एक्सक्लूसिव ZEE NEWS: Cash is welcome हां हां यहां एक बड़ी एजेंसी है वो हमेशा ऐसा कर सकते हैं

ZEE NEWS: Cash is welcome हां हां यहां एक बड़ी एजेंसी है वो हमेशा ऐसा कर सकते हैं

संजोय चटर्जी,“हमारी तरफ से आपके इस कार्यक्रम के लिए we will do anything and everything that is required to make your plan successful, that’s our commitment, okay”


कोबरापोस्ट - May 25, 2018

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संतोष सेल्स एंड मार्किटिंग, गौरी महापात्रा हेड सेल्स एंड मार्किंग ज़ी कलिंगा;  संजोय चटर्जी, बिजेनेस हेड ज़ी रीजनल ईस्ट, पुरुषोत्तम वैष्णव, सीईओ रिजनल न्यूज़ चैनल्स; सागर आरोड़ा, सीनियर मैनेजर सेल्स, ज़ी पंजाब, हिमाचल एंड हरियाणा; अमित कुमार, असिस्टेंट मैनेजर, ज़ी पुरवैया; प्रदीप कुमार सिन्हा, टर्शरी हेड सेल्स; अभिषेक पांडेय, सीनियर मैनेजर सेल्स, उत्तराखंड ज़ी न्यूज़

ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ZMCL) ने करीब दो दशक पहले साल 1999 में ज़ी न्यूज़ लॉन्च किया, आज ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तीन नेशनल चैनल्स हैं जिनमें ज़ी न्यूज़, ज़ी हिन्दुस्तान और ज़ी बिजनेस शामिल हैं साथ ही इसी ग्रुप का ‘ज़ी व्योन’ अंग्रेजी का इंटरनेशनल चैनल है। इसके अलावा ज़ी मीडिया ग्रुप के ज़ी 24 तास (मराठी), ज़ी 24 कलक (गुजराती), ज़ी 24 घंटा (बंगाली), ज़ी मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़, ज़ी उत्तरप्रदेश/उत्तराखंड, ज़ी राजस्थान, ज़ी पंजाब/ हरियाणा/ हिमाचल, ज़ी कलिंगा न्यूज़ (उड़िया), ज़ी बिहार/ झारखंड और ज़ी सलाम (उर्दू) भी इसी ग्रुप के रीजन्ल चैनल्स हैं। आज इस मीडिया ग्रुप के 19 करोड़ व्यूवर्स हैं।

इसके न्यूज़ चैनल्स के अलावा 9X मीडिया भी ज़ी ग्रुप का हिस्सा है जिसके अंदर 6 म्यूजिक चैनल्स और www.spotboye.com नाम से बॉलीवुड न्यूज़ पोर्टल है। Daily News and Analysis-DNA भी मुंबई आधारित अंग्रेजी समाचार पत्र है। ज़ी न्यूज़ अक्सर अपनी कट्टर हिंदूवादी मानसिकता को लेकर चर्चाओं में रहता है। चाहे वो ज़ी न्यूज़ और जिंदल प्रकरण जिसमे ज़ी न्यूज़ के एडिटर इन चीफ़ सुधीर चौधरी और उनके सहयोगी समीर आहुवालिया द्वारा जिंदल समूह से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का मामला हो या खुद को राष्ट्रवादी चैनल घोषित करने की बात हो। जिंदल प्रकरण मे तो जी न्यूज़ के एडिटर इन चीफ़ सुधीर चौधरी और समीर आहुवालिया को दिल्ली पुलिस ने 2012 मे गिरफ्तार भी किया था। जितना संभव हो उतनी आंखों को आकर्षित करने के अपने उत्साह में सुधीर चौधरी ने एक फर्जी स्टिंग ऑपरेशन को भी अंजाम दिया था। सितंबर 2007 में सुधीर चौधरी लाइव इंडिया के सीइओ और एडिटर थे। ये स्टिंग ऑपरेशन एक महिला के खिलाफ था जो दिल्ली के सरकारी स्कूल में टीचर थी। इस स्टिंग ऑपरेशन में उस महिला को वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देने वाली के रूप में दिखाया गया था। इस फर्जी वीडियो को चैनल पर दिखाए जाने के बाद महिला को ना सिर्फ समाज में बदनामी का दंश झेलना पड़ा बल्कि गुस्साई भीड़ ने उसपर हमला तक कर दिया था। हालांकि जब जांच में स्टिंग ऑपरेशन के फर्जी होने की सच्चाई सामने आई तो इस स्टिंग ऑपरेशन को करने वाले सुधीर चौधरी के सहयोगी प्रकाश सिंह को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और झूठी खबर दिखाने के आरोप में चैनल को भी तीन महीने के लिए ब्लैक आउट किया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में ज़ी न्यूज राष्ट्रवाद और हिंदुत्व का एक सम्मानित चैंपियन बनने की कोशिश में लगा है खासतौर पर बीजेपी के केंद्र की सत्ता में आने के बाद ज़ी समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने बीजेपी के सपोर्ट से राज्यसभा में जगह बनाई। फरवरी 2016 में भी दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी को सत्तारूढ़ पार्टी और उसकी सरकार द्वारा निंदा का सामना करना पड़ा इसकी वजह थी ज़ी न्यूज पर प्रसारित किया गया वो सिद्धांतिक वीडियो जिसमें कुछ जेएनयू छात्रों को भारत विरोधी नारे लगाते दिखाया गया था। वीडियो प्रसारित होने के तुरंत बाद जेएनयू के छात्रों और छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई हालांकि पुलिस अभी तक इस वीडिया की प्रमाणिकता का पता नहीं लगा पाई कि वाकई ये वीडियो वास्तविक था भी या नहीं।

26 मार्च 2018 को कोबरापोस्ट द्वारा ऑपरेशन 136 पहले पार्ट के रिलीज होने के बाद ज़ी न्यूज़ और ज़ी हिंदुस्तान ने ‘कोबरापोस्ट का काला सच नाम’ से एक सनसनीखेज़ कार्यक्रम प्रसारित किया। इस कार्यक्रम का एकमात्र उद्देश्य कोबरापोस्ट की तहकीकात को गलत साबित करने का था। हालांकि इस कार्यक्रम में ज़ी न्यूज़ ने अपने मुताबिक वीडियो और स्क्रिप्ट के जरिए खुद को पाक साफ दिखाने की पुरजोर कोशिश की।

ऑपरेशन 136 पार्ट-1 में कोबरापोस्ट ने DNA और 9X Tashan के बड़े अधिकारियों का खुलासा किया था जिन्होंने हिंदुत्व को बढ़ावा देने पर अपनी सहमति जताई थी, इन अधिकारियों ने कुछ राजनीतिक नेताओं के खिलाफ चरित्र हत्या अभियान चलाने और पैसे के लिए अनुकूल कहानियां चलाने पर भी रजामंदी दी थी। 9X Tashan के सीनियर वाईस प्रेजिडेंट (एड सेल्स) राजीव शर्मा ने अपने ग्राहक पुष्प शर्मा को वादा किया था कि वो एजेंडे के अनुसार हिंदुत्व का प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा था कि “आप जो ये points बोल रहे हैं इसमें हम ऐसा भी कर सकते हैं कि जैसा अभी हमने brand songs  हम create करते है तो हम ये जो आपके items हैं इनके through भी हम कुछ कर सकते हैं मान लीजिए song create किया हमने और वो हमारी property भी होगी तो हम उसको throughout the day promote करेंगे वो चलेगा एक बड़े level पे तो वो एक buzz create कर देगाज़ी सिनर्जी के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर रजत कुमार जो कि DNA के प्रभारी भी हैं। इन्होनें भी अपने ग्राहक से इस मीडिया कैंपने पर काम करने का वादा किया था। इन्होंने कहा था कि “बिल्कुल मैं इसमें बहुत युद्ध गति से काम करता हूं”     

DNA और 9X Tashan के बड़े अधिकारियों का खुलासा करने के बाद पुष्प शर्मा ने ज़ी मीडिया ग्रुप के अलग-अलग रीजनल चैनल्स में बड़े पदों पर बैठे आठ और मार्किटिंग अधिकारियों से बातचीत की यह देखने के लिए कि क्या उनके दुर्भावनापूर्ण प्रस्ताव को ये अधिकारी गर्मजोशी से ले रहे हैं या नहीं। हैरानी वाली बात ये है कि ये सब अधिकारी पुष्प शर्मा की मांगों से भी ऊपर जाकर इस एजेंडे पर काम करने के लिए राजी हो गए। भुवनेश्वर में ज़ी कलिंगा में सेल्स एंड मार्केटिंग टीम के सदस्य संतोष ज़ी न्यूज के साथ इस एजेंडे के लिए कॉर्पोरेट गठबंधन को तुरंत सहमत हो गए। इन्होंने कहा नहीं-नहीं खाली ज़ी कलिंगा का बात खत्म कर लेते हैं और top level में जो भी हो सकता है मैं यहीं से करवा दूंगा, कोई problem नहीं है सब मैं करवा दूंगा

 पुष्प के पूछने पर कि क्या आपका मतलब है कि आप भुवनेश्वर से ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का भी करा सकते हैं संतोष ने कहा कि हां-हां link हैं सब ना कोई problem नहीं है direct बात आप भी कर सकते हैं कोई problem नहीं है खाली ज़ी कलिंगा को लेकर जो प्रोग्राम है आपको उसका detail मेरे को दे दीजिए और छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश बोल रहे हैं छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के लिए मैं करवा दूंगा

संतोष बोर्ड पर अपनी वरिष्ठ गौरी महापात्रा को लाने के लिए तत्पर थे जो पत्रकार भुवनेश्वर कॉफी शॉप में मिले थे। उनके जूनियर ने ज़ी कलिंग सेल्स एंड मार्केटिंग हेड को पहले से ही इस एजेंडा के बारे में अवगत करा दिया था।

अपने भारी भरकम बजट पर चर्चा करते हुए पुष्प गौरी महापात्रा को बताते हैं कि वो ओडिशा समेत तीन राज्यों में अपने मीडिया अभियान में निवेश’ करना चाहते हैं, वो कहती हैं ऐसा लगता है कि यह एक भुगतान नहीं है, इसलिए यह एक और मदद होगी।

महापात्रा की बातों पर हामी भरते हुए पत्रकार पुष्प शर्मा कहते हैं कि यही तो वो चाहते थे। पुष्प महापात्रा से ये भी कहते हैं कि चूंकि आपका मालिक स्वयं बीजेपी से जुड़ा हुआ है, ऐसा नहीं होना चाहिए कि आपका चैनल अनावश्यक रूप से हमारा पक्ष ले रहा है इसपर महापत्रा कहती हैं "हाँ, बिल्कुल ... ऐसा दिखना चाहिए कि हम सभी के साथ हैं ... हम हमेशा ऐसा कर सकते हैं"

पुष्प महापात्रा को बताते हैं कि हमारे आश्रम में डोनेशन द्वारा मिला बहुत सारा कैश है और पूछते हैं कि क्या हम कैश में पैंमेंट कर सकते हैं महापात्रा कहती हैं Cash is welcome हां हां यहां एक बड़ी एजेंसी है वो हमेशा ऐसा कर सकते हैं

पुष्प आगे पूछते हैं कि अब, मुझे बताएं कि आपका चैनल इन तीन राज्यों में सरकार बनाने में हमारी मदद कैसे कर सकता है? इसपर महापात्रा कहती हैं “We have days out total FPC, we call it FPC fixed point chart, like we have to plan for whole week that is our FPC. So what we have planned is we are going to remote [areas]. What is the agenda of the chairman?  So it will be like totally going to each and every panchayat, each and every block, to the local corner of Odisha. We won’t be leaving any place.  So that way we can add-on like आपका कहीं पर कुछ हो रहा है (if you have organized a programme) ... like our 30 senior [staff members] will be there in all places, and 30 will be multiplied, can go to 100, 200 people, so they will be in one network. So if it goes well, if it is okay with chairman … we will be working like a partnership programme.”(हमारे पास कुल FPC के दिन हैं, हम इसे FPC fixed point chart कहते हैं, जैसे कि हमें पूरे सप्ताह के लिए योजना बनानी है वही हमारा FPC है। तो हमने योजना बनाई है कि हम दूर-दराज इलाकों में जा रहे हैं। यही चेयरमैन का एजेंडा भी है। तो यह पूरी तरह से हर एक पंचायत, हर एक ब्लॉक, ओडिशा के एक-एक कोने में जाने जैसा होगा। हम कोई जगह नहीं छोड़ेंगे। तो इस तरह हम add-on कर सकते हैं जैसे आपका कहीं पर कुछ हो रहा है... जैसे हमारे 30 वरिष्ठ [स्टाफ मेंबर] सभी जगहों पर होंगे, और 30 गुणा किए जाएंगे, 100, 200 लोगों तक जा सकते हैं, इसलिए वे एक नेटवर्क में होंगे। तो अगर ये अच्छी तरह से चला जाता है, अगर यह चेयरमैन के लिए ठीक है ... तो हम साझा कार्यक्रम की तरह काम करेंगे)।

इसतरह इस तरह ज़ी कलिंग के साथ सौदा हो जाता है इसके बाद पुष्प महापात्रा से पूछते हैं कि अगर वह उसे किसी ऐसे व्यक्ति के पास ले जा सकती हैं जो छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए इसी एजेंडे पर हमला करने में मदद कर सकती है, जहां इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसपर महापात्रा पुष्प को ज़ी रिजनल ईस्ट के बिजनेस हेड संजोय चटर्जी से मिलाने की बात कहती हैं, लेकिन इस बैठक के पहले, चटर्जी पहले से ही ज़ी ग्रुप के कुछ रीजनल चैनल्स के संपादकीय टीम के प्रमुख और सीईओ पुरूषोत्तम वैष्णव से बात कर चुके थे

लिहाजा जब पुष्प चटर्जी से पूछते हैं कि वह राजस्थान में चुनाव के दौरान एजेंडा को बढ़ावा देने में कैसे मदद कर सकते हैं, तो चटर्जी कहते हैं “हमारी तरफ से आपके इस कार्यक्रम के लिए we will do anything and everything that is required to make your plan successful, that’s our commitment, okay. It has to be spread across length and breadth of the day and the evening and in the night and the afternoon because the audience is everywhere. You know to capture all kinds of audiences you have to instill [in] them the confidence about the Hindutva thing. Some speak out like you do, some don’t like I do. I am also [a] Brahmin, I am Chatterjee. So we also know that whatever our country is going through, and I am not giving you any sales talk ... okay, because sales has already been done. Let’s assume that. So, it’s good thing and before coming here we been sat down with Purshottamji. He has assured that [quoting him] ‘You go and tell him every single help from the channel to make your plan successful.’ That is the one liner that we are telling you.(हम आपकी योजना को सफल बनाने के लिए आवश्यक कुछ भी और सब कुछ करेंगे, यह हमारी प्रतिबद्धता है, ठीक है। इसे दिन, रात, दोपहर, शाम में फैलाना होगा क्योंकि दर्शक हर जगह हैं। आप जानते हैं उन सभी प्रकार के दर्शकों को पकड़ने के लिए जिन्हें आपको हिंदुत्व चीज़ के बारे में विश्वास कराना है। कुछ आप की तरह बात करते हैं, कुछ मुझे पसंद नहीं करते हैं, मैं भी एक ब्राहमण हूं मैं चटर्जी हूं। इसलिए ये हम भी जानते हैं कि जो हमारा देश है वो कहां जा रहा है, और मैं आपसे कोई सेल्स वाली बात नहीं कर रहा हूं... ठीक है क्योंकि सेल्स पहले ही हो चुकी है। चलिए मान लेते हैं तो ये अच्छी बात है और यहां आने से पहले हम पुरुषोत्तमजी के साथ बैठे थे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आप जाइए और उन्हें बताइए कि आपकी योजना को सफल बनाने के लिए चैनल हर एक मदद के लिए तैयार है। वह एक लाइनर है जो हम आपको बता रहे हैं।)

पुष्प चटर्जी को कहते हैं कि जो plan आपने मुझे अभी बताया उससे अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता लेकिन हम आपको सारी रकम कैश में देंगे जो कि आस्ट्रेलिया के एकाउंट से आपके खाते में आएगी दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यहां पुष्प ने चटर्जी से गैरकानूनी तरीके से लेन-देन की बात की जिसपर चटर्जी ने कहा ठीक है जहां तक finance की बात है what we can do is we can include, you know, a person see after??? from our Noida office … Okay, my and her job basically is understanding your requirement, communicating, interrelate and service that requirement, okay, and the price should be [Rs.] 10 cr net. You know how the nuances of that shall be handled by a person Mukesh Jindal.”(हम क्या कर सकते हैं हम शामिल कर सकते हैं, आप जानते हैं, एक व्यक्ति बाद में देखता है ??? हमारे नोएडा कार्यालय से ... ठीक है.. मेरा और उसका काम मूल रूप से आपकी आवश्यकता को समझना है, संचार करना है, बातचीत करना है और उस आवश्यकता का ध्यान रखना है, ठीक है, और कीमत [रुपये] 10 करोड़ नेट होना चाहिए। आप जानते हैं कि उसकी बारीकियों को मुकेश जिंदल ने कैसे किया)

इसपर पुष्प चटर्जी से उस उस आदमी के बारे में पूछते हैं तो चटर्जी उस शख्स के बारे में और उसकी विशेषता के बारे में विस्तार से बताते हैं “He is based in our Noida office. He handles the finances for any such things that’s we do. He knows how we can manage this keeping your objective in mind, keeping our objective in mind.” ( वो हमारे नोएडा ऑफिस से है.. वह ऐसी किसी भी चीज के लिए finance को संभालता है जो हम करते हैं वह जानता है कि हम अपने उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, इसे कैसे प्रबंधित कर सकते हैं।अपने उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ")

इन्होंने आश्वासन दिया कि ज़ी के रीजनल चैनल अपना एजेंडा चलाएंगे, पत्रकार पुष्प अब यह जानना चाहते थे कि वे नकद भुगतान कैसे समायोजित करेंगे और किस अनुपात में। इसपर पुरुषोत्तम वैष्णव अपने ग्राहक को आश्वस्त करते हैं वो तो हमारी टीम है वो कर देगा जैसा भी होगा हमारी बात हो जाएगीइसके बाद चटर्जी पैमेंट का अनुपात बताते हुए कहते हैं “Fifty percent cash और fifty percent....”( 50 प्रतिशत नकद और 50 प्रतिशत ....)

पत्रकार पुष्प कहते हैं कि मैं कुछ समझा नहीं इसके बाद चटर्जी पूरे लेन-देन के बारे में विस्तार से समझाते हैं “Firstly, we will look at 25 crores if you [are] looking [at] four states, 50% of the money will be in cash and 50% will be in cheque. Cheque part needs to come in totality,” (सबसे पहले, अगर आप चार राज्यों में देख रहे हैं तो हम 25 करोड़ लेंगे, 50% पैसा नकद में होगा और 50% चेक में होंगे। कुल मिलाकर चैक की रकम को ही दिखाना है)

पुष्प इनकी मंशा जानने के लिए फिर पूछते हैं कि इसका मतलब हम 12.5 करोड़ रूपये कैश में दे सकते हैं इसपर चटर्जी हां में जवाब देते हैं और contract sign करने की बात कहते हैं “Yes, we will start signing the contract, okay. We will be giving you how questions should be designed.” (हां, हम contract पर हस्ताक्षर करना शुरू कर देंगे, ठीक है। हम आपको देंगे कि प्रश्न कैसे डिजाइन किए जाने चाहिए।)

इसके बाद पुष्प पुरुषोत्तम से पूछते हैं कि हमारे एंजेडा को चलाने के लिए जो रेट आपने हमें बताए हैं क्या उसमें थोड़ी छूट मिल सकती है इसपर पुरुषोत्तम कहते हैं ये चीजें ये जाने मैं तो पत्रकार आदमी हूं मैं इससे ज्यादा नहीं जानता खुद को पत्रकार बताकर पुरुषोत्तम बड़े ही शातिराना अंदाज में खुद को मुद्दे से बचाते नज़र आते हैं।

पुष्प इन अधिकारियों से बताते हैं कि चैक द्वारा 12.5 crore रूपये का पैमेंट कर पाना उनके लिए मुश्किल भरा होगा लिहाजा बढ़िया होगा कि आप पूरी पैमेंट कैश के जरिए ले लें। इसपर पुरुषोत्तम पुष्प को आश्वस्त कराते हैं और कहते हैं ये कोई बड़ा मुद्दा नहीं है ये आपकी सुविधा के अनुसार हो जाएगा। पुरुषोत्तम कहते हैं  हमारी टीम है जो payments के  part को देखती है वो लोग बात करेंगे आपके साथ आपके convenience पे हो जाएगा कोई बड़ा issue नहीं हैहम लोग उसके बहुत quoted unquoted commit नहीं कर सकते वो आपकी  convenience पे हो जाएगा

ये सब देखने के बाद ये समझने की गुंजाइश ही नहीं बचती कि ज़ी समूह में एक अच्छी तरह से स्थापित तंत्र है जो अपने ग्राहकों से कैश में मिलने वाले पैसे को भी ठिकाने लगा सकता है। ये बात उस वक्त और ज्यादा पुख्ता हो जाता है जब एक वरिष्ठ पत्रकार, सीईओ और रीजनल चैनल के हैड के पद पर कार्यरत जिम्मेदार अधिकारी इस बात का आश्वासन देते हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा के चार राज्यों में अभियान चलाने के लिए पूरे दिन दो घंटे के लिए चटर्जी 25 करोड़ रुपये की बात कहते हैं और पूरा सौदा कैसे विभाजित होगा ये भी बताते हैं 25cr is the deal, okay, net ... yes [excluding GST], देखिए कैश के ऊपर सवाल नहीं है 12.5जो जा रही है वो clientको देना है इसके ऊपर  We will give you the deal. ये जो हमारी जो deal बनेगी वो 12.5 crore की deal बनेगी उसमें entitlement दिया जाएगा आपको  and accordingly payment has to be made as full advance. Full advance means 12.5 [crore] which is 50 % is to be [paid] fully advance. That money will come from which account? Australian account? (और उसके हिसाब से पूरा भुगतान पहले ही किया जाना है.. तो वो पैसा किस खाते से आएगा? ऑस्ट्रेलियाई खाते से? )

पुष्प चटर्जी को बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में मेरे खाते से धन हस्तांतरित नहीं किया जाएगा आप मुझे अपना ऑस्ट्रेलियाई खाता देते हैं तो खाते में रकम कोई और भेजेगा। चटर्जी उत्सुकता से पूछते हैं कि तो आप आस्ट्रेलिया से कब भेजेंगे इसी बीज इसके सहयोगी पुरुषोत्तम कहते हैं कि Worldwide है जी Zee का तो इसपर चटर्जी निश्चित रूप से मदद करने का आश्वासन देते हैं। अगर वो Australia से नहीं हुई if in the country then obviously Zee Unimedia के नाम से cheque बनेगा  आगे पुरुषोत्तम कहते हैं कि  “Zee International के नाम से deal हो जाएगी इसमें क्या है  इन अधिकारियों की बातों से पुष्प को पता लगता है कि सौदा करने के लिए ज़ी यूनिमीडिया या ज़ी इंटरनेशनल के नाम पर भुगतान स्थानांतरित किया जा सकता है।

पुष्प इन्हें बताते हैं कि ज़ी इस सौदे पर कैसे चल रहा है इस बारे में एक आवधिक समीक्षा होगी। इसपर चटर्जी आश्वासन देने हुए कहते हैं कि वो तो कल जब मैं आपको बताया था ना कि पुरुषोत्तम जी का one liner view था मेरे को कि आपको जो भी help चाहिए from the editorial beat we have kept in mind. We will do everything.(संपादकीय स्तर पर हमने ये ध्यान में रखा है, हम हर चीज़ करेंगे)

आगे बढ़कर पुरुषोत्तम पुष्प को आश्वस्त कराते हैं कि उनकी टीम पुष्प के एजेंडा को पूरा करने के लिए कुछ investigative stories भी चलाने को तैयार है “Content में जो आपकी तरफ से input आएगा वो absorb हो जाएगाहमारी तरफ से जो  content generate होगा investigative journalism हम लोग करते हैं करवा देंगे जितना हम लोगों ने किया है उतना किसी ने नहीं किया होगा वो हम लोग करेंगे

जाहिर है ज़ी मीडिया के दोनों अधिकारी चटर्जी और पुरुषोत्तम एजेंडा को बहुत अच्छी तरह समझ चुके हैं और उन्होंने अपने कार्यों को भी बांट लिया है मसलन पेमेंट का लेने-देन चटर्जी संभालेंगे और संपादकीय स्तर पर पुरुषोत्तम मदद करने के लिए तैयार दिखे

पत्रकार के पूछने पर कि कैसे वो investigative stories के जरिए हमारे एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे इसपर पुरुषोत्तम बताते हैं कि वो इस तंत्र का उपयोग कैसे करेंगे- ये सारे AFP के part ही part रहेंगेउसको screen पर किस तौर पर लेकर आना है वो  script में देखेंगे तो आपको लग जाएगा

पुष्प इनसे ये भी पूछते है कि क्या वो विज्ञापन या किसी प्रायोजित कार्यक्रम की तरह टैगलाइन चलाकर इसकी घोषणा करेंगे कि ये कार्यक्रम प्रायोजित है इसपर पुरुषोत्तम आश्वस्त करते हैं कि वो आप छोड़ दीजिए इसपर पुरुषोत्तम के सहयोगी चटर्जी बताते है कि वो कैसे इस तंत्र का इस्तेमाल करेंगे वो newspaper में आता है advertorial लिखा हुआलेकिन TV में ऐसा नहीं आता

पत्रकार पुष्प कहते हैं कि चुनाव से कुछ महीने पहले आपको हमारे एजेंडा पर और ज्यादा aggressive होना होगा इसपर पुरुषोत्तम आश्वासन देते हैं कि वो तो जो plan आप चाहें … election के  time में तो वैसे भी इतनी अग्नि प्रजवलित हो चुकी होती है कि वो ऊर्जा अलग होती है

ये पुष्टि करने के लिए ये अधिकारी हमारे एजेंडा को अच्छी तरह से समझ चुके हैं और इसे चलाने के लिए भी तैयार हैं पत्रकार उन्हें फिर से बताते हैं कि उनके एजेंडे के चार अंक हैं। पुष्प एक बार फिर कहते हैं कि चुनाव के दौरान उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को टारगेट करना होगा ताकि हवाओं का रुख बदला जा सके इसपर पुरुषोत्तम कहते हैं कि “Done.”

पुष्प शर्मा का अगला पड़ाव था ज़ी मीडिया का चंडीगढ़ दफ्तर। यहीं से ज़ी के पंजाब, हरियाणा और हिमाचल रीजनल चैनल का संचालन होता है। यहां पुष्प की मुलाकात होती है सीनियर सेल्स मैनेजर सागर अरोड़ा से। पुष्प सागर को अपना एजेंडा समाझते हैं और उन्हें बताते हैं कि चुनाव में ध्रुवीकरण के लिए वो हिंदुत्व का प्रमोशन चाहते हैं, कट्टर हिंदूवादी नेताओं के भाषणों का प्रचार चाहते हैं और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों का चरित्र हरण कराना चाहते हैं। व्यंग्यात्मक तरीके से पप्पू और बहनजी जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर उनकी छवि खराब की जा सके। पुष्प उन्हें बताते हैं कि उनकी पार्टी के लिए पंजाब में एक जमीन तलाशना सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए हमारे मीडिया अभियान के माध्यम से अकालियों को उखाड़ फेंकना जरूरी है, और ये काम हम आपके चैनल को सौंपेंगे। तो वो investigative stories के जरिए कैसे उनकी मदद कर सकते हैं।

इसपर सागर अरोड़ कहते हैं कि सर वो तो निकालते रहते हैं अभी इन्होंने बहुत लगाया बहुत पैसा कमाया है और election time में अगर हमारा चैनल closely watch किया हो पंजाब में.. हमारे चैनल ने अकालियों की जो बैंड बजाई है आप सोच नहीं सकते

पुष्प पूछते हैं कि क्या वाकई आपने ऐसा किया है इसपर सागर कहते हैं कि हां that is there …इन्होंने अकालियों को बिल्कुल नहीं छोड़ा.. इनके पांच-छह दिनों में एकदम change कर दिया और कुछ वोट convert भी हुई

अरोड़ा पुष्प को जिस तरीके से बता रहे हैं उससे अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि आज के दौर में मीडिया कितना शक्तिशाली हो सकता है, मीडिया किसी की किस्मत, राजनीतिक या व्यक्ति को बना भी सकता है और मार भी सकता है।

भोजपुरी में ज़ी मीडिया का प्रयास 2015 में ज़ी पुरवैया के लॉन्च के साथ शुरू हुआ था। भोजपुरी भाषा अधिकतर पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल तराई के इलाकों में बोली जाती है। आज देश में भोजपुरी भाषा के दर्जनों समाचार और मनोरंजन चैनल हैं इन्हीं में से एक है ज़ी पुरवैया। ये चैनल ज्यादातर बिहार और झारखंड के मुद्दों को उठाता है। पुष्प शर्मा ज़ी पुरवैया के पटना ऑफिस में जा पहुंचे यहां इनकी मुलाकात एसिस्टेंट मैनेजर अमित कुमार से हुई। पुष्प इनसे पूछते हैं कि क्या वो इनके राजनीतिक प्रतिद्वंदियों जैसे कांग्रेस, RJD, सपा और बसपा के खिलाफ अपने चैनल पर कंटेंट चला सकते हैं। पुष्प के सवाल पर अमित कहते हैं कि उनका चैनल pro-BJP है यानी चैनल की विचारधारा बीजेपी के पक्ष में है। लाख हम कहें या दुनिया कहे कि हम भाजपा से supported हैं या भाजपा minded हैं जो कुछ भी हो but as a channel आपको अपनी विश्वसनियता को बनाए रखना होता है ठीक है मेरे मन में जो बात है वो तो कहीं न कहीं से निकलेगी और लोग समझते भी हैं इस चीज को pro होना ये लोग समझते हैं but directly नहीं बोलते

यह सुझाव देते हुए कि यदि हम पैनल चर्चा के दौरान अपने विरोधियों पर हावी होना चाहते हैं हमारे पास मजबूत मुद्दे होना चाहिए और इसमें अनिवार्य कौशल होना चाहिए इसपर उन्होंने वादा किया कि वो इस संबंध में चैनल के क्षेत्रीय प्रमुख (regional head) से बात करेंगे वही-वही वाकपटुता चाहिए वो तो ये चीज मैं Resident Director साहिब से बात कर लूंगा..आवश्यकता पड़ी तो मैं आपकी बात भी करा दूंगा वो उस level पर हमारी पूरी कोशिश रहेगी पैरवी रहेगी कि इन्हें chance दिया जाए Hope they may consider(उम्मीद है कि वे इसपर विचार कर सकते हैं)

पुष्प की अगली मुलाकात प्रदीप कुमार सिन्हा से होती है। प्रदीप ज़ी पुरवैया चैनल में Territory Sales Head के पद पर कार्यरत हैं। पुष्प इन्हें बताते हैं कि वो अपने मीडिया अभियान को चैनल पर चलाने के बदले जो पेमेंट देंगे वो कैश में होगा इस पर सिन्हा कहते हैं कि इसके लिए उन्हें किसी तीसरी पार्टी को बीच में शामिल करना पड़ेगा इसमें तो हमें फिर एजेंसी को involve करना पड़ेगा क्योंकि होगा क्या हमारे यहां क्या है ना कि सब आपके GST number, PAN card जैसे ही डालेंगे ना तो white money …या अगर हम यहां से agency involve करते हैं तो कुछ हमें agencyसे रास्ता निकालना पड़ेगा तुम्हारा मतलब है कि परेशानी हो सकती है ?

यह जानने के बाद कि उनके पास कुछ एजेंसी है जो उन्हें उनके ग्राहकों से भुगतान के लिए मिलने वाले मोटे कैश को कम करने में मदद कर सकती है पुष्प ने इनसे अगला सवाल पूछा कि क्या वो बिहार और झारखंड दोनों में अपनी पैनल चर्चाओं में प्रतिद्वंदी राजनीतिक दलों को झुका सकते हैं इस पर सिन्हा कहते हैं कि हम ऐसा केवल ज़ी के पटना स्टेशन पर ही कर सकते हैं ये तो यहीं से होगा वो तो हो जाएगा सर ये चैनल it covers Bihar and Jharkhand दोनों

आगे ये हमें बताते हैं कि जब हमारा negotiations सब चीज़ हो जाएगा तो we can manage that... वहां पर लोग different party के बैठेंगे जो  representativeहोंगे उनको भी बिठाएंगे..वो कोई दिक्कत नहीं है... वो identify कर देंगे कि किनके कैसे करना है किनके तो clear picture हो जाएगा

जब एक territory sales head जैसे पद पर बैठा उच्च अधिकारी इस एजेंडा पर काम करने के लिए राजी हो जाता है इसके बाद शक की गुंजाइश ही खत्म हो जाती है कि ज़ी मीडिया एक जिम्मेदार पत्रकारिता की कसौटी पर कितना खरा उतर रहा है।

सिन्हा ये भी आश्वासन देते हैं कि वो पुष्प के एजेंडा को पूरी कवरेज देने के लिए चैनल कुछ रिपोर्टर भी नियुक्त करेगा जहां जहां आप करोगे वहां हमारा रिपोर्टर पहुंच जाएगा हर जगह Even then प्रखंड level पर हमारा रिपोर्टर है, block में है, district में है हर जगह

ज़ी समूह के ये कर्मचारी इस सौदे को पक्का करने के लिए इतने उत्सुक थे कि इन्होंने शर्मा को प्रस्तावित एजेंडा को चलाने के लिए बाकायदा प्रपोजल भी भेजे। लेकिन जब पुष्प ने इनके email का कुछ कारणों की वजह से जवाब नहीं दिया तो अमित कुमार ने पुष्प को फोन कर इस एजेंडे को चलाने की बात कही हां एक revert कर दिया जाए मैं call arrangeकरता हूं बाकी सारी details मैंने अपने deed के साथ आपने देखा होगा banking details वगैरह सब दिया हुआ था उसमें

पुष्प ने अमित से कहा कि वो इस एजेंडा के बारे में अपने सीईओ पुरुषोत्तम से बात करें, इसपर अमित ने कहा कि मैं वो बिल्कुल discuss कर लूंगा सर आज ही मैं arrange करा दूंगा आपकी call.

पुष्प ने कहा कि आप प्रपोजल में उल्लेख नहीं कर सकते हैं कि आपका हिंदुत्व के प्रति एजेंडा और प्रतिद्वंदी झुकाव रहेगा लेकिन यह आपके बॉस पुरुषोत्तम के संज्ञान में होना चाहिए। यहां अमित कहते हैं कि बिल्कुल मैं बिल्कुल आज ही call arrange कराऊंगा वो तो वैसे भी written में नहीं आएगा वो तो verbally चलेगा अमित कहता है कि उन्हें पुष्प के प्रस्ताव की स्वीकृति है कि हां तो आप एक revert कर दें सर मैं फिर पुरुषोत्तम जी से बात करा दूंगा आपकी बात करा....

उत्तराखंड ज़ी न्यूज़ के सीनियर मैनेजर सेल्स अभिषेक पांडे से भी पुष्प की मुलाकात हुई इन्होंने भी एजेंडा को सुना और हर बात पर तैयार दिखे जैसा भी पूरे ज़ी समूह में देखा गया है। पत्रकार के साथ अपनी बातचीत में, पांडे ने फिर से समर्थक हिंदुत्व और समर्थक भाजपा के बारे में बताया। पुष्प ने पांडेय को पप्पू वाले FM jingles सुनाए और पूछा कि क्या आप इस तरह का मीडिया कैंपन चला सकते हैं। पांडेय को इसमें कोई गुरेज नहीं था वो बोले Indirect way में है वो तो.. कोई दिक्कत नहीं है उसमें

पांडेय की बात से ये साफ जाहिर था कि उन्हें पुष्प के प्रतिद्वंदियों के चरित्र हरण में भी कोई गुरेज नहीं है आगे पुष्प ने पांडेय को बताया कि सपा और बसपा जैसे प्रतिद्वंदी दलों के खिलाफ आक्रामक झुकाव होना चाहिए। पांडेय ने सहमति जताते हुए कहा कि इन्होंने ही सबसे ज्यादा dent मारा है हिंदुत्व पे अब पुष्प पांडेय से कहते हैं कि वो इस बात को लिखें कि शुरुआती तीन महीने उन्हें soft Hindutva का एजेंडा चलाना है लेकिन जैसे ही चुनाव नज़दीक आएगा वो चाहेंगे कि ज़ी उनके अभियान को उग्र तरीके से चलाए ताकि सांप्रदायिक लाइनों पर मतदाताओं को ध्रुवीकरण किया जा सके। इसपर पांडेय ने तुरंत जवाब दिया कि ठीक है.. हां हां ठीक है

आगे पुष्प ने पांडेय से मांग की कि आपको एसपी, बीएसपी और कांग्रेस के खिलाफ investigative stories चलानी होंगी इस पर पांडेय ने हां में जवाब दिया जी जी जी हूं ठीक है..हूं हूं

पुष्प ज़ी के इस अधिकारी को बताते हैं कि इस सौदे में संपादकीय व्यवस्था का हिस्सा होगा लेकिन हम इस बारे में संपादकीय टीम से चर्चा नहीं करेंगे इसी बीच पांडे कहते हैं कि नहीं नहीं वो हम करेंगे

पुष्प कहते हैं कि जब हमारे किसी भी नेताओं या उनके रिश्तेदारों के खिलाफ मीडिया में कहानियां दिखाई देती हैं, तो उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है तो पांडेय कहते हैं कि ठीक बात है.. नहीं हम वहीं करते हैं सर ज़ी को तो आप जानते ही हैं soft Hindutva और भाजपा

पत्रकार पुष्प एक बार फिर इन्हें इनका वायदा याद दिलाते हैं और बतातें है कि उन्हें ऐसे नेताओं और पार्टियों पर खास ध्यान देना होगा जो उनके खिलाफ हैं इसपर पांडेय कहते हैं हां हम देख लेंगे पुष्प पांडेय को याद दिलाते हैं कि उनके चैनल को खास तौर पर तीन प्रतिद्वंदी पार्टियों की बैंड बजानी होगी इस पर पांडेय कहते हैं कि ठीक है वो तो बज जाएगी.. खूब बज जाएगी

इस सौदे को हासिल करने की उत्सुकता में, ज़ी अधिकारियों ने अपने संभावित ग्राहक पुष्प शर्मा को तीन प्रस्ताव(प्रपोजल) भेजे। इससे से स्पष्ट हो जाता है कि ज़ी मीडिया पत्रकारिता की आड़ में सिर्फ हिंदुत्व और बीजेपी की सेवा कर रही है।

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Operation 136: Part 1

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