कैराना की रिपोर्ट पर कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी: राज्यपाल

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फाइल फोटो।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने शनिवार(24 सितंबर) को कहा कि सरकार कैराना एवं शामली कस्बे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के जांच दल की रिपोर्ट का गंभीरता से अध्ययन करेगी, चिंतन-मंथन करेगी और कोई सशक्त हल निकालने की कोशिश करेगी, जिससे वहां की स्थिति को काबू में लाया जा सके।

वृन्दावन स्थित रामकृष्ण सेवाश्रम मिशन द्वारा संचालित अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के एक नवनिर्मित हॉस्टल का लोकार्पण करने आए राज्यपाल राम नाईक ने संवाददाताओं से मुलाकात में उनके सवालों पर कहा कि ‘इस विषय पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह कानून व व्यवस्था से जुड़ा सवाल है।’

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गौरतलब है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जांच के लिए गए भेजे गए दल की रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्य सचिव और से आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

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राज्यपाल ने उक्त रिपोर्ट के बाबत कोई एहतियाती कार्रवाई के सवाल पर कहा कि ‘यह उनकी नहीं, राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उसे ही इन विषय पर निर्णय लेना है कि उसे क्या करना चाहिए। लेकिन वे स्वयं तो यही सुझाव दे सकते हैं कि सरकार जो भी कार्रवाई करे, उससे जनता को राहत मिलनी चाहिए। फिर, चाहे वह किसी भी समुदाय, संप्रदाय अथवा वर्ग से जुड़ा मामला हो।’

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सपा सरकार के मूल्यांकन के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘अब मैं नहीं, जनता मूल्यांकन करेगी। मुझे तो जब-जब, जो-जो जरूरी दिखा, मैं उस पर सरकार को पूरे कार्यकाल में सलाह देता रहा। मैं एक संवैधानिक पद पर बैठा हूं। मेरी यही जिम्मेदारी बनती थी। बाकी जनता देखेगी, उसे क्या निर्णय करना है।’

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