Monday 17th of December 2018
पंजाब केसरी
136-Part-1

पंजाब केसरी

cobrapost |
March 26, 2018

सुनील शर्मा, हिमाचल; हरीश शर्मा, Senior Business Executive, चंडीगढ़; राजेन्द्र कुमार; असलम सिद्दकी, ब्यूरो चीफ, दिल्ली, पंजाब केसरी


साल 1965 में महज 3500 कॉपियां प्रकाशित कर पंजाब केसरी ने देश में एक नई पहचान बनाई और आज ये हिंदी दैनिक अखबार 7,43,000 कॉपियां प्रकाशित कर रहा है जालंधर, चंडीगढ़, लुधियाना, पालमपुर, पानीपत, हिसार, जम्मू, भटिंडा, रोहतक और शिमला में पंजाब केसरी एक विश्वसनीय अखबार बन चुका है। लेकिन जब पुष्प शर्मा ने इस अखबार के दो सीनियर अधिकारियों से बातचीत की तो उन्हें ये जानते ज्यादा देर नहीं लगी कि इस विख्यात अखबार में लोगों की विश्वसनीयता से ज्यादा तवज्जो कारोबार को दी जा रही है।

मुलाकात के दौरान पुष्प ने सुनील शर्मा को अपना एजेंडा समझाते हुए बताया कि हम आपके अखबार के जरिए पंजाब में वोटों का ध्रुवीकरण चाहते हैं। पुष्प ने पूछा कि आपके पास ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिस पर आप हमारे बड़े और कट्टर हिंदुवादी नेताओं का प्रचार-प्रसार कर सकें। इस पर सुनील ने एक क्षण की देरी किए बिना कहा, डिजिटल है सर और ये भी बताया कि ये प्रिंट के मुकाबले सस्ता भी है। पुष्प ने सुनील से पूछा कि आपके मैनेजमेंट का पंजाब में अकालियों के साथ कोई समझौता तो नहीं हुआ कहीं ऐसा ना हो कि वो हमारे एजेंडे को चलाने से ही इनकार कर दें तो सुनील ने कहा ऐसा कुछ नहीं है सर हां बीच में अगर वो भी कुछ छापना चाहते हैं तो हम उन्हें भी नहीं रोकेंगे

 

इसके बाद पुष्प ने सुनील को एक ऑडियो जिंगल सुनाया और बताया कि हमें इस तरह अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को धूमिल करना है तो आप अपने प्रिंट में इसे किस तरह से प्रकाशित करोगे। सुनील के कहा, क्रिएटिव तो चल जाएगा सर पर उसमें कार्टून का ही रहेगा मेरे ख्याल से उसी हिसाब सेपुष्प के पूछने पर क्या आपका मतलब एक साप्ताहिक सीरीज से है तो सुनील ने इस पर हामी भरते हुए कहा कि हां वो चल जाएगी कोई इशु नहीं है पुष्प ने सुनील को ये भी बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और जनता दल यहां हमारे सबसे बड़े प्रतिद्वंदी हैं इसपर सुनील कहने लगे कोई इशु नहीं है, कार्टून तो हमारे पेपर में वैसे भी छपते हैं, कोई दिक्कत नहीं है इसके बाद पुष्प ने सुनील से एक बड़ा सवाल पूछा कि क्या आप हमारे विपक्ष में छपने वाली खबरों को रोक सकते हैं या उन्हें मोड़ सकते हैं ? सुनील ने इस मुश्किल सवाल का जवाब भी बड़ी आसानी से देते हुए कहा, पर नॉर्मल सी जैसे आती है वो मैं करवा सकता हूं..वो करवा दूंगा वो कोई दिक्कत नहीं है एक अखबार में बड़े पद पर बैठे अधिकारी के मुंह से निकली ये बातें वाकई अचंभित करने वाली थीं। अब पुष्प ने शर्मा से  सवाल पूछा कि क्या मैं आधी रकम कैश और आधी चैक से दे सकता हूं इस पर भी सुनील का वही रटा-रटाया जवाब सामने आया वो ठीक है कोई दिक्कत नहीं है सुनील ने पुष्प को ये भी बताया कि मैं कल जालंधर जा रहा हूं और वहां जाकर सारी बातें कर लूंगा और जो भी फाइनल होगा वो फोन कर बता देगा। पुष्प ने सुनील से डेढ़ करोड़ में डील पक्की की इस पर सुनील ने कहा हां फिफ्टी-फिफ्टी हो जाएगा, डेढ़ करोड़ का हुआ तो 75 कैश उसके through ”

पुष्प ने सुनील के सहयोगी और अखबार में सीनियर बिजनेस executive हरिश शर्मा से भी मुलाकात की। इस पर हरीश ने उनके सामने पंजाब केसरी और जगबाणी के लिए एक combo डील का प्रस्ताव रखा। यहां हम आपको बता दे कि जगबाणी भी पंजाब केसरी ग्रुप का ही एक और दैनिक अखबार है जो जालंधर, चंडीगढ़, लुधियाना और बठिंडा से प्रकाशित होता है। इस पंजाबी अखबार की हर रोज़ करीब 3,29,000 कॉपिया प्रकाशित होती हैं। हरीश के ये पूछने पर कि आप अपने अभियान में हमारे अखबार की क्या मदद चाहते हैं पुष्प ने बताया कि पंजाब में अपनी जमीन तलाशने के लिए हमारा संगठन चाहता है कि आप अपने अखबार के जरिए हमारे हिंदुत्व के एजेंडे को बढ़ाएं ताकि मतदाताओं को सांप्रदायिक रेखाओं पर जुटाया जा सके। चौंकाने वाली बात ये रहा कि हरीश ने सीधा पैसों की बात करते हुए पूछा कि How much rate in 3 month?” जिसपर पुष्प ने उन्हें तीन महीने के कैंपेन के लिए तीन करोड़ का बजट बता दिया। इसके बाद पुष्प ने अपने कैंपेन के अगले चरण का जिक्र करते हुए हरीश से कहा कि हम आपके प्रिंट और डिजिटल के जरिए हमारे कट्टर हिंदूवादी नेताओं को बढ़ावा देना चाहते हैं। इस पर भी हरीश ने हां में जवाब दिया I got your point

अपने combo मीडिया कैंपेन का जिक्र करते हुए पुष्प ने हरीश से फिर कहा कि वो एक ऐसा कंटेट चाहते हैं जिससे उनका मकसद पूरा हो सके। इस पर हरीश ने कहा कि वो उस चीज़ में हो सकता है जैसे एडवटोरियल जाएगा नाऔर इन्होंने पुष्प को ये भी कहा कि ये किसी विज्ञापन जैसा नहीं बल्कि एक न्यूज़ आइटम जैसे ही लगेगा। इसके बाद हरीश ने कहा कि किसी भी तरह के पेड कंटेट का हमारे अखबार में स्वागत है।

सुनील और हरीश से मुलाकात कर पुष्प शर्मा वापस दिल्ली पहुंचे जहा पहले ही इनकी मीटिंग टी.जे.एल कुट्टी से हो चुकी थी। कुट्टी पंजाब केसरी के नेशनल मार्किटिंग हेड हैं। पुष्प का एजेंडा सुनने के बाद कुट्टी ने उन्हें ग्रुप के मालिक आदित्य चोपड़ा से मिलने की सलाह दी थी। क्या अखबार हमारे इस सांप्रदायिक कंटेंट को छापने के लिए राजी है इस सवाल का जवाब जानने के लिए पुष्प ने पंजाब केसरी के दिल्ली दफ्तर में ही असलम सिद्धकी से मुलाकात की। असलम ब्यूरो चीफ होने के साथ-साथ अखबार में मार्किटिंग भी देखते हैं। सिद्धकी को अपना एजेंडा समझाने के अलावा पुष्प ने इन्हें एक जिंगल भी सुनाया और बताया कि जब हमारे अभियान का हिंदुत्व वाला पहला चरण पूरा हो जाएगा तो हम कांग्रेस, बसपा और सपा जैसे अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को उनके नाम बिगाड़कर टारगेट करेंगे, पुष्प ने जैसे ही बुआ का नाम लिया इसी बीच सिद्दकी ने बुआ, बबुआ और पप्पू कहकर कई सारे नाम गिना दिए। कहीं न कहीं सिद्दकी सौदे को लेकर चिंतित नज़र आ रहे थे इसी बीच वो पुष्प से कहने लगे कि अब ये देखना पड़ेगा पॉलिटिकल में डिस्काउंट वाली प्रॉबलम आ सकती है पुष्प ने उन्हें बताया कि हम जानते हैं कि आप प्रिमियम लेंगे और इसके लिए संगठन तैयार भी है, ये सुनते ही सिद्दकी कहने लगे कोई दिक्कत नहीं है तो ये starting में तो आपका simple होगा ये religion में हमारा चला जाएगा, इसमें तो हम discount दे सकते हैं फिर आगे क्योंकि पॉलिटिकल touch  हो जाएगा तो problem हो सकती है

हैरानी वाली बात ये है कि सिद्दकी का पूरा फोकस कंटेंट से ज्यादा बिजनेस और कमाई पर था इसके बाद पुष्प ने सिद्दकी का ध्यान केन्द्रित करते हुए कहा कि जैसे ही चुनाव नज़दीक आ जाएंगे हमारा अभियान सांप्रदायिक मोड ले लेगा जिसके तहत हम वोटों का ध्रुवीकरण करेंगे। सिद्दकी ने इस पर भी रजामंदी देते हुए “no problem” कह दिया। यहां तक की सिद्दकी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उमा भारती, विनय कटियार और मोहन भागवत जैसे कट्टर हिंदुवादी नेताओं के प्रचार-प्रसार के लिए भी राजी हुए। पुष्प ने एक बार फिर दोहराते हुए सिद्दकी को बताया कि हम जिंगल्स की मदद से हमारे कांग्रेस, सपा और बसपा जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को हराना चाहते हैं। साथ ही पुष्प ने सिद्दकी को अपने तीनों एजेंडा के बारे में भी बताया लेकिन एक बार फिर सिद्दकी डिस्काउंट और प्रीमियम में ही उलझे नज़र आए। सिद्दकी कहने लगे, देखिए पहला तो आपका discounted रहेगा.. second और third, second में पता करना पड़ेगा और third में तो possible नहीं है ये तो premium पर ही जाते हैं

जब पुष्प ने पूछा कि क्या हम पेमेंट का 60 फीसदी हिस्सा कैश में दे सकते हैं इसपर भी सिद्दकी को कोई परहेज नहीं था। उन्होंने कहा, कोई दिक्कत नहीं है, मैं बात करता हूं पहले क्या हो सकता है और इसी समझौते के साथ पुष्प की सिद्दकी के साथ मीटिंग खत्म हो गई। To see reactions of concerned person click here


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