राष्ट्रीय संगीनों के साए में मन रही है ‘जन्नत’ की बकरीद

संगीनों के साए में मन रही है ‘जन्नत’ की बकरीद

आज ईद-उल-जुहा (बकरीद) का त्योहार है। देशभर में हर और बाजारों में रौनक और चहल-पहल है। सेवई, मेवे और  मिठाइयों की दुकानों से लेकर बकरा मार्केट पर खरीदारों की भीड़ लगी हुई है।


Cobrapost - September 13, 2016

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आज ईद-उल-जुहा (बकरीद) का त्योहार है। देशभर में हर और बाजारों में रौनक और चहल-पहल है। सेवई, मेवे और  मिठाइयों की दुकानों से लेकर बकरा मार्केट पर खरीदारों की भीड़ लगी हुई है। जहां एक और पूरे देश में बकरीद मनाई जा रही है, वहीं कश्मीर के लोगों के लिए ये बकरीद फीकी हो गई है। कश्मीर में ऐसा पहली बार है जब ईद के मौके पर कर्फ्यू लगा है।

कश्मीरी बकरीद के दिन भी कर्फ्यू झेल रहे है, सभी दुकानों के बंद रहने के कारण बाजार से रौनक गायब है। मिठाई की दुकानों के बाहर लिखा है कि ‘ईद पर किसी तरह की बेकरी उपलब्ध नहीं है।’ वहीं बकरा बेचने वाले नवेद ने बताया वह हर साल बकरीद पर 1000-1200 बकरे बेचता है और इस साल वह बस 600 बकरे लाया जिस में से सिर्फ 200 ही बेच पाया। हर और सूना पड़ा है। देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा जैसे की आज बकरीद का त्योहार है

आमतौर पर कश्मीर में त्योहार की पूर्व संध्या पर बाजारों में चहल पहल दिखती थी, लेकिन आज ये रोनक गायब है। दरअसल हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद नौ जुलाई से कश्मीर घाटी में लगातार हिंसा और बंद के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। वहीं अलगाववादियों ने भी ईद को सादगी के साथ मनाने का फरमान जारी किया है। अलगाववादियों ने घाटी में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों का हवाला देकर कहा है कि ईद मनाते समय जश्न के पहलु से परहेज रखा जाए।

वीडियो में देखें कैसे पिछले साल ईद पर बाजारों में रोनक लगी हुई थी। बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी।

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Tags : आज ईद-उल-जुहाबकरीद


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