136-Part-1 अमर उजाला

अमर उजाला

अनुज त्यागी, Deputy GM (Media Solutions) Noida; नवजीत कुमार, Marketing Officer, Una, Himachal Pradesh; मोहित शर्मा, Asociate Vice President (Marketing); भरपूर सिंह, GM (Media Solutions); कंवलजीत सिंह, Sr.Marketing Manager (Media Solutions), Chandigarh; संजीव रस्तोगी, Dy. Manager (Media Solutions), Meerut; हरप्रीत कौर, Manager sales , Mumbai; हिमांशु गौतम, Business Head; आशीष विमल गर्ग, Sr. Manager, amarujala.com, Delhi


अमर उजाला - March 26, 2018

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आज़ादी के एक साल बाद आगरा से शुरू हुए हिन्दी भाषा के अखबार अमर उजाला के अब 19 editions है जो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली एनसीआर से छपते है। Indian Readership Survey के मुताबिक अमर उजाला के पाँच million पाठक है। अमर उजाला की ही कर्मचारी के मुताबिक अमर उजाला के फ़ेसबूक पर 72 लाख, ट्विटर पर 7 लाख, Instagram पर 2 लाख followers है। इससे आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंटैंट से छेड़छाड़ होने पर किस हद तक देशभर में पाठको को प्रभावित किया जा सकता है। वरिष्ठ पत्रकार पुष्प शर्मा ने अमर उजाला के विभिन्न शहरों में तैनात नौ अधिकारियों से मुलाक़ात की। पुष्प सबसे पहले अनुज त्यागी, Deputy GM (Media Solutions) Noida से मिले और अपना एजेंडा जिसमें हिन्दुत्व के साथ jingles द्वारा पॉलिटिकल rivals पर कटाक्ष, मोहन भागवत के भाषण के प्रचार के बारे में बात की और पूछा कि कैसे इसे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों पर चलाया जा सकता है। जवाब में अनुज त्यागी ने कहा, “हाँ वो आपको विडियो प्रमोशन हो जाएगा विडियो बना लीजिए तीन चार मिनट का वो विडियो live हो जाएगा”। शर्मा के एजेंडा दोहराने पर त्यागी ने जवाब दिया, “That I will check with my editorial department. That is not an issue.”

शर्मा की मुलाक़ात इसके बाद हिमाचल प्रदेश के ऊना शहर में नवजीत कुमार से हुई जो यहाँ अमर उजाला के Marketing Officer हैं। पुष्प ने नवजीत को एजेंडा समझाया जिस पर नवजीत ने अपने जवाब में, “बिल्कुल, जी, ठीक है” जैसे शब्दों  का इस्तेमाल किया। पुष्प की मायावती और राहुल गांधी जैसे अपने पॉलिटिकल rivals को thrash करने की बात पर नवजीत ने कहा, “प्रिंट में भी हो सकता है”। पुष्प के आगे ये कहने पर कि ऐसे कंटैंट में इन नेताओं के पप्पू जैसे nicknames का उपयोग कर माहौल बनाया जा सकता है नवजीत बोले, “कर लेते हैं” नेगेटिव खबरों जैसे जीएसटी और पार्टी नेताओं के कारनामों को फ्रंट पेज पर प्रमुखता न देकर अंदर कही छापने की बात पर भी नवजीत तैयार थे और बोले, “ये ज्यादा अच्छा रहेगा”।                                           

पुष्प की मुलाक़ात चंडीगढ़ में मोहित शर्मा, Asociate Vice President (Marketing), भरपूर सिंह, GM (Media Solutions) और कंवलजीत सिंह, Sr.Marketing Manager (Media Solutions) से भी हुई। हिन्दुत्व के प्रचार से पंजाब में पकड़ बनाने और 2019 के चुनाव के लिए माहौल बनाने के बाद राजनीतिक रंग देने की बात पर कंवलजीत सिंह ने पूछा, “ओके ओके यानि आप हिंदुत्व की बात करेंगे” और आगे बोले, “बिल्कुल बिल्कुल सर”। बातचीत आगे बढ़ी और पुष्प ने पूछा कि आपकी डिजिटल presence है? इसका जवाब मोहित ने दिया और कहा, e-Paper हाँ That will go, but if you looking for a separate platform we can create that if you are looking for it.”

बात जब satire के जरिए पॉलिटिकल rivals को thrash करने की आती है तो कंवलजीत कहते है, “Not directly, indirectly.” जब पुष्प फ़ायर ब्रांड हिंदू नेताओं के advertorial events को न्यूज़ के तौर पर छापने को बोलते है तो भरपूर सिंह कुछ इस तरह जवाब देते है, “हाँ  That’s is basically part and parcel when we are doing all the things.” डील का बड़ा हिस्सा कैश में देने की बात पर अमर उजाला के भरपूर सिंह कहते है, “नहीं नहीं हमारे को matter Third Eye से आएगा पेमेंट हमारे पास 50 परसेंट कैश और बाकी RTGS लोकल से आएगा before publishing the ad”

मीटिंग के आखिर में कंवलजीत कहते है, “एक बार न सर मेरे को creative print के जो creatives है क्योंकि हमें कुछ creatives अपने editorial से भी sanction करवाने होते है”। 

अमर उजाला में पुष्प की अगली मीटिंग मेरठ में Deputy Manager संजीव रस्तोगी से हुई। शर्मा संजीव को बताते है कि कैसे एजेंडा की शुरुआत सॉफ्ट हिंदुत्व से करने के बाद पॉलिटिकल rivals को thrash करना है। संजीव सब समझ जाते है और बोलते है, “हाँ मैं वही कह रहा हूँ जो focus है 2019 ही है हम उसकी preparation डेढ़ साल से कर रहे है धीरे धीरे उसको तापमान धीरे धीरे temperature add on करेंगे”।     

अमर उजाला देश के प्रमुख अखबारों में से एक है, अखबार का एक बड़ा ऑफिर मायानगरी मुंबई में भी है। अमर उजाला के मुंबई ऑफिस में पुष्प शर्मा की मुलाकात सेल्स मैनेजर हरप्रीत कौर से हुई। पुष्प ने हरप्रीत को अपना एजेंडा समझाते हुए बताया कि हम हिंदू वोट बैंक को मजबूत करने के लिए अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के नाम बिगाड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश करेंगे। हम आपके अखबार के माध्यम से राहुल गांधी, मायावती और अखिलेश यादव का जनता के सामने पप्पू, बुआ और बबुआ जैसे नाम से दुषप्रचार करेंगे। पुष्प ने हरप्रीत को बताया कि अमर उजाला मुंबई के लिए उनका भारी भरकम बजट है और वो इस काम के लिए आपकी कंपनी को 50 लाख रुपये प्रति माह देंगे और अगर अखबार ने हमारी मर्जी के मुताबिक अच्छा सहयोग किया तो आने वाले दिनों में ये बजट और बढ़ा दिया जाएगा। इस पर हरप्रीत ने अपनी सहमति जताते हुए “Ok sir” कह दिया।

पुष्प ने बताया कि अपने कैंपेन के अगले चरण में जैसे ही चुनाव नज़दीक आ जाएंगे हम अपने अभियान को उग्र करते हुए एक अदद माहौल बनाएंगे और वोटों का ध्रुवीकरण करेंगे। हरप्रीत को इस सांप्रदायिक एजेंडे से कोई दिक्कत नहीं थी उन्होंने पुष्प की हर बात का जवाब हूं, हां और ओके कहकर दिया। बातचीत आगे बढ़ी हरप्रीत ने पुष्प को बताया कि उनके अखबार की उत्तरप्रदेश में तगड़ी पहुंच है। इसपर पुष्प ने कहा कि अगर ऐसी बात है तो हम उनसे भी संपर्क करने की कोशिश करेंगे लेकर उससे पहले आपको हमारे साथ मिलकर चलना होगा और हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों जैसे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा खबरें प्रकाशित कर एक माहौल तैयार करना होगा। पुष्प ने हरप्रीत को जब ये कहा कि आप अपने अखबार में हमारी पार्टी के विरोध में खबरें प्रकाशित न करें। इसपर     हरप्रीत ने बड़ी आसानी से “okay” कह दिया। 

पुष्प ने जब इनसे सोशल मीडिया के बारे में पूछा तो हरप्रीत ने कहा “Amar Ujala has 72 lakh followers on Facebook, 7 lakh on Twitter and 2 lakh on Instagram” पुष्प ने पूछा कि क्या आप हमारे मीडिया कैंपने को सोशल मीडिया के इन सभी प्लेटफॉर्म से जोड़ेंगे तो हरप्रीत ने कहा, “हम लोग वो कवर करेंगे, आपका सोशल सिटिंग भी करेंगे, आपका ट्विटर में भी करेंगे Twitter mein Facebook mein we are very strong … तो उसमें हम लोग आपका सोशल सिटिंग करेंगे उसमें आपका लाइक कंटेंट भी हम कर सकते हैं। We can do video running also” पुष्प ने हरप्रीत से पूछा कि इसके लिए क्या अलग से पैसा देना होगा तो हरप्रीत ने जवाब दिया, “नहीं नहीं that आपको एक पूरा package sort of मैं बना के दे सकती हूं ” “तो वो मुझे like senior हैं हिमांशु गौतम करके हैं. He doesn’t sit here. He sits in Delhi only. तो मैं वो डिस्कस करूंगी उनके साथ..even Gagan is there. तो पहले मैं आपका पूरा briefing discuss करूंगी कि this and so and so देख रहे हो तो हमारी साइड से तो उस हिसाब से क्या-क्या कर सकते हैं ”।

अब पुष्प के लिए अमर उजाला के दिल्ली में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना भी जरूरी हो गया था। पुष्प ये जानना चाहते थे कि जो कुछ भी हरप्रीत कह रही हैं क्या उनके सीनियर भी उस बात पर रजामंद हैं। लिहाजा पुष्प ने अमर उजाला के दिल्ली दफ्तर में हिमांशु गौतम, आशीष विमल गर्ग से मुलाकात की और उन्हें अपने एजेंडे के बारे में बताया। पुष्प ने बताया कि हिंदुत्व के पहले चरण के बाद वो अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को हराने के लिए पप्पू, बुआ और बबुआ जैसे नामों से उनकी छवि खराब करेंगे। इसके बाद पुष्प ने इन्हें पप्पू वाली एक जिंगल का ऑडियो भी सुनाया और बताया कि इस तरह हमें इन लोगों की छवि मिट्टी में मिलानी है इसपर गौतम ने “sure” कहकर अपनी रजामंदी जाहिर की।

पुष्प ने इन्हें बताया कि कर्नाटक चुनाव को लेकर उनके पास ऐसे 30 जिंगल्स तैयार है और इसी तर्ज पर वो कुछ यूपी के लिए कटेंट चाहते हैं। पुष्प ने पूछा कि क्या आपके पास ऐसी क्रिएटिव टीम है जो इस आइडिया पर काम करने में सक्षम हो। इस पर सेल्स हेड गौतम ने कहा कि “वो करा सकते हैं..हां करा देंगे ये तो normal advertising की तरह जाएगा ना हमारे लिए ?” पुष्प ने जब पूछा कि आप नॉर्मल से क्या कहना चाहते हैं तो गौतम ने बताया कि “इसमें ऐसा जाएगा ना जैसे जिंगल्स रहेगा आपका ?” पुष्प ने इन लोगों से ये भी जानने की कोशिश की कि अगर आपके पास मोबाइल app हैं तो उसके जरिए आप किस तरह हमारे एजेंडे का प्रमोशन कर सकते हैं इसपर गौतम का जवाब आया “हम लोग इसको वीडियो में embed कर देंगे” इतना ही नहीं गौतम ने आश्वासन देते हुए कहा कि “ये हम regular basis पर करेंगे आपके साथ ” गौतम ने इस बात का भी भरोसा दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के अलावा वो मोबाइल एप के जरिए भी उनके एजेंडे का प्रमोशन करेंगे। इसके बाद गौतम पुष्प को समझाते हुए कहते हैं कि “आपका जैसे जब on होगा ला जैसे.. या जैसे कोई site खोली पहले ये आ जाएगा..साइड में नहीं पूरे app में आ जाएगा”गौतम के सहयोगी Ashish Garg ने समझाते हुए कहा कि “जैसे इस तरह का होगा ये जो banner आप देख रहे हैं इस तरह के जो banners  हैं..ये रहते हैं ” गौतम बताने लगे “ये सब banners यूं ही चलते रहेंगे इस पर बढ़िया banner बन जाएगा यहां पर भागवत जो भी समिति है..उसका आ जाएगा और वो पूरी messaging आ जाएगी ” इसके बाद सौदेबाजी और GST वगैरह पर चर्चा होने लगी।

इसके बाद गौतम ने पुष्प से कहा कि जब वो उनकी कंपनी के दूसरे लोगों से मिलेंगे तो उस वक्त सिर्फ भगवद गीता के बारे में ही बताएं। पुष्प ने पूछा कि क्यों मुझे उनसे अपना हिंदुत्व वाला एजेंडा नहीं बताना है। इस पर गौतम ने बताया कि “हां उनसे मतलब unbiased बात करें देखिए मेरा तो background मुझे तो कोई फर्क नहीं पड़ता... मैने आपको क्या बोला कि मैं ये चीज़ें run कर सकता हूं मेरे लिए ये advertisement है इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है.. internally मैं इसके लिए लड़ भी सकता हूं ये advertisement है इसके लिए

इसके बाद गौतम ने बताया कि आखिर वो इस एजेंडे को चलाने के लिए क्यों तैयार हुए हैं। गौतम ने पुष्प को समझाते हुए कहा कि आखिर क्यों उन्हें अखबार में निष्पक्ष रहना पड़ता है।  “but क्योंकि मैं online run करता हूं तो definitely कुछ चीज़े हैं हर कंपनी में क्योकि internally मेरे को पता है कि क्या चीज़ें काम करेंगी तो मान के चलिए वो चीज़ हम कोशिश करेंगे सारी चीज़ें करने की ”।  

पुष्प की तहकीकात यहीं खत्म नहीं होती। हाल ही में हुए यूपी उप चुनाव के नतीजों के बाद पुष्प ने अमर उजाला मुंबई की सेल्स मैनेजर हरप्रीत कौर से फोन पर बात की। पुष्प ने हरप्रीत से फोन पर कहा कि हम यूपी उप चुनाव में कुछ नेताओं की वजह से हार गए हैं इसलिए मैं चाहता हूं कि आप उनके विरोध में खबरें बनाएं। पुष्प ने इन नेताओं में मेनका गांधी, अनुप्रिया पटेल और उपेन्द्र कुशवाह का भी नाम लिया। पुष्प ने कहा कि ये सरकार में हमारे साथ तो हैं लेकिन ये लोग हमेशा पार्टी से मांग करते हैं। इस पर हरप्रीत ने कहा  तो आप बोल रहे हैं कि आपको अनुप्रिया पटेल और उपेन्द्र कुशवाह “okay” कहकर अपनी रजामंदी जाहिर की। इसके बाद पुष्प ने हरप्रीत से कहा कि देशभर में किसान आंदोलन कर रहे हैं आपको अपने अखबार के माध्यम से जनता में ये संदेश पहुंचाना है कि आंदोलन करने वाले किसान माओवादियों द्वारा उकसाए गए है जबकि वो सरकारी नीतियों से नाराज़ नहीं है इसपर भी हरप्रीत ने ओके, ठीक है कहकर पुष्प के एजेंडे को हरी झंडी दे दी।

पुष्प ने आगे हरप्रीत से कहा कि मुझे नागपुर में बैठे हमारे संगठन के नेताओं से ऐसा करने के आदेश हैं, इसलिए मैं आपको हमारी पार्टी के कुछ मंत्रियों और विधायकों को चलाने के लिए कहूंगा, इसपर भी हरप्रीत ने ओके, ठीक है कहकर अपनी सहमति दी। इसके बाद  पुष्प ने हरप्रीत को वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ खबरें चलाने को कहा जिस पर हरप्रीत ने जवाब दिया, अरुण जेटली, okay”. पुष्प ने कहा कि अगर आप आधार कार्ड से जुड़ी कोई भी स्टोरी चलाते हैं तो याद रहे कि हर स्टोरी सकारात्मक हो, हरप्रीत ने दोबारा cross check करते हुए पूछा, आधार कार्ड के फेवर में ?” जिसका पुष्प ने हां में जवाब दिया।

पुष्प ने कहा कि जब हम विपक्ष में बैठे थे तब हमारी पार्टी सरकार की इस नीति का विरोध किया था चूंकि हम अब सरकार में हैं और हमने इसे हर सेवा के लिए अनिवार्य बना दिया है। अगर कल हमारी किसी भी नीति पर हमला होता है तो ये हमारे लिए अच्छा काम करेगा। हरप्रीत ने बात को समझते हुए दोहराया, “okay पॉजिटिव न्यूज़ ही देना हैहरप्रीत की तरफ से हर सवाल का हां में जवाब सुनकर पुष्प ने उनसे और ज्यादा विचित्र मांग की। पुष्प ने हरप्रीत से कहा कि कोबरापोस्ट, द वायर और स्क्रोल जैसे कुछ न्यूज़ पोर्टल हैं जिनके मालिक अनिरुद्ध बहल, सिद्धार्थ वर्धराजन हैं, ये लोग अक्सर हमारे खिलाफ खबरें प्रकाशित कर हमारी छवि खराब करते हैं, मैं इनके खिलाफ आपको कुछ सामग्री दूंगा फिर आपको इनके खिलाफ खबरें चलानी हैं। इस पर भी हरप्रीत राजी हो गईं और उन्होंने “okay” कहकर पुष्प की ये शर्त भी मान ली। अब पुष्प ने हरप्रीत से एक और विचित्र मांग की, पुष्प ने हरप्रीत से कहा कि मेनका गांधी का बेटा वरुण गांधी हमारी सरकार में मंत्री है। लेकिन वो कुछ ज्यादा ही महत्वाकांक्षी है। इसलिए हमें इस आदमी को ठीक करना है। मैं आपको इसकी सीडी दूंगा और जब मैं बोलूं आप इसे चला देना। सबसे हैरानी वाली बात ये है कि हरप्रीत इसके लिए भी तैयार हो गईं और उन्होंने बेहिचक पुष्प को “okay” कह दिया। To see reactions of concerned person click here

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Tags : अमर उजाला


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