दिल्ली: पैर पसारता चिकनगुनिया, मरने वालों की संख्या 11 हुई

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फोटो: साभार

नई दिल्ली। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में बुधवार(14 सितंबर) को चिकुनगुनिया से पीड़ित पांच और लोगों की मौत हो गई, जबकि एम्स ने एक संदिग्ध मामले की पुष्टि की जिससे राजधानी में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढकर 11 हो गई। इस रोग ने गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है। पांच मौतें अपोलो अस्पताल में हुईं और मरने वालों में ज्यादातर लोग 80 साल या इससे अधिक उम्र के थे।

अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि ‘‘पिछले तीन सप्ताह में हमारे यहां चिकुनगुनिया बुखार से पीड़ित पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें से अधिकतर बुजुर्ग थे। मंगलवार को दोपहर बाद गाजियाबाद निवासी 80 वर्षीय महेंद्र सिंह की चिकुनगुनिया से उत्पन्न जटिलताओं के चलते मौत हो गई ।’’

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उन्होंने कहा कि ‘‘चिकुनगुनिया का पता लगाने के लिए किए जाने वाले आरटी-पीसीआर परीक्षण में वह इस बीमारी से ग्रस्त पाए गए। बीमारी के कारण विभिन्न अंगों के काम बंद कर देने के कारण उनकी मौत हो गई।’’ दिल्ली में चिकुनगुनिया से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। इस मौसम में इस बीमारी के एक हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और अस्पताल तथा क्लिनिक रोगियों से भरे पड़े हैं।

अस्पताल ने कहा कि ‘‘उनमें से अधिकतर गुर्दे की गंभीर बीमारी, धमनी संबंधी दिक्कतों जैसी सह-रग्णता स्थितियों तथा जटिलताओं से पीड़ित थे। एम्स में संदिग्ध चिकुनगुनिया से मौत की भी पुष्टि हुई। एम्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मरीज की मौत पिछले सप्ताह हुई। उसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी और उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

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राजधानी में मंगलवार(13 सितंबर) तक चिकुनगुनिया से पांच लोगों के मरने की खबर थी। इनमें से चार लोगों की मौत सर गंगाराम अस्पताल में हुई। दिल्ली लगभग 10 साल बाद एक बार फिर इस बीमारी के विषाणु की चपेट में है।

मथुरा निवासी 75 वर्षीय प्रकाश कालरा की मंगलवार शाम सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई थी, जहां सोमवार को भी तीन अन्य बुजुर्गों की मौत हुई थी। हिन्दू राव अस्पताल में चिकुनगुनिया के चलते दिल का दौरा पड़ने से 22 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई थी। कबीर नगर निवासी इशा की मौत एक सितंबर को मौत हुई थी।

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रामेंद्र पांडेय (65) की मौत सोमवार को चिकुनगुनिया के चलते सेप्सिस होने से हो गई थी। उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल से सर गंगाराम अस्पताल लाया गया था। ग्यारह में से छह लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जिसमें गाजियाबाद के दो लोग शामिल हैं। चार लोग दिल्ली के ही रहने वाले हैं।

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