Sunday 17th of January 2021
'आर्म्ड फोर्सेज में व्यभिचार को क्राइम ही रहने दें', सुप्रीम कोर्ट से केंद्र की गुहार- 3 जजों ने CJI को भेजा केस
राष्ट्रीय

'आर्म्ड फोर्सेज में व्यभिचार को क्राइम ही रहने दें', सुप्रीम कोर्ट से केंद्र की गुहार- 3 जजों ने CJI को भेजा केस

Newsdesk |
January 13, 2021

{व्यभिचार को लेकर IPC की धारा 497 को रद्द करने का मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सैन्य बलों में व्यभिचार को अपराध ही रहने दिया जाय. सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने आज केंद्र सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया है. साथ ही इसकी सुनवाई पांच जजों की संविधान पीठ में कराने के लिए मामले को मुख्य न्यायाधीश जस्टिए एसए बोबडे के पास भेजा है.}



13 जनवरी 2021 नई दिल्ली

केंद्र ने कहा है कि दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा व्यभिचार पर दिए गए फैसले को सशस्त्र बलों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए, जहां एक कर्मचारी को सहकर्मी की पत्नी के साथ व्यभिचार करने के लिए असहनीय आचरण के आधार पर सेवा से निकाला जा सकता है. जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने केंद्र की याचिका पर ये  नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संविधान पीठ ने 27 सितंबर 2018 को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 497 व्यभिचार कानून को खत्म कर दिया था. फैसला सुनाते हुए देश के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश (CJI) दीपक मिश्रा ने कहा था, "यह अपराध नहीं होना चाहिए." 

Source -NDTV


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