तिरंगे का रख-रखाव बना तेलंगाना सरकार के गले की फांस

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सिनेमाघरों में

हैदराबाद। तेलंगाना सरकार के लिए तिरंगे झंडे का रखरखाव भारी पड़ रहा है और इसकी वजह है बिना रिसर्च किए तिरंगे की जगह चुनना और तिरंगे को फहराना। दरअसल तेलंगाना सरकार ने राज्य की स्थापना की दूसरी वर्षगांठ पर देश का दूसरा सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया था। लेकिन तेज़ हवाओं के चलते ये कुछ दिन बाद ही फट गया। इसके बाद सरकार ने दोबारा यहां तिरंगा लगाया..लेकिन ये भी हवाओं की टक्कर सह ना सका और जल्द ही फट गया। अब सरकार के लिए तिरंगे का रखरखाव जी का जंजाल बन चुका है। क्यों कि जो जगह तिरंगे के लिए चुनी गई थी। वहां अक्सर तेज़ हवाओं का जोर रहता है जिसके चलते तिरंगा बार-बार फट जाता है। सरकार की लापरवाही ये रही कि उन्होंने तिरंगे से पहले सही जगह का चुनाव नहीं किया।
संजीवैया पार्क में जहां इस तिरंगे को स्थापित किया गया था, वहां एक ऊंचा पोल लगाया गया था। जिसपर तिरंगा लहराता था। लेकिन बार-बार तिरंगा फटने से परेशान सरकार ने इस पोल पर अब तिरंगा फहराना ही बंद कर दिया। आखिरकार आलम ये है कि पार्क के बीचों-बीच गढ़ा ये पोल अब बिना तिरंगे के सूना खड़ा है। उधर मॉनसूनी हवाओं का रुख तेज होने की वजह से नगर निगम थक चुका है। आपको बता दें कि इस झंडे की देखरेख का जिम्मा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम यानी जीएनएमसी को दिया गया था।

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