ISIS के कब्जे में रहे दो भारतीय प्रोफेसर लौटे घर

0
फोटो: साभार

नई दिल्ली। लीबिया में एक साल से भी ज्यादा समय तक आईएसआईएस द्वारा बंधक बना कर रखे गए दो भारतीय प्राध्यापक रिहा होने के बाद शनिवार(24 सितंबर) को अपने घर लौट आए और उन्होंने कहा कि यह उनके लिए पुनर्जन्म के समान है।

इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने पिछले साल जुलाई में आंध्र प्रदेश के टी गोपीकृष्णन और तेलंगाना के बलराम किशन को अगवा कर लिया था। उन्हें करीब एक हफ्ता पहले रिहा किया गया और वे हैदराबाद पहुंचे। वे लीबिया के शिर्ते विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे।

इसे भी पढ़िए :  NIA को बड़ी कामयाबी, हथियारों से लैस ISIS के 11 संदिग्धों पर कसा शिकंजा

सिर्ते विश्वविद्याल में कंप्यूटर साइंस के सहायक प्रोफेसर गोपीकृष्णन ने कहा कि करीब 14 महीने बाद फिर से अपने परिवार के साथ होने पर मैं काफी खुश हूं। इस दौरान मैं अपने परिवार के सदस्यों से बात नहीं कर पाया, यह भयावह था। उन्होंने लीबियाई सेना और विदेश मंत्रालय को धन्यवाद दिया।

इसे भी पढ़िए :  भारत की 50% जनता ने पाक नीति को किया खारिज, सैन्य कार्रवाई का किया समर्थन

उन्होंने कहा कि लीबियाई सेना ने हमारी मदद की और विदेश मंत्रालय की मदद से हम सुरक्षित लौट सके। अंग्रेजी के प्रोफेसर बलराम ने कहा कि आभार जताने के लिए उनके पास कोई शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भगवान की कृपा है। हम काफी खुश हैं। यह मेरे लिए पुनर्जन्म है।

इसे भी पढ़िए :  सुलझा कावेरी विवाद ! कर्नाटक ने तमिलनाडू को दिया पानी

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY