2 साल बाद आज भारत-पाक के बीच होगी बैठक, सिंधु जल समझौते पर चर्चा करेंगे दोनों देश

0
सिंधु

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सोमवार से आरंभ हो रही स्थायी सिंधु आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंच गया। दो दिवसीय बैठक में भाग लेने जा रहे इस प्रतिनिधिमंडल में भारत के सिंधु जल आयुक्त पीके सक्सेना, विदेश मंत्रालय के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। बैठक में भारत-पाक के बीच 57 साल पुराने सिंधु जल समझौते पर बातचीत होगी। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत इस करार के तहत मिले अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा।

बैठक से पहले पाकिस्तानी सरकार ने एक बयान जारी किया जिसमें आयोग की बैठक के लिए दल भेजने के भारत के फैसले का स्वागत किया गया और उम्मीद जताई गई कि दोनों देशों के बीच पानी के बंटवारे पर मतभेद कम होंगे।

इसे भी पढ़िए :  चीन भारत के लिए मुख्य चुनौती बना हुआ है: UK रिपोर्ट

आपको बता दें कि स्थायी सिंधु जल आयोग की आखिरी बैठक मई 2015 में हुई थी। इसके बाद पाकिस्तान रतल और किशनगंगा परियोजनाओं पर अपने ऐतराज को वर्ल्ड बैंक लेकर गया था। उरी हमलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। हालांकि सिंधु जल समझौता दोनों देशों के बीच तमाम कशीदगी के बावजूद बरकरार है।

1960 में हुआ था समझौता

1960 में हुए सिंधु जल समझौते पर नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे। इसके तहत सिंधु, झेलम, चिनाब, राव, ब्यास और सतलज का पानी भारत और पाक को मिलता है।

इसे भी पढ़िए :  विपक्ष ने राज्यसभा में नोटबंदी का किया विरोध, पीएम मोदी पर जमकर साधा निशाना

उरी-2, चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर सफल रही थी बातचीत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 7 साल पहले उरी-2 और चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को उसके साथ बातचीत के जरिए ही दूर किया गया था। पाक ने बारामुला के 240 मेगावॉट वाले उरी-2 और करगिल के 44 मेगावॉट के चुटक प्रोजेक्ट्स पर ऐतराज जताया था और कहा था कि इससे समझौते के तहत पाक को मिलने वाले पानी में मुश्किल आएगी। हालांकि, मई 2010 में हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने ऐतराज वापस ले लिए थे। भारत ने कहा था कि वह उसे इस बारे में डिटेल जानकारी मुहैया कराएगा।

इसे भी पढ़िए :  जानिए, कैसे आसानी से ISIS के झांसे आ रहे हैं भारतीय युवा

पाक को अब इन 5 परियोजनाओं पर एतराज

मौजूदा वक्त में भारत के 5 जलविद्युत परियोजनाओं पर पाकिस्तान ने चिंता जताई है। इनमें सिंधु नदी बेसिन के पाकल दुल (1000 मेगावॉट), रातले (850 मेगावॉट), किशनगंगा (330 मेगावॉट), मियार (120 मेगावॉट) और लोअर कालनई (48 मेगावॉट) प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। पाक का कहना है कि ये प्रोजेक्ट्स समझौते का उल्लंघन हैं।

गौरतलब है कि रिश्तों की बर्फ भले ही ना पिघले, लेकिन पानी के बंटवारे पर भारत और पाकिस्तान आज बात करेंगे। स्थायी सिंधु जल आयोग की 113वीं बैठक इस्लामाबाद में शुरू होने जा रही है। इस बैठक पर भारत-पाकिस्तान समेत और भी कई देशों की निगाहें टिकी हुई हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY