम स्पष्ट करते चलें कि इस तहक़ीक़ात में कुछ राजनीतिक दलों के नाम लिए गए हैं। इसके पीछे हमारा मन्तव्य सिर्फ सच्चाई को उजागर करना है और कुछ नहीं। इसका किसी भी तरह से यह आशय नहीं लगाया जाये कि जिन राजनीतिक दलों का नाम तहक़ीक़ात के लिए लिया गया है वो सच में ऐसा करते हैं या करते होंगे।                                                  

 

एडिटर कोबरापोस्ट

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