मोदी के दो सूरमाओं के बीच ‘दंगा’, एक ने कहा ‘करो’, दूसरे ने कहा ‘नहीं करूंगा’

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मोदी के दो सूरमाओं
फोटो साभार
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नई दिल्ली: मोदी के दो सूरमाओं के बीच ठन गई है। ये दो सूरमा हैं फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के (FTII) के हेड गजेंद्र चौहान और भारतीय सेंसर बोर्ड के चीफ़ पहलाज निहलानी। मामला कुछ यूं है कि गजेंद्र चौहान की एक फ़िल्म है जिसका नाम है ‘दंगा’। इस फ़िल्म में जवाहरलाल नेहरू को अय्याश बताया गया है और जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तारीफ़ की गई है। गजेंद्र चौहान जब इस फ़िल्म को लेकर सेंसर बोर्ड गए तो पहलाज निहलानी ने इसे ओके करने से मना कर दिया। आपको बता दें कि दोनों की नियुक्ति मोदी सरकार ने ही की है और दोनों मोदी के ही सूरमा हैं।

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निहलानी ने बताया कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने ‘दंगा’ नाम की फिल्म को मंजूरी देने से मना कर दिया है, जो 1946 में कोलकाता में हुई हत्याओं पर आधारित है। इसमें चौहान ने मुखर्जी का रोल निभाया है।ईकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक निहलानी ने कहा, ‘फिल्म में सही तथ्यों का अभाव है और इससे देश में लॉ एंड ऑर्डर को दिक्कत हो सकती है। फिल्म में काफी हिंसा है और खास तौर पर एक नेता के खिलाफ भद्दे डायलॉग हैं, जो बाद में देश के प्रधानमंत्री बने। बोर्ड मेंबर्स के बीच इस फिल्म को मंजूरी नहीं देने को लेकर सहमति थी। बोर्ड के मेंबर्स को लगा कि फिल्म हिंसा का माहौल बना सकती है।’
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