Wednesday 19th of December 2018
पाकिस्तान के झूठ पर भारत का पलटवार, पाकिस्तान आतंकियों का गढ़
राष्ट्रीय

पाकिस्तान के झूठ पर भारत का पलटवार, पाकिस्तान आतंकियों का गढ़

aaj tak |
September 22, 2017

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के झूठ पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा है कि पाकिस्तान आतंकियों का गढ़ है और दुनिया को मानवाधिकार पर पाकिस्तान के ज्ञान की जरूरत नहीं।


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के झूठ पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा है कि पाकिस्तान आतंकियों का गढ़ है और दुनिया को मानवाधिकार पर पाकिस्तान के ज्ञान की जरूरत नहीं। पाकिस्तान अपनी ही जमीन पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करता रहा है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए जम्मू कश्मीर हमारा अभिन्न हिस्सा है।

आपको बता दें कि, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर पर अपना पुराना राग अलापा है। आम सभा में प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने दावा किया कि कश्मीर मसले पर भारत ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन नहीं किया है। शाहिद अब्बासी ने कहा, 'भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को लागू करने से इनकार कर दिया, जो कश्मीर में जनमत-संग्रह की बात करता है। कश्मीरियों को अपनी किस्मत का फैसला करने की इजाजत देने के बजाय भारत ने वहां 7 लाख सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी'।

इतना ही नहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ये भी आरोप लगाया कि कश्मीर में बेकसूरों को निशाना बनाया जा रहा है। अब्बासी ने घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि भारत कश्मीर में पैलेट गन का इस्तेमाल बंद करे। अब्बासी ने कश्मीर घाटी में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा, 'पाकिस्तान कश्मीर में भारत के क्राइम की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करता है'।

शाहिद अब्बासी ने एक तरफ जहां ये कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच हर मसले पर बातचीत के रास्ते खुले है, वहीं उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर मसले पर एक विशेष दूत नियुक्त किए जाने की मांग भी की।

इसके अलावा शाहिद अब्बासी ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से कश्मीर में एक जांच आयोग भेजने की मांग की। अब्बासी ने कहा कि आयोग जांच करे और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने का काम करे।


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