अफगानिस्तान की जमीन का किसी भी रूप में आतंकवाद के लिये इस्तेमाल न हो : भारत, ऑस्ट्रेलिया ने कहा
राष्ट्रीय

अफगानिस्तान की जमीन का किसी भी रूप में आतंकवाद के लिये इस्तेमाल न हो : भारत, ऑस्ट्रेलिया ने कहा

Newsdesk |
September 12, 2021

{भारत और ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान की जमीन का किसी भी रूप में आतंकवाद के लिये इस्तेमाल किये जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और उसे दोबारा आतंकवादियों की "शरणस्थली'' कभी नहीं बनने दिया जाए. दोनों देशों ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा की. }



12 सितम्बर 2021 नई दिल्ली

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आरंभिक ''टू-प्लस-टू'' वार्ता में स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अपने साझा दृष्टिकोण और बिना किसी समझौते के आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व पर जोर दिया. इस क्षेत्र में चीन की सैन्य आक्रामकता में वृद्धि देखी गई है. दोनों देशों के बीच यह वार्ता उस दिन हुई है, जब 9/11 आतंकी हमले की 20वीं बरसी है, जिसके बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला किया था. भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आतंकवाद से कोई समझौता नहीं करने और उसका मजबूती से मुकाबला करने का आह्वान किया. विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्षों क्रमश: मारिस पायने और पीटर डटन के साथ यहां पर आरंभिक ''टू-प्लस-टू'' वार्ता की. विदेश मंत्री जयशंकर ने अपनी बातचीत को सार्थक' बताया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ ऑस्ट्रेलिया के साथ टू प्लस टू वार्ता सार्थक रही.'' जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान चर्चा का प्रमुख विषय रहा.

Source - NDTV

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