रसोई गैस सब्सिडी छिनने की प्लानिंग, क्या आप भी हैं लिस्ट में ?

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रसोई गैस

नई दिल्ली: आपको मिलने वाली रसोई गैस की सब्सिडी छिनने की प्लानिंग शुरू हो गई। सरकार ने ऐसे बीस लाख लोगों की एक लिस्ट तैयार की है जिनसे ये सब्सिडी छिनी जाएगी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस सब्सिडी न छोड़ने वालों के खिलाफ कवायद तेज कर दी है। मंत्रालय ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है जिनकी इनकम 10 लाख रुपए से ज्यादा है और जिन्होंने अब तक सब्सिडी नहीं छोड़ी है। मंत्रालय ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की मदद से 10 लाख और उससे ज्यादा आय वाले लोगों को एक बार फिर गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए फॉर्म भेजे हैं। बता दें कि एक जनवरी 2016 को पेट्रोलियम मंत्रालय ने 10 लाख और उससे ज्यादा इनकम वाले लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने संपन्न लोगों से स्वैच्छिक रूप से सब्सिडी वाली एलपीजी छोड़ने तथा बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीदने को कहा था।

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हिंदुस्तान में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय को उम्मीद है कि इस बार ज्यादा संख्या में उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ सकते हैं। दरअसल सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू होने के बाद 10 लाख और उससे ज्यादा आय वालों लोगों की संख्या में अच्छा खासा इजाफा हुआ। जिसके तहत एक बार फिर से सब्सिडी छोड़ने के लिए लोगों को फॉर्म भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 10 लाख और उससे ज्यादा आय वाले वर्ग में करीब 20 लाख लोग शामिल है। यही नहीं तेल कंपनियां गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए उपभोक्ताओं को एसएमएस भी भेज रही है। कंपनियां 10 लाख और उससे ज्यादा आय वाले लोगों को खुद से सब्सिडी छोड़ने के लिए फॉर्म भरने के लिए कह रही है।

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गौरतलब है कि पिछले साल के अंत में देश में करीब 16.35 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता थे। एलपीजी के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटीएल) योजना शुरू होने के बाद यह आंकड़ा घटकर 14.78 करोड़ रह गया, डुप्लिकेट और निष्क्रिय उपभोक्ता इससे बाहर हो गए। सरकार ने संपन्न लोगों से स्वैच्छिक रूप से सब्सिडी छोड़ने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री के इस आह्वान के बाद 57.50 लाख लोगों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ी। सरकार के मुताबिक ‘गिव इट अप’ अभियान से बचने वाली सब्सिडी का इस्तेमाल ‘गिव बैक’ अभियान के जरिये गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों को नए कनेक्शन देने के लिए किया जाएगा।

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