पेगासस केस पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, हम जानना चाहते हैं सरकार क्या कर रही है
राष्ट्रीय

पेगासस केस पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, हम जानना चाहते हैं सरकार क्या कर रही है

Newsdesk |
September 13, 2021

{सुप्रीम कोर्ट में पेगासस जासूसी मामले में अदालत की निगरानी में SIT जांच की याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हो गई है. सुनवाई CJI एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मुद्दे पर केंद्र सरकार से नाराजगी जताई है. CJI रमना ने कहा कि आप बार-बार उसी बात पर वापस जा रहे हैं. हम जानना चाहते हैं कि सरकार क्या कर रही है. हम राष्ट्रीय हित के मुद्दों में नहीं जा रहे हैं. हमारी सीमित चिंता लोगों के के बारे में है. समिति की नियुक्ति कोई मुद्दा नहीं है. हलफनामे का उद्देश्य यह होना चाहिए ताकि पता चले कि आप कहां खड़े हैं. संसद में आपके अपने आईटी मंत्री के बयान के अनुसार कि फोन का तकनीकी विश्लेषण किए बिना आकलन करना मुश्किल है.}



13 सितम्बर 2021 नई दिल्ली

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, पिछली सुनवाई में केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने पर विचार किया जा रहा है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. पीठ ने कहा था कि वह मामले के सभी पहलुओं को देखने के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाने के केंद्र के प्रस्ताव की जांच करेगी. कोर्ट वकील एमएल शर्मा, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास, पत्रकार एन राम, पूर्व आईआईएम प्रोफेसर जगदीप चोककर, नरेंद्र मिश्रा, परंजॉय गुहा ठाकुरता, रूपेश कुमार सिंह, एसएनएम आब्दी, पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया सहित 12  याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है . वहीं,  केंद्र सरकार का बार-बार यह कहना था कि सुरक्षा उद्देश्यों के लिए फोन को इंटरसेप्ट करने के लिए किस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया. इसका सार्वजनिक तौर पर खुलासा नहीं किया जा सकता. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि सुरक्षा और सैन्य एजेंसियों द्वारा राष्ट्रविरोधी और आतंकवादी गतिविधियों की जांच के लिए कई तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है.

Source - NDTV

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