कुनबे में कलह जारी, शिवपाल ने रामगोपाल के भांजे को सपा से निकाला

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फोटो: साभार

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने रविवार(18 सितंबर) को राम गोपाल यादव के दो निकट संबंधियों को निष्कासित कर दिया। उनके इस कदम से परिवार में एक बार फिर तनाव पैदा होने की आशंका है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश अध्यक्ष का पद स्वीकार करने वाले शिवपाल ने रविवार को पार्टी कार्यालय पहुंचकर प्रभार संभाला।

शिवपाल ने अपने पहले फैसले में पार्टी के विधानसभा सदस्य अरविन्द प्रताप यादव और इटावा में पूर्व ग्राम प्रधान अखिलेश कुमार यादव को भूमि कब्जे तथा ऐसी ही अन्य गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल रहने के लिए निष्कासित कर दिया। अरविन्द राम गोपाल के भांजे हैं।

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सूत्रों ने बताया कि अरविन्द और अखिलेश के खिलाफ भूमि पर कब्जा करने तथा अन्य कई शिकायतें थीं। सपा के राज्य सचिव एसआरएस यादव ने बताया कि अरविन्द को पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अशोभनीय एवं अपमानजनक टिप्पणी और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के लिए निष्कासित किया गया है।

सपा कार्यालय पहुंचने से पहले शिवपाल मुलायम से हवाई अड्डे पर मिले। मुलायम दिल्ली रवाना हो रहे थे। उक्त दो नेताओं के निष्कासन से मुलायम परिवार में फिर तनाव पैदा होने की आशंका है, क्योंकि दोनों ही राम गोपाल के करीबी माने जाते हैं। हालांकि, शिवपाल के करीबियों ने बताया कि जो भी फैसला किया गया है, उसकी जानकारी मुलायम को है।

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पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवपाल ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए हर किसी को पार्टी मजबूत करने में लग जाना चाहिए, ताकि एक बार फिर सपा की बहुमत वाली सरकार बने। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि पार्टी में गुटबाजी नहीं होनी चाहिए। जो गुटबाजी करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा।

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शिवपाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि ‘‘यदि आप नारे लगाना चाहते हैं तो पहले पार्टी के लिए नारे लगाइए, फिर नेताजी (मुलायम) के लिए और फिर मुख्यमंत्री के लिए नारे लगाइए।’’ सपा के खिलाफ बसपा प्रमुख मायावती की टिप्पणी पर शिवपाल ने कहा कि मायावती को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपनी पार्टी की चिन्ता करनी चाहिए। अगले चुनाव में मायावती की पार्टी का सफाया हो जाएगा।

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