योगेश्वर लाएंगे अगला मेडल !

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योगेश्वर

नई दिल्ली :  रियो ओलिंपिक के आखिर दिन भारत के पास तीसरा मेडल जीतने का मौका होगा। भारत ए के मेडल उम्मीद कहे जा रहे पहलवान योगेश्वर दत्त रविवार को 65 किलोग्राम भारवर्ग फ़्रीस्टाइल कुश्ती मुकाबले में उतरेंगे। अपने चौथे और संभवत: आखिरी ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे योगेश्वर दत्त को मेडल जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। भारत पहले ही इस ओलिंपिक में एक ब्रॉन्ज और एक सिल्वर मेडल हासिल कर चुका है। योगेश्वर दत्त से इस बार गोल्ड की उम्मीद की जा रही है, यदि ऐसा होता है तो 2008 में व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाले अभिनव बिंद्रा के बाद यह दूसरा गोल्ड होगा।

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नरसिंह यादव पर डोपिंग के आरोपों में लगे बैन पर मचे विवाद के बीच योगेश्वर दत्त यह साबित करने के लिए मैट पर उतरेंगे कि वह इससे प्रभावित नहीं है। योगेश्वर उस वक्त खेल गांव में ही थे, जब कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स ने नरसिंह पर चार साल के बैन का फैसला सुनाया था। दो बार के ओलिंपिक मेडल विजेता सुशील कुमार ने भी योगेश्वर को शुभकामनाएं दी हैं। सुशील ने एएनआई को बताया, ‘हम बचपन से ही मित्र हैं। मेरी शुभकामनाएं योगेश्वर के साथ हैं। मुझे उम्मीद है कि वह गोल्ड मेडल जीतकर आएंगे। पूरा देश उनके साथ खड़ा है।’

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रियो ओलिंपिक के लिए योगेश्वर का सफर आसान नहीं रहा है। 2015 में तीन सर्जरी कराने के बाद योगेश्वर को रियो जाने का मौका मिला है। यदि वह मेडल जीतने में सफल होते हैं तो यह दूसरा मौका होगा, जब एक भारतीय ऐथलीट मेडल के साथ ही ओलिंपिक पोडियम से विदाई लेगा। हालांकि योगेश्वर के लिए मेडल की लड़ाई आसान नहीं होगी। रविवार को वह इटली के वर्ल्ड चैंपियन पहलवान फ्रैंक चामिजो और रूस के सोसलान रामोनोव से मुकाबले में होंगे।

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