मदरसे के प्रिंसिपल की सूझबूझ से टला दंगा, दो धर्मों को आपसे में लड़ाने की थी साजिश

0
रुकमन
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

दिल्ली में बकरीद के मौके पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। पश्चिम दिल्ली के प्रेम नगर इलाके में एक मदरसे के प्रिंसिपल की सूझबूझ के चलते दो समुदाय के लोग एक दूसरे के दुश्मन बनने से रह गए। दरअसल ये मामला दो धर्मों के लोगों को आपस में लड़ाने का था। जिसका अब पर्दाफाश हो चुका है। साजिशकर्ता अपनी साजिश में काफी हद तक कामयाब भी हो गए थे। लेकिन प्रेमनगर मदरसे के प्रिंसिपल की समझदारी की वजह से उनकी साजिश पूरी नहीं हो पाई।

इसे भी पढ़िए :  कश्मीर में पेट्रोल बम से हमले, चौकियां फूंकी

नवभारत की खबर के मुताबिक ये विवाद शुरू हुआ बुधवार रात। जब दो युवकों पर गोरक्षकों के हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था पर प्रेमनगर मदरसे के प्रिंसिपल अली रुकमन ने समझदारी दिखाते हुए सांप्रदायिक भावनाओं में बहने से खुद को रोका और दंगा होने से बचा लिया।

इसे भी पढ़िए :  रघुराम राजन की विदाई से शेयर बाजार में मयूसी!

दरअसल, 52 साल के अली रुकमन को जब पता चला कि उनके दामाद हाफिज अब्दुल खालिद और एक अन्य शख्स अली हसन पर गोरक्षकों के दल ने हमला कर बुरी तरह पीटा है, तो वह काफी नाराज और चिंतित हुए। यह दोनों शख्स ईद-उल-जुहा के मौके पर कुर्बान की गई भैंस के अवशेष अपनी गाड़ी में लेकर जा रहे थे। इस घटना की प्रतिक्रिया में जब भीड़ बदला लेने के लिए जमा हुई तो रुकमन ने उन्हें साफ कह दिया कि यह मामला उनका और उनके परिवार का है, बाहरी लोगों को इसमें दखल देने की कोई जरूरत नहीं।

इसे भी पढ़िए :  आतंकी हमले में बॉलीवुड प्रोड्यूसर अबीस की मौत, फिल्म जगत में शोक की लहर

अगली स्लाइड में पढ़ें – रुकमन को पहले से ही थी साजिश की आशंका

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY