136-Part-1 Rediff.com

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दो दशक पहले साल 1996 में अजीत बालाकृष्णन ने Rediff.com की शुरूआत की थी। अब Rediff.com एक न्यूज़, मनोरंजन और शॉपिंग वेब पोर्टल बन चुका है। देश-विदेश के कई बड़े शहरों में Rediff.com के दफ्तर हैं। लोगों तक पहुंच और उनकी पसंद की वजह से आज Rediff.com देश की टॉप 24 वेब पोर्टल में से एक है। पुष्प शर्मा ने Rediff.com के मुंबई दफ्तर में दस्तक दी और यहां सबसे पहले Viraj Khandhadia से मुलाकात की। विराज यहां एसोसिएट डायरेक्टर एड सेल्स के पद पर कार्यरत हैं। विराज उस वक्त कंपनी के Manager Ad Sales सुमित.एच. रावल के साथ बैठ थे। पुष्प ने विराज और उनके सहयोगी सुमित को  मिशन 2019 के एजेंडे के बारे में बताया। 


cobrapost - March 26, 2018

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दो दशक पहले साल 1996 में अजीत बालाकृष्णन ने Rediff.com की शुरूआत की थी। अब Rediff.com एक न्यूज़, मनोरंजन और शॉपिंग वेब पोर्टल बन चुका है। देश-विदेश के कई बड़े शहरों में Rediff.com के दफ्तर हैं। लोगों तक पहुंच और उनकी पसंद की वजह से आज Rediff.com देश की टॉप 24 वेब पोर्टल में से एक है। पुष्प शर्मा ने Rediff.com के मुंबई दफ्तर में दस्तक दी और यहां सबसे पहले Viraj Khandhadia से मुलाकात की। विराज यहां एसोसिएट डायरेक्टर एड सेल्स के पद पर कार्यरत हैं। विराज उस वक्त कंपनी के Manager Ad Sales सुमित.एच. रावल के साथ बैठ थे। पुष्प ने विराज और उनके सहयोगी सुमित को  मिशन 2019 के एजेंडे के बारे में बताया। पुष्प ने इन्हें अपने फोन में मौजूद एक जिंगल का ऑडियो भी सुनाया और अपनी हिंदुत्व की कहानी को एक नया मोड़ दिया। अयोध्या मुद्दे के जिक्र करते हुए कहा कि अब लोगों का ध्यान इस मुद्दे से भटक चुका है लिहाज़ा ये वोट मांगने में सक्षम नहीं रहा लिहाजा हमने तय किया है कि हम श्रीमद् भगवद गीता से भगवान कृष्ण के उपदेश चलाकर लोगों के अंदर हिंदुत्व के भाव पैदा करेंगे और मतदाताओं का रूझान अपनी ओर आकर्षित करेंगे ताकि हमें इसका राजनीतिक लाभ मिल सके। इसके बाद पुष्प ने विराज से पूछा कि अब आप बताइए कि आप हमारे एजेंडे को एक उचित तरीके से कैसे पैकेज कर सकते हैं। हिंदुत्व के समर्थन में एक मजबूत मीडिया कैंपेन के लिए पिच तैयार करने के बाद पुष्प ने इन्हें अपनी तीन मांगों के बारे में बताया। इसी बीच विराज के सहयोगी रावल ने इन तीन मांगों को बोर्ड पर लिखना शुरू कर दिया। पुष्प ने अपने एजेंडे के पहले चरण का जिक्र करते हुए इन्हें बताया कि पहले तीन महीनों में गीता और भगवान कृष्ण के उपदेशों पर खेलकर लोगो को अध्यात्म से जोड़ने की कोशिश करेंगे। एजेंडे के दूसरे चरण में हम मोहन भागवत, उमा भारती और विनय कटियार जैसे कट्टर हिंदूवादी नेताओं के भाषणों का प्रमोशन करेंगे और इसे देश भर में पहुंचाएंगे।

इसी बीच विराज ने कहा कि मुझे इसके लिए अपनी एडिटोरियल टीम ने इजाज़त लेनी पड़ेगी कि क्या वो इस तरह की सामग्री को अपने पोर्टल पर अपडोट कर सकते हैं। हालांकि विराज पूछने लगे- “कब से स्टार्ट कर रहे हैं सर ये.. रिपब्लिक डे से ही स्टार्ट करें सक 26 जनवरी से” पुष्प ने इन्हें बताया कि वो इसे फरवरी के पहले हफ्ते से शुरू करेंगे।

इसके बाद पुष्प ने इन्हें अपने तीसरे एजेंडे के बारे में बताते हुए कहा कि जैसे ही चुनाव नज़दीक आएंगे हमारा अभियान हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के हरित्रहनन की तरफ केन्द्रित हो जाएगा। इसके लिए हम व्यंग्य का इस्तेमाल करेंगे ताकि जनता की नज़रों में उनकी छवि खराब हो सके। पुष्प ने दोहराते हुए कहा कि हम राहुल गांधी को पप्पू के तौर पर पेश करेंगे। हमारा कंटेंट पप्पू, बुआ और बबुआ के इर्द-गिर्द घूमकर राहुल गांधी, मायावती और अखिलेष यादव की छवि खराब करेगा।

कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह का कंटेंट चलाने में विराज को कोई एतराज़ नहीं था। विराज ने हमें हदों से पार जाकर सपोर्ट करने का आश्वासन दिया, विराज ने कहा “ सर और एक बात बताइए अगर हम एक तरीके की बात करते हैं, हमारी साइड से आपके लिए स्टोरी लिखें, स्क्रिप्ट लिखे वो नेता जी को छोड़ के वो territory Karnataka रहेगा तो Karnataka  के लिए, यूपी, बिहार जहां के लिए भी..”।

पुष्प ने पूछा कि क्या आपका मतलब एडवटोरियल से है। इस पर विराज ने पुष्प को समझाते हुए कहा कि हम अपनी न्यूज़ स्टोरी की आड़ में आपके नेताओ का प्रचार करेंगे। विराज ने कहा कि “एडवटोरियल. एडवटोरियल एक है या हम उनके बारे में और कुछ अच्छी बात लिखें, स्क्रिप्ट लिखें सर कुछ अच्छा कि उन्होंने ये अच्छा कार्य किया.. वो मैट्रो लॉन्च करते हैं तो उनको मैट्रो के साथ जोड़ें कि उन्होंने ये किया। गवर्नमेंट पॉलिसीज़ प्रमोशन.. so we are not doing bad about our competitors हम हमारे बारे में अच्छा दिखा रहे हैं”।

पुष्प ने इन्हें कहा कि पहले हम एक तीन महीने की छोटी डील करते हैं और इसे एक ट्रायल के तौर पर देखते हैं अगर आप हमारे मांग के मुताबिक अच्छा करते हैं तो हम इस डील को लंबी लेकर जाएंगे। इस पर विराज ने सहमति जताते हुए कहा कि  “ठीक है  as you wish Sir  तो तीन महीने का जो कैंपेन है वो, first three months we will focus only point one or two I am right Sir …एक बार सर थोड़ा काम हम भी साथ में कर लेंगे तीन महीने तो हमें भी एक दूसरे का आइडिया आएगा कि आपका क्या requirement हैं हम क्या डिलिवर कर सकते हैं, कैसे कर सकते हैं.

पुष्प ने विराज को एक प्रपोजल तैयार करने के लिए कहा इस पर विराज ने पेमेंट एडवांस लेने की बात कही। विराज ने कहा “ठीक है पहले ही एडवांस हो जाए..नहीं मैं पहले किया था तो उसमें एडवांस होता था मुझे पता था बस कन्फर्म कर रहा था हमें आपके साथ जुड़ना है आगे बड़ा लंबा काम करना है अगर तीन महीने में आपको अच्छा रिजल्ट मिले तो हम आगे बड़ा काम कर पाएंगे”।

विराज ने पुष्प को डेढ़ करोड़ का प्लान तैयार कर भेजने की भी बात कही “हां जी तो अभी आपको डेढ़ करोड़ का प्लान बनाके भेजता हूँ”

जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, पुष्प विराज को बताते हैं कि उनके संगठन ने एक निश्चित वजह के चलते अपने अभियान के लिए Rediff.com को चुना है। पुष्प ने विराज से कहा कि वो उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को राहुल गांधी, मायावती और अखिलेष यादव का पप्पू, बुआ और बबुआ कहकर इस कदर दुष्प्रचार करें ताकि जनता कभी इन्हें गंभारता से ना ले और इस चरित्रहनन के जरिए हम अपनी प्रतिद्वंदी पार्टियों कांग्रेस, सपा और बसपा को खत्म कर सकें। पुष्प की हर मांग को मानते हुए विराज कहते हैं- “उनको अलग रखना important है..हां जी..ठीक कह रहे हैं.

जब पुष्प इनसे बताते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए संघ कुछ तैयारी कर रहा है इसपर विराज उन्हें अपनी कंपनी की सेवाओं का ऑफर देते हुए कहते हैं कि “सर PR करेंगे हम … this is what I have something in my mind कि हम इलेक्शन कवर करते हैं तो हमारा न्यूज़ सेक्शन भी कवर होता है, तभी वहां पर हम आपकी एड चला देंगे कि बंदा इलेक्शन के बारे में कंटेंट पढ़ रहा है सामने ये दिख रहा है … exactly.

विराज इस डील को छोड़ना नहीं चाहते थे और उधर पुष्प विराज के दिमाग का फितूर समझ चुके थे लिहाजा उन्होंने विराज से कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए उनके संगठन ने 7000 करोड़ का भारी-भरकम बजट रखा है। ये उन मीडिया कंपनियों में क्रांति लेकर आएगा जिन्होंने हमारे साथ काम किया है। अब ये उनपर निर्भर करता है कि वो हमारे इस एजेंडे को लेकर भावनात्मक रुप से कितने जुड़े हैं। विराज अपना सुझाव देते हुए कहते हैं कि “डिजिटल में क्या है audience हर तरीके का है कोई मैट्रो में रहता है कोई नॉन मैट्रो में रहता है कोई फाइनेंस सेक्शन में जाता है..हर एक को अलग कम्युनीकेशन होना चाहिए..वो आदमी देख के उसको टारगेट करना चाहिए सबको एक ही चीज़”।  

इससे पहले कि ये मीटिंग खत्म होती विराज पुष्प से फिर कहते हैं कि “Correct … we will discuss internally on all this … एक अच्छा सा प्लान बनाएंगे हम आपके लिए और पहले ये तीन month का बनाएंगे.

पुष्प ने विराज से कहा कि तुम आगे बढ़ो और हमारे फायदे के लिए काम करो। अगर तुम हमारे पक्ष में खबरे चलाओगे तो ये आगे के लिए बहुत अच्छा रहेगा। यहां शर्मा विराज से पेड न्यूज़ के बारे में पूछ लेते हैं इस पर विराज कहते हैं कि “ जहां-जहां इलेक्शन का होगा..मैं एक बार internally सबसे consult consent ले के एक brain stroming हम को कर लेने दो फिर हम आपके साथ चलेंगे”। इसके बाद विराज पुष्प को अपने सीनियर अधिकारियों से मिलाने का भी आश्वासन देता है। To see reactions of concerned person click here

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