ट्रैफ़िक पुलिस पहले कानून पढ़े, फिर करे चालान- अदालत

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नयी दिल्ली: दशकों पुराने मोटर वाहन अधिनियम के बारे में यातायात पुलिसकर्मियों को जानकारी नहीं होने का यहां की एक अदालत ने कड़ा संज्ञान लिया है और दिल्ली पुलिस के यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए।अदालत ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। मामले के मुताबिक एक पुलिस अधिकारी ने एक निजी वाहन में यात्रियों को ढोने के लिए चालान किया था जो व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं था। लेकिन अधिकारी ने इसमें कानून की उपयुक्त धाराएं नहीं लगाई थीं।बहरहाल अदालत अभियोजन से सहमत नहीं थी जिसने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 ए बिना परमिट के वाहन का प्रयोग केवल परिवहन वाहनों के लिए है न कि निजी वाहनों के लिए।उन्होंने कहा था कि इस कारण क्षेत्रीय अधिकारी ने इस मामले में यह धारा नहीं लगाई होगी।
बहरहाल चालान में जिक्र उल्लंघनों और कानून की धारा 192ए का संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा,‘स्थिति से यह पता चलता है कि यातायात चालानों को देखने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है।’मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने कहा,‘किसी विषय को देख रहा कोई व्यक्ति संबंधित कानून से अपरिचित कैसे हो सकता है वह भी तब,जब उच्चतम न्यायालय ने ऐसा कहा हो। यह कानून पिछले 50 वर्षों से सबके सामने है।’ अदालत ने डीसीपी यातायात (दक्षिणी रेंज) से कहा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र के तहत चालान करने वाले अधिकारियों को कानून के बारे में बताएं और सुनिश्चित करें कि पुलिसकर्मी कानून का उचित तरीके से पालन करें।

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