जानिए, इस मंदिर में क्यों नहीं होती जगन्नाथ की पूजा

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ब्रह्मपुर :ओड़िशा:पूरे ओड़िशा और उसके बाहर भी बुधवार को भगवान जगन्नाथ के मंदिरों में रथयात्राएं निकाली गयीं लेकिन गंजाम के मरदा में 300 साल पुराने मंदिर में यह अनुष्ठान नहीं हुआ ।मरदा के इस मंदिर में कोई देवी-देवता नहीं है। सन् 1733-35 के दौरान जब कलिंग शैली के मंदिरों को मुस्लिम आक्रांता निशाना बना रहे थे तब यह मंदिर पुरी जगन्नाथ मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्तियों को छिपाने की जगह थी। बाद में स्थिति शांत होने पर देवी-देवताओं की पूर्तियां वापस पुरी लायी गयीं । चूंकि देवी-देवताओं ने मरदा में शरण ले रखी थी अतएव यह जगह शरणा श्रीक्षेत्रा के रूप में चर्चित हो गयी। तब से इस मंदिर में कोई देवी-देवता नहीं है, अतएव यहां कार उत्सव का कभी आयोजन नहीं हुआ। आठ साल पहले इस स्थान की यात्रा करने वाले जगन्नाथ संप्रदाय के सेवायतों और शोधकर्ताओं ने दुनिया को इस मंदिर का महत्व बताने का बीड़ा उठाया और पुरी की यात्रा करने वालों से मरदा भी जाने की अपील की थी। पोलासरा के विधायक श्रीकांत साहू ने कहा,‘यदि सरकार इस स्थान को पर्यटक स्थल घोषित करेगी तब जाकर इस मदिर का ऐतिहासिक महत्व दुनिया के समाने आएगा।’’

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