Monday 17th of December 2018
यूएनआई
136-Part-1

यूएनआई

cobrapost |
March 26, 2018

नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, ब्युरो चीफ़, लखनऊ


देश और दुनिया में करीब एक हज़ार subscribers जिसमें अख़बार, रेडियो, टेलिविजन नेटवर्क, वैबसाइट, सरकारी दफ़्तर के अलावा प्राइवेट और पब्लिक सैक्टर corporations शामिल हैं ने यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया यानि यूएनआई को सबसे बड़ी न्यूज़ एजन्सी की फहरिस्त में शुमार किया हुआ हैं। देश के हर राज्य की राजधानी के अलावा लगभग हर बड़े शहर में यूएनआई के न्यूज़ ब्युरो हैं। ऐसे ही एक ब्युरो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पत्रकार पुष्प की मुलाक़ात होती है ब्युरो चीफ़ नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव से। हिंदुत्व का एजेंडा और पॉलिटिकल satire चलाने की बात पर श्रीवास्तव ने कहा, “हाँ तो फिर क्या चिंता है फिर तो हो ही जाएगा फिर क्या दिक्कत है वो तो हो ही जाएगा उसमें तो कोई दिक्कत नहीं है”।            

2019 के चुनावों से पहले एजेंडा के तहत electorate को polarize करने की बात पर यूएनआई के ब्युरो चीफ़ नरेंद्र ने कहा, Hundred one percent Sir अभी तक जो मैंने बहुत ही ध्यान से ये चीज़ आपकी सुनी है जो आपके object है जो आप material देना चाहते है उसमें मुझे कोई भी चीज़ objectionable नहीं लगी”। 

नरेंद्र को फ़ायर ब्रांड हिंदू नेताओं के भाषण कवर और promote करने में भी कोई परेशानी नहीं है बल्कि नरेंद्र तो इन लोगो से अपनी नज़दीकी भी बयान कर रहे है, “देखिये सर मैं आपको बताओं जिन जिन लोगो का अपने नाम लिया है मोहन भागवत जी से मेरी मुलाक़ात नहीं होती विनय कटियार जी से अच्छी मुलाक़ात है उमा दीदी बहुत मानती है अयोध्या के होने के नाते इन लोगो से मेरी intimacy है”। 

बातचीत में आगे शर्मा नरेंद्र से पूछते है कि क्या वो पेमेंट कैश में लेंगे और उसकी रसीद देंगे। इस पर यूएनआई के नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “वो हो जाएगा आप शुरू तो कीजिए बिल्कुल देंगे एकदम देंगे सब देंगे”। इतना ही नहीं शर्मा ने जब नरेंद्र से proposal मांगा तो नरेंद्र बोले, “नहीं proposal क्या हम को...देंगे हम उसको छापेंगे तुरंत चलाएँगे उसका हमे पेमेंट दे खत्म”। जब बात यूएनआई के प्रिंट और डिजिटल माध्यमों पर खबरें प्लांट करने की आई तो नरेंद्र ने जवाब दिया, “आप शुरू तो कीजिए सर अभी तो केवल बात हो रही है”।    To see reactions of concerned person click here


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