जब तिरंगे में लिपटा बेटा को सिसक उठा पूरा परिवार

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इलाहाबाद। कश्मीर के पंपोर में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले में शहीद हुए आठ जवानों में से एक राजेश कुमार इलाहाबाद से ताल्लुक रखते हैं। उनका घर इलाहाबाद शहर से करीब 35 किमी दूर मेजा तहसील के नीबी शुकुलपुर गांव में पड़ता है। राजेश घर में इकलौते कमाऊ सदस्य थे, जिनकी बदौलत बूढ़े मां-बाप, पत्नी, दो बच्चों और भाई को दो जून की रोटी मयस्सर होती थी। मगर उनके शहीद होने पर अब परिवार को दो जून की रोटी कैसे मिलेगी। परिवार को यह चिंता खाए जा रही है। इकलौते कमाऊ पूत के शहीद होने पर 68 साल के पिता बिंद्रा प्रसाद ने कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि बुढ़ापे में यह दिन देखने पड़ेंगे। शहीद होने के बाद घर में बुजुर्ग मां-बाप, पत्‍नी-बच्‍चे और भाई का रो- रोकर बुरा हाल है।

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