Monday 17th of December 2018
TV5: Okay, one anti-Congress property indirectly
एक्सक्लूसिव

TV5: Okay, one anti-Congress property indirectly

कोबरापोस्ट |
May 25, 2018

श्रीनिवास मूर्ति,“आपके तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में एक ही चैनल TV5 जो है demonetization का positive दिया है that days and उसके लिए हमें चेयरमैन साहिब को मोदीजी ने बुलाया”


श्रीनिवास मूर्ति, वाईस प्रजिडेंट (मार्केटिंग), TV5, हैदराबाद

24x7 तेलुगू टीवी समाचार चैनल 2 अक्टूबर 2007 को बीआर नायडू द्वारा लॉन्च किया गया था। नायडू यात्रा, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास में व्यावसाय करते हैं। इस चैनल का उद्घाटन TRC द्वारा किया गया था। ये चैनल हर घंटे समाचार बुलेटिन और 30 विशेष समाचार बुलेटिन प्रसारित करता है। हैदराबाद, विजाग और विजयवाड़ा में ब्यूरो के साथ, ये चैनल आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फैले 294 पत्रकारों की एक टीम का दावा करता है, और खुद को नंबर 1 तेलुगु समाचार चैनल होने का भी दावा करता है। वरिष्ठ पत्रकार पुष्प शर्मा ने चैनल के Vice Presiedent श्रीनिवास मूर्ति से मिलने के लिए टीवी 5 के हैदराबाद कार्यालय का दौरा किया। मूर्ति को अपना एजेंडा बताते हुए, पुष्प इनसे बताते हैं कि उनके अभियान की तीन मुख्य आवश्यकताओं में से एक भगवद् गीता और भगवान कृष्ण के उपदेशों के माध्यम से हिंदुत्व का प्रचार है। आप इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए विशेष रूप से बनाए गए चैनल पर 20-30 सेकंड लंबे FCT चला सकते हैं, ताकि यह हमारे पक्ष में एक अनुकूल माहौल बनाने में मदद करें। यह श्रीमद् भगवद् गीता प्रचार समिति द्वारा जारी किया जाएगा। इसपर हामी भरते हुए मूर्ति कहते हैं कि  Okay 30 second का FCT जो है आप मुझे वो material लेकर आप मुझे देंगे पुष्प इन्हें बताते हैं कि ऑडियो के रूप में ये कंटेंट उनके पास तैयार है।

पुष्प इन्हें बताते हैं कि पहले चरण में हिंदुत्व (soft hindutva phase) के बाद अर्ध-राजनीतिक चरण (semi political phase) का पालन करेंगे, हमारे अभियान के इस चरण में, कांग्रेस, बीएसपी और एसपी जैसे हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को झुकाना होगा। आपको इन प्रतिद्वंदी नेताओं के खिलाफ एक निरंतर अभियान चलाना है। लेकिन इसे इनके उपनाम जैसे पप्पू का उपयोग करके सूक्ष्म तरीके से किया जाना चाहिए, और जब आप पप्पू जैसे नामों का उपयोग करते हैं, तो लोग तुरंत समझ जाएं कि इसका क्या अर्थ है। तुरंत मूर्ति कहते हैं कि “Pappu of India बोले तो वही आएगा पुष्प इन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहते हैं कि हां सही समझे आप। पुष्प इन्हें बताते हैं कि हमें अपने विरोधियों का नाम लेकर उनपर सीधा हमला नहीं करना है। इसलिए हमें एक ऐसी प्रोपर्टी बनानी होगी जिससे उनकी चरित्र हत्या हो सके। 

 

हमारे विरोधियों पर हमला करते समय हमें और सीधे पप्पू का मतलब होने पर हमें प्रत्यक्ष होने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, आपको इस प्रकार की चरित्र हत्या (character assassination) के लिए एक नई संपत्ति बनानी होगा, उदाहरण के लिए, 'पप्पू रिटर्न्स', उदाहरण के लिए, आज तक पर ‘so sorry' के पैटर्न पर। जैसे ‘Pappu Returns’ नाम से आप इस प्रोपर्टी को बना सकते हैं जिस तरह आज तक पर ‘so sorry’ में किया जाता है। मूर्ति इस तरह की एक प्रोपर्टी बनाने के लिए सहमत हो जाते हैं जैसा कि वो कहता हैं “प्रोपर्टी बनाना है ठीक है पुष्प इनसे कहते हैं कि ऐसा करके हम राहुल गांधी और कांग्रेस की छवि को बर्बाद कर सकते हैं। मूर्ति पुष्प की बात का समर्थन करते हुए कहते हैं कि “Okay, one anti-Congress property [hitting] indirectly”  अब पुष्प उन्हें बताते हैं कि हमारा सबसे बड़ा विरोधी पप्पू होगा जिसके ऊपर हमें सबसे ज्यादा काम करना होगा। इस बात पर भी मूर्ति “Okay, ठीक है” कहकर पुष्प की बात को मान लेते हैं। पुष्प इन्हें बताते है कि हमारे अभियान के दो शुरूआती चरणों में (पहला हिंदुत्व का प्रचार और दूसरा राजनीतिक प्रतिद्वंदियों का दुष्प्रचार) के लिए हमने 6 करोड़ रूपये का भारी भरकम बजट तय किया है। अभियान के आखिरी चरण में हम बजट बढ़ा देंगे। मूर्ति “ठीक है” कहकर बात को समझने की कोशिश करते हैं। अब मूर्ति ये जानने की कोशिश करते हैं कि  ये पैमेंट कैसा रहेगा  पुष्प कहते हैं कि पूरा पैमेंट एडवांस किया जाएगा। मूर्ति पूछते हैं कि Advance, cash or cheque? तो पुष्प कहते हैं कि पूरा कैश के जरिए। लेकिन हैरत की बात ये है कि मूर्ति को कैश पेमेंट लेने में कोई एतराज नहीं है लिहाजा वो “ठीक है” कहकर हामी भर देते हैं।

जैसे बातचीत आगे बढ़ती है सोफ्ट हिंदुत्व का जिक्र करते हुए मूर्ति पूछते हैं कि ये semi-political जो है हिंदू धर्म में नहीं डाल सकते?” पुष्प इन्हें बताते हैं कि ये उस चरण के लिए नहीं है। अब मूर्ति एक बार फिर पूछते हैं कि खाली आपका न्यूज़ में चलेगा..तेलगु और कन्नड़ में डालेंगे पुष्प इन्हें स्पष्ट करते हुए कहते है कि हां, और जब आपके चैनल पर बहस या पैनल चर्चाएं होती हैं, तो कांग्रेस के खिलाफ हमें समर्थन दें, ऐसा करके आप उन्हें ज्यादा चोट पहुंचा सकते हैं। यदि आप बजट में वृद्धि की उम्मीद करते हैं, तो हमें ऐसा करने में भी खुशी होगी। मूर्ति कहते हैं कि ठीक है अपने संभावित ग्राहक का भरोसा जीतने के लिए मूर्ति खुलासा करते हैं कि आपका जो demonetization में जो है ना TV9वाला जो है आपको एकदम negative किया.. आपके तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में एक ही चैनल TV5 जो है demonetization का positive दिया है that days and उसके लिए हमे  चेयरमैन साहिब को मोदीजी ने बुलाया मूर्ति की बात सुनकर पुष्प इन्हें बताते हैं कि यही वजह है कि मैंने आपसे संपर्क किया है। इसी के साथ पुष्प इस मुलाकात को खत्म करके वहां से निकल आते हैं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

मूर्ति से मुलाकात के एक महीने बाद, पुष्प शर्मा TV5 के vice president को फोन करते हैं ये जानने के लिए कि क्या अभी भी मूर्ति उनके दुर्भावनापूर्ण अभियान को अपने चैनल पर चलाने के लिए तैयार हैं। जैसा कि मुलाकात के दौरान उन दोनों के बीच समझौता हुआ था।

पुष्प मूर्ति से कहते हैं कि आप मेरे एजेंडा में दो बिंदुओं को नोट कर लीजिए। जिसका आपको खास ख्याल रखना होगा। पहला है -हमारे पास कुछ गठबंधन सहयोगी हैं। आप जानते हैं कि टीडीपी ने हमारे साथ गठबंधन किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश में अपना दल की अनुप्रिया जैसे छोटे दलों के नेता हैं। फिर बिहार से उपेंद्र कुशवाह हैं। आप इन सभी गठबंधन भागीदारों के खिलाफ कहानियां चलाएं, इसलिए हमारी पार्टी उन पर ऊपरी हाथ रखेगी । मूर्ति सहमति जताते हुए कहते हैं "ठीक है, ठीक है" पत्रकार उनसे पूछते हैं कि मैं उम्मीद करता हूं कि आप मेरी बातें समझ गए होंगे। मूर्ति हां में हां मिलाते हुए कहते हैं।  Yes, positively yes yes yes. ये बिहार को बिहार का क्या मतलब है अपने उसमें?”

इसी बात पर अपने समझौते को सुरक्षित करने के बाद, पत्रकार अब दूसरे बिंदु पर आता है। पुष्प कहते हैं कि काफी दिनों से देश भर में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं जिससे सरकार की छवि को चोट पहुंची है। आप अपनी खबरों के जरिए किसानो द्वारा किए गए विरोधों को नक्सलियों या माओवादियों के साथ लिंक करें, ताकि उनके विरोध को प्रायोजित या उत्तेजित दिखा कर हम उसकी दिशा बदल सकें। इससे ये संदेश जाएगा कि ये विरोध प्रदर्शन हमारी सरकार के खिलाफ उनके क्रोध का नतीजा नहीं हैं। ये सुनकर भी मूर्ति को अपने पेशे की याद नहीं आती और वो इसपर भी अच्छा, अच्छा, अच्छा कहकर अपनी सहमति जता देते हैं।

अब पुष्प इनसे एक और मुद्दे पर बात करते हैं और ये मुद्दा है आधार का। वो मूर्ति को बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही इसके प्रतिकूल फैसले पारित किए  हो बावजूद इसके उनके चैनल को इस योजना पर सरकार के स्टैंड का समर्थन करना है। मूर्ति ऐसा करने के लिए भी रजामंद हो जाते हैं और कहते हैं कि   ठीक है सर अच्छी बात है

तो ये हकीकत है TV5 न्यूज़ चैनल की। जिसके वरिष्ठ अधिकारी हर हाल में पत्रकारिता के पेशे के साथ समझौता करने को तैयार हैं।

 

 


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