भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात, उधर रूस और अमेरिका भी आमने-सामने, क्या होगा अंजाम?

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युद्ध

उरी हमले के आठ दिन बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। दोनों देशों के बीच उथल पुथल देखी जा रही है, वहीं युद्ध को लेकर जहां भारत कभी भी बड़ा फैसला ले सकता है वहीं पाकिस्तान ने भी अपनी तैयारियां पूरी करनी शुरू कर दी हैं। इधर भारत के प्रधानमंत्री मोदी भी इस बात को मान चुके हैं कि देश में 1965 जैसे हालात हो रहे हैं। वहीं पाकिस्तानी नेताओं की भी युद्ध को लेकर टिप्पणी सामने आने लगी हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया में चल रहे संघर्ष पर रूस और अमेरिका आमने सामने आ गये। अमेरिका ने सीरिया में जारी रूस की कार्रवाई को‘बर्बरता’करार दिया तो वहीं रूस ने कहा कि इसके बिना सीरिया में शांति संभव नहीं है।

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हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक पिछले सप्ताह संघर्ष विराम के विफल होने के बाद सीरिया में शांति बहाली के मुद्दे पर की गयी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका और रूस के राजनायिकों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत समांथा पावर ने कहा है, ‘सीरिया में रूस जो कर रहा है, वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं, ‘बर्बरता’है। वहां शांति स्थापना करने की कोशिश की जगह रूस और सीरिया के राष्ट्रपति बसर अल असद वहां युद्ध जारी रखे हुए हैं। वे लोगों की जान बचाने की जगह ये नागरिकों को निशाना बना रहे है। रूस की कार्रवाई में मानवीय सहायता करने वाले समूह और अस्पतालों निशाना बनाया जा रहा है।’

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इस मुद्दे पर फ्रांस और ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने भी अमेरिका का समर्थन करते हुये रूस पर निशाना साधा। रूस ने हालांकि इन आरोपो को खारिज करते हुये कहा, ‘ सीरिया में सैकड़ों सशस्त्र सेनाएं हैं, जिन्हें हथियार मुहैया करया जा रहा है। वहां अंधाधुंध बमबारी जारी है और अब इसकी वजह से वहां शांति कायम करना अब काफी मुश्किल है।

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संयुक्त राष्ट्र के सीरिया संबंधी प्रतिनिधि स्टीफन द मिस्तूरा ने सीरिया में संघर्ष विराम लागू करने के लिये किसी नतीजे पर पहुंचने परिषद से अपील की है। उन्होंने कहा, ‘मुझे अब भी विश्वास है कि हम सीरिया में बदलाव ला सकते हैं। सीरिया में शांति कायम करने की अपनी कोशिशों को मैं जारी रखूंगा।’

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