एक्सक्लूसिव DINAMALAR : We believe in Hindu spirituality

DINAMALAR : We believe in Hindu spirituality

लक्ष्मीपति आदिमूलम,“We have a lot of same wavelength with the BJP family is around”


कोबरापोस्ट - May 25, 2018

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मार्टिन, लक्ष्मीपति आदिमूलम, डायरेक्टर, दिनामलार, चेन्नई

6 सितंबर, 1951 को टीवीआर द्वारा स्थापित, दीनामलार अपने जीवनकाल के दौरान तिरुनेलवेली, तिरुची, चेन्नई, मदुरै और इरोड से एक साथ प्रकाशित किया जाता है। हर रोज़ लगभग दस लाख प्रतियां बेचने वाला ये अखबार दक्षिण में जाना-माना नाम बन चुका है। आज अख़बार चेन्नई, कोयंबटूर, इरोड, मदुरै, नागरकोइल, पांडिचेरी, सेलम, तिरुचिराप्पल्ली, तिरुनेलवेली और वेल्लोर सहित तमिलनाडु के 10 शहरों से प्रकाशित हो रहा है। लेकिन जिन मूल्यों के साथ टीवीआर ने दीनामलार को खड़ा किया है, उनके पोते लक्ष्मीपति आदिमूलम के साथ पत्रकार पुष्प शर्मा की जब बातचीत हुई। तो कुछ और ही सच्चाई निकलकर सामने आई।  

इस बड़ी तहकीकात के दौरान पत्रकार पुष्प शर्मा ने तमिल दैनिक चेन्नई कार्यालय का दौरा किया जहां वह पहली बार मार्टिन से मिले थे। मार्टिन के साथ बैठे उनके कुछ अन्य सहयोगी भी थे। शर्मा अपने एजेंडे के बारे में मार्टिन को बताते हैं कि मीडिया अभियान के तीन महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। पहला और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हिंदुत्व का प्रचार है, जिसे भगवद् गीता और भगवान कृष्ण के प्रचार के माध्यम से किसी भी तरह से चलाना है। दूसरी बात राजनीतिक प्रतिद्वंदियों जैसे पप्पू को झुकाना है। पुष्प पूछते हैं कि आप जानते हैं कि यह पप्पू कौन है? मार्टिन ने जवाब दिया, "नहीं, ठीक है इसी बीच मार्टिन के सहयोगी उन्हें बताते हैं "पप्पू राहुल गांधी हैं।" पुष्प इन्हें बताते हैं कि इस अभियान को ‘उपनाम’ (nickname) का इस्तेमाल करके डिजाइन किया जाना है, ताकि व्यंग्य के माध्यम से उसकी "चरित्र हत्या" (character assassination) के अपने उद्देश्य को पूरा किया जा सके, राहुल गांधी के अलावा, आपको ऐसे ही उपनामों का इस्तेमाल करते हुए बूआ और बबुआ, यानी मायावती और अखिलेश की चरित्र हत्या को लक्षित करना है।

मार्टिन ने हमें बताया  "और बात ये है कि हम इसे संपादक से बात करने के बाद ही बना सकते हैं, हमें संपादकीय मंजूरी की आवश्यकता है।"

इसके बाद पत्रकार पुष्प दिनामलार अखबार के मालिक लक्ष्मीपति आदिमूलम से मिले, हैरानी वाली बात ये है कि अखबार के मालिक इस दुर्भावनापूर्ण एजेंडा को चलाने के लिए तैयार हो गए। उसका समाचार पत्र उद्देश्य लोगों को हकीकत औऱ खबरों से वाकिफ कराने के बजाए अखबार की आड़ में व्यापार करना था, क्योंकि उनसे बातचीत में पता लगा कि वो आरएसएस यानी संघ की विचारधारा से जुड़े हुए हैं।

पुष्प शर्मा इन्हें अपने एजेंडे के बारे में बताना शुरू करते हैं, आदिमूलम ने बताया कि इस बारे में मार्टिन पहले ही उन्हें विस्तार से बता चुके हैं। आदिमूलम कहते हैं I think Martin briefed me on your visit … You want to take some space and that’s not an issue. We have a lot of same wavelength with the BJP family is around … true Hindu family. We believe in Hindu spirituality.” (मुझे लगता है कि मार्टिन ने मुझे आपकी यात्रा पर बताया ... आप कुछ जगह लेना चाहते हैं और यह कोई मुद्दा नहीं है। हमारे पास बीजेपी परिवार के आसपास बहुत सारे wavelength हैं ... सच्चे हिंदू परिवार। हम हिंदू आध्यात्मिकता में विश्वास करते हैं) अगले ही पल आदिमूलम कहते हैं कि चूंकि उनके परिवार आरएसएस और बीजेपी के लिए अपनी निष्ठा रखते हैं, इसलिए उन्होंने अपने व्यापार को बहुत नुकसान पहुंचाया है। "हम बहुत मजबूत आरएसएस रहे हैं ... लेकिन समाचार पत्र हम सीधे ईमानदार हैं। हम दोनों सरकारें नहीं हैं। वास्तव में, पिछले 35 वर्षों में हमें कोई सरकारी विज्ञापन नहीं मिला है। हम छह महीने पहले अदालत में गए और उसे मिला। तो, 35 साल से कोई भी सरकार विज्ञापन नहीं करना चाहती [हमारे साथ घिरा हुआ] और हम जो भी महसूस करते हैं हम सिर्फ लिखते हैं। हम किसी भी सरकार के बारे में परेशान नहीं हैं। यही कारण है कि केंद्र सरकार हमारे परिवार के बहुत करीब है, "आदिमूलम कहते हैं कि चूंकी हमारा परिवार हुत पहले से RSS और बीजेपी के प्रति निष्ठावान है लिहाजा इससे हमारे व्यापार को बहुत नुकसान हुआ है, हमने बहुत कुछ खोया है। We have been very strong RSS … but newspaper we are straight forward honest. We don’t… both the governments.  In fact, last 35 years we haven’t got any government ads. We went to the court six month back and got it. So, 35 years no governments want to advertise with us and we whatever we feel we just write. We don’t bother about any government. That is why the central government is very close with our family,” (हम बहुत मजबूत आरएसएस रहे हैं ... लेकिन समाचार पत्र हम सीधे ईमानदार हैं। हम दोनों सरकारें नहीं हैं। वास्तव में, पिछले 35 वर्षों में हमें कोई सरकारी विज्ञापन नहीं मिला है। हम छह महीने पहले अदालत में गए और उससे मिला। तो, 35 साल की कोई भी सरकार विज्ञापन नहीं करना चाहती [हमारे साथ घिरा हुआ] और हम जो भी महसूस करते हैं हम सिर्फ लिखते हैं। हम किसी भी सरकार के बारे में परेशान नहीं हैं। यही कारण है कि केंद्र सरकार हमारे परिवार के बहुत करीब है)

इसके बाद आदिमूलम अपने पिता आर लक्ष्मीपति के बारे में बताते है, जो कई वर्षों तक भारत की प्रेस ट्रस्ट के अध्यक्ष थे और जिन्होंने भारतीय समाचार पत्र सोसायटी की दो बार अध्यक्षता की थी। अब, वे केंद्र में एक अनुकूल सरकार है। आदिमूलम ने बताया कि So Central government we have been doing lot of things. You know after very, very long time, we have got honest straight forward government. A government who doesn’t want … who doesn’t run a government for elections,”(तो केंद्र सरकार के लिए हम बहुत सी चीजें कर रहे हैं। आप जानते हैं बहुत लंबे समय के बाद हमें ईमानदार सीधी सरकार मिली है। एक सरकार जो नहीं चाहती ... जो चुनाव के लिए सरकार नहीं चलाती है) वर्तमान सरकार पर बातचीत करते हुए आदिमालूम कहते हैं कि चूंकि उनके पिता समेत उनका पूरा परिवार प्रधान मंत्री के काफी करीब है। जब भी प्रधानमंत्री किसी राज्य में किसी यात्रा पर आते हैं तो वो व्यक्तिगत तौर पर उनसे मिलते हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस परिवार के एक दोस्त हैं। उनके पिता अभी भी हर महीने एक बार दिल्ली जाते हैं, आदिमूलम कहते हैं कि  “Anything we are open for it and what best …,”(कुछ भी हो हम इसके लिए खुले हैं और इससे अच्छा क्या है) पुष्प को ये बताने के लिए कि आदिमूलम पूरी करह उनके साथ हैं आदिमूलम पुष्प को कुछ सॉफ्टवेयर के बारे में बताता है जिसे उन्होंने लाइसेंस पर खरीदा है। इस सॉफ्टवेयर को उनके अभियानों में मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। आदिमूलम कहते हैं कि  Sent to broachers, leaflet sent to party workers … say there is Modi ji’s picture is there, just move your camera over here … it gives audio of Modi ji,” (ब्रोशर्स को भेजा गया, पार्टी कार्यकर्ताओं को पत्र भेजा गया ... कहें कि मोदीजी की तस्वीर वहां है, बस अपने कैमरे को यहां ले जाएं ... यह मोदी जी का ऑडियो देता है)

हिंदुत्व के अपने एजेंडे पर वापस आकर, पुष्प आदिमूलम को बताते हैं कि श्रीमद् भगवत गीता और भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों पर फील्ड गतिविधियों(field activities) और वीडियो के माध्यम से हिंदुत्व का माहौल बनाने के लिए कैंपिंग कैसे चलनी है। आदिमूलम ‘okay’  कहकर अपना समर्थन देते हैं और मदद का आश्वसन देते हैं। Okay … anything let me know.”( ठीक है ... कुछ भी है तो  मुझे बताओ)

पुष्प मार्टिन से कहते हैं कि आप मेरे एजेंडा को कैसे चलाओगे इसके लिए मुझे एक प्रस्ताव भेजिए। तो आदिमूलम फिर से इन शब्दों में पुष्प को आश्वस्त करते हैं What best we can do … rest you can be assured.” (हम सबसे अच्छा क्या कर सकते हैं ... बाकी आपको आश्वासन दिया जा सकता है)

दिनामलार अखबार जिस तरह पुष्प के एजेंडा को चलाने के लिए तैयार हो जाता है। इससे ये साबित होता है कि जब कोई मैनेजमेंट किसी खास विचारधारा से प्रभावित हो, तो उसके द्वारा चलाई जाने वाली कंपनी पर भी कहीं न कहीं इसका गहरा असर पड़ता है। जो वाकई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

हमारे भेजे गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनामलार के अधिकारियों की तरफ से हमें जवाब भेजा गया। जिसमें दिनामलार के डायरेक्टर मार्टिन और लक्ष्मीपति आदिमूलम की तरफ से कहा गया कि मार्टिन तकनीक (Technique) और व्यापार (business) डायरेक्टर हैं। लिहाज़ा Editorial/policy decisions उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। आगे इन्होने ये भी कहा कि पुष्प के साथ हुई बातचीत में उन्होंने जो कुछ भी कहा वो उनके व्यक्तिगत विचार थे, इसके पीछे उनका आधिकारिक पद जिम्मेदार नहीं है। 

इनकी पूरी प्रतिक्रिया पढ़ने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर click कर सकते हैं।

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